राहुल गांधी का मोदी सरकार पर डराने-धमकाने का आरोप, बीजेपी ने दिया जवाब

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और इस देश ने जो 70 साल में बनाया, उसको 8 साल में खत्म कर दिया गया है.
राहुल गांधी ने शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जिसमें उन्होंने महंगाई, बेरोज़गारी और विपक्ष पर हमले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी इसके बाद मीडिया संबोधन के ज़रिए कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दिया.
बीजेपी ने कहा कि मंहगाई और बेरोजगारी तो एक बहाना है. सही कारण तो ईडी को धमकाना, डराना और एक परिवार को बचाना है. बीजेपी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे ज़्यादा हत्या कांग्रेस की सरकार के दौरान हुई है.
कांग्रेस ने शुक्रवार को महंगाई, बेरोज़गारी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है.
पार्टी ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च और प्रधानमंत्री आवास के घेराव की भी घोषणा की है.
हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में जंतर-मंतर इलाक़े को छोड़ धारा 144 या निषेधाज्ञा लगा दी है.
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राहुल गांधी की प्रेस वार्ता की मुख्य बातें:-
- क्या आप लोकतंत्र की मौत का मज़ा उठा रहे हैं उसके बारे में आपको क्या लगता है? क्या महसूस हो रहा है. जो इस देश ने 70 साल में बनाया, उसे आठ साल में ख़त्म कर दिया गया.
- आज हिंदुस्तान में लोकतंत्र नहीं है, आज चार लोगों की तानाशाही है. हम बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा उठाना चाहते हैं. लोगों को बांटने पर बोलने चाहते हैं, संसद में सवाल उठाना चाहते हैं.
- हमें संसद में बोलने नहीं दिया जाता. जो इसके ख़िलाफ़ बोलता है उसे जेल में भेज दिया जाता है. ये सरकार दो-चार बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए चल रही है.
- विपक्ष लोकतंत्र में संस्थाओं के बल पर लड़ता है. देश की क़ानूनी, न्यायिक, चुनावी संस्थाओं और मीडिया के बल पर विपक्ष खड़ा होता. ये सभी संस्थाएं सरकार को पूरा समर्थन दे रही हैं. सरकार ने अपने लोग इन संस्थाओं के अंदर बैठा रखे हैं. कोई संस्था स्वतंत्र नहीं है. ये आरएसए के कंट्रोल में है. आरएसएस का एक व्यक्ति इनके अंदर बैठा है. हम पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.
- जितना मैं लोगों के मुद्दा उठाउंगा, जितना सच्चाई बोलूंगा, उतना मेरे ऊपर हमला होगा. मैं लोकतंत्र के लिए खड़े होने का काम करूंगा, बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा उठाऊंगा, मेरे ऊपर और आक्रमण होंगे. जो धमकाता है, वो डरता है. अपने किए वादों को पूरा होने से डरते हैं. ये दिन भर झूठ बोलते हैं इसलिए डरते हैं. मुझे लोगों के मुद्दे उठाने पर होने वाले हमले अच्छे लगते हैं. उससे मुझे सीखने को मिलता है. ये लोग ये बात नहीं समझते.
- ये गांधी परिवार पर इसलिए हमला करते हैं क्योंकि हम एक विचारधारा के लिए लड़ते हैं. इस देश में हमारे जैसे करोड़ों लोग हैं. हम सालों से ये कर रहे हैं. जान दी है मेरे परिवार के लोगों ने. ये हमारी ज़िम्मेदारी कहें या कर्तव्य कहें. जब किसी मुसलमान, दलित, महिला को मारा जाता है तो हमें दर्द होता है. हम इसके ख़िलाफ़ लड़ते हैं. ये एक परिवार नहीं विचारधारा है.
- आज सबसे ज़्यादा बेरोजगार हिंदुस्तान में है, महंगाई, गैस-सिलेंडर के दाम बढ़ते जा रहे हैं, वित्त मंत्री को ये आंकड़े दिख ही नहीं रहे हैं या उनको बताया गया है कि बस बोलते जाइए. आप किसी भी कस्बे, गांव, शहर में चले जाइए आपको बताएंगे कि आज सबसे ज़्यादा महंगाई है. वास्तविकता अलग है और धारण अलग बनाई जाती है.
- कहते हैं स्टार्टअप इंडिया. पूरा ट्रांसफॉर्मेशन कर दिया. आप मुझे दिखाओ कि स्टार्ट अप इंडिया है कहां. स्टार्ट अप लोगों को निकाल रहे हैं, सड़क पर फेंक रहे हैं. कोविड में हिंदुस्तान में कोई नहीं मरा. स्वास्थ्य मंत्री आपको कहेंगे कि हिंदुस्तान का प्रदर्शन दुनिया के सब देशों से बेहतर था. यूएन आपको कह रहा है कि 50 लाख लोग मर गए हैं. हिंदुस्तान की सरकार कह रही है कि वो झूठ बोल रहा है.
- गुजरात में आप जाएंगे वहां लाशों के ढेर लग गए थे, गंगा में लाखों लोग मरे, लेकिन हिंदुस्तान की सरकार कहती है ये सच्चाई नहीं है. महंगाई बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन सरकार कहती है ये सच्चाई नहीं है. पूरा कम्युनिकेशन ढांचा उनके हाथ में है.
- वित्त मंत्री को नहीं पता कि देश की अर्थव्यवस्था में क्या चल रहा है. वो बस माउथपीस हैं. अगर उन्हें पता होता तो देश की ये हालत नहीं होती. हमारा काम विपक्ष का है. हम विरोध के अलग-अलग तरीक़े अपनाएंगे लेकिन विरोध करना नहीं छोड़ेंगे.

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अशोक गहलोत और जयराम रमेश ने क्या कहा
शुक्रवार को राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश भी मौजूद थे.
अशोक गहलोत ने कहा, ''संविधान की जिस स्पीड में धज्जियां उड़ रही है, वो पहली बार है. आज जब संसद चल रही है तो आप बुला रहे हो. ईडी का आतंक है. आजतक सुना था कि सीबीआई छापा डालती है पुलिस पर. अब पुलिस छापे डाल रही है सीबीआई पर.
''नेशनल हेराल्ड एक अख़बार है. आज जब एक अख़बार पर हमला हो सकता है तो किसी पर भी हो सकता है. जब जर्मनी में हिटलर की तानाशाही हुई थी. विपक्षी, बुद्धिजीवी, अल्पसंख्यक, राजनेता जब विरोध कर रहे थे तो जनता चुप रही, सोचा कि ये राजनीति है लेकिन हिटलर की नीतियों के कारण जब देश बर्बाद हो गया तो जनता को पछताना पड़ा था. आप देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हो, ये धीरे-धीरे समझ आएगा. इस देश में चुनौतियां हैं, हम सभी को आगे आना पडे़गा. ''
जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा,"एक तरफ़ एक व्यक्ति हैं जो बैठकर आपके सवालों का जवाब देते हैं, दूसरी तरफ़ एक व्यक्ति हैं जिन्होंने आठ साल से एक भी प्रेस वार्ता नहीं की है. एक तरफ़ एक व्यक्ति हैं जो बिना कोई कागज़ के आपके सवालों का जवाब दे रहे हैं, दूसरी तरफ़ एक व्यक्ति हैं जो टेलिप्रॉम्प्टर जीवी हैं.''
''मेरे विचार में सबसे मुख्य बात जो राहुल जी ने कही वो है... जो धमकी देते हैं, वो डरते हैं, जो राजनीतिक प्रतिशोध में विश्वास रखते हैं, जो लोगों को डराते हैं, चर्चा से भागते हैं, जनता के मुद्दों से भागते हैं वो डरे हुए हैं.''

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भारतीय जनता पार्टी का जवाब
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है. पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने मीडिया संबोधन में कांग्रेस पर झूठ बोलने और एक परिवार के फायदे के लिए देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया.
उन्होंने संसद में चर्चा ने करने के राहुल गांधी के आरोपों पर कहा, ''राहुल गांधी ने साफ़ झूठ बोला है. अभी दो दिन पहले जो चर्चा हुई उसमें कांग्रेस के नेताओं ने भाग लिया या नहीं. बड़े छोटे, निम्न स्तर के आरोप लगाए या नहीं.''
उन्होंने कहा कि मंहगाई और बेरोजगारी तो एक बहाना है. सही कारण तो ईडी को धमकाना, डराना और एक परिवार को बचाना है.
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रविशंकर प्रसाद ने बीजेपी पर तानाशाही के आरोपों पर कहा, ''राहुल गांधी ने एक बहुत ही शर्मनाक बात कही है. राहुल गांधी को याद नहीं है कि उनकी दादी ने इमरजेंसी लगाई थी. तब बड़े-बड़े संपादकों को जेल में बंद किया गया था, सेंसर लगाया गया था. आपकी दादी ने न्यायपालिका की प्रतिबद्धता की बात कही थी. क्या आपकी पार्टी में लोकतंत्र है? राहुल गांधी जवाब दें. आपकी पार्टी में अच्छे नेता हैं लेकिन बस सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका जी नाम आता है.''
''हिटलर की बात कर रहे हैं, उसे कितना पढ़ा है आपने. इस देश में तानाशाही रही है तो कांग्रेस के समय पर रही है.''
''आपकी अगुवाई में कांग्रेस पार्टी बार-बार हारती है. जब भारत के लोग आपको बार-बार खारिज करते हैं तो आप लोकतंत्र और हम पर ठीकरा क्यों फोड़ते हैं. सही बात ये है कि कांग्रेस का लोकतंत्र, भ्रष्टाचार तंत्र था. नरेंद्र म्रोदी की अगुवाई में सत्ता के गलियारों में बिचौलियों के दरवाजे बंद हैं. उसकी व्यथा राहुल गांधी की बातचीत में दिखाई पड़ती है. राहुल गांधी कहते हैं कि वो सत्य बोलते हैं तो एकबार देश को बता दीजिए कि वो जमानत पर क्यों है. ये पूरा केस हमारी सरकार के आने से पहले हुआ है. तब इसे लेकर शिकायत हुई.''
उन्होंने कहा, ''अपने राजनीतिक स्वार्थ और भ्रष्टाचार से बचने के लिए आप देश की आलोचना कर रहे हैं. भारत की न्यायपालिका आज़ाद है, इसकी चर्चा दुनियाभर में होती है. आज इलेक्ट्रॉनिक तरीके़ से वोट होता है, आपको वोट नहीं मिलता तो चुनाव आयोग पर आरोप लगाएंगे. अभी कोविड हुआ था. पूरा देश एक था लड़ाई में. आपने कितना मज़ाक उड़ाया. आपने देश के वैज्ञानिकों की बनाई वैक्सीन का मज़ाक उड़ाया. ये है आपका संस्थाओं का सम्मान?''

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नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
ये मामला नेशनल हेराल्ड अख़बार से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 1938 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी. उस समय से यह अख़बार कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता रहा था.
अख़बार का मालिकाना हक़ 'एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड' यानी 'एजेएल' के पास था, जो दो और अख़बार भी छापा करती थी. हिंदी में 'नवजीवन' और उर्दू में 'क़ौमी आवाज़'.
आज़ादी के बाद 1956 में एसोसिएटेड जर्नल को ग़ैर व्यावसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट धारा 25 के अंतर्गत इसे कर मुक्त भी कर दिया गया.
वर्ष 2008 में 'एजेएल' के सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया गया और कंपनी पर 90 करोड़ रुपये का क़र्ज़ भी चढ़ गया.
फिर कांग्रेस नेतृत्व ने 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक नई ग़ैर व्यावसायिक कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया. इस नई कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76 प्रतिशत शेयर थे जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य निदेशकों के पास थे.
कांग्रेस पार्टी ने इस कंपनी को 90 करोड़ रुपए बतौर ऋण भी दे दिया. इस कंपनी ने 'एजेएल' का अधिग्रहण कर लिया.
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