कन्हैयालाल की हत्या के बाद कैसे हुई अभियुक्तों की गिरफ़्तारी, पुलिस ने बताया

कन्हैयालाल की दुकान का दृश्य

इमेज स्रोत, PTI

राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को दो लोगों ने एक दर्ज़ी की दुकान में घुसकर धारदार हथियार से हमला करके उनकी हत्या कर दी.

इस दौरान हमलावरों ने हत्या का वीडियो भी बनाया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. हत्या के बाद उन्होंने एक और वीडियो बनाया जिसमें दोनों हमलावरों ने यह कुबूल किया है कि उन्होंने दर्ज़ी कन्हैयालाल की हत्या की. इस वीडियो में इन दोनों ने ये भी दावा किया है कि यह हत्या बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला है.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

दोनों अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद के रूप में हुई है. राजस्थान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें मंगलवार को ही राजसमंद ज़िले से गिरफ़्तार कर लिया था.

मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद की गिरफ़्तारी के बाद से ही राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई थी और मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई थी.

उदयपुर हत्या मामले में पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि फिलहाल उदयपुर घटनाक्रम के तहत पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है. हालांकि स्थिति नियंत्रण में है.

पाकिस्तान से जुड़े तार

उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में बुधवार को राजस्थान पुलिस के डीजीपी मोहन लाल लाठर ने प्रेस वार्ता कर कई तथ्य स्पष्ट किए.

डीजीपी लाठर ने बताया, "अब तक इस घटना में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. गिरफ़्तार गौस मोहम्मद और रियाज़ जब्बार धार्मिक संगठन दावते-इस्लामी से जुड़े हुए थे."

डीजीपी ने कहा, "अब तक की जांच में सामने आया है कि गौस मोहम्मद साल 2014 में पाकिस्तान के कराची शहर गया था. इस मामले में जांच जारी है."

उदयपुर के धानमंडी थाना इलाक़े में कन्हैया लाल तेली एक दर्जी की दुकान चलाते थे

इमेज स्रोत, MOHAR SINGH MEENA/BBC

इमेज कैप्शन, उदयपुर के धानमंडी थाना इलाक़े में कन्हैया लाल तेली एक दर्जी की दुकान चलाते थे, मंगलवार दोपहर उनकी दुकान पर कपड़े सिलवाने के बहाने से लोग पहुंचे और उन पर हमला करके उनकी गर्दन काट दी

पुलिस ने बताया अपराधी कैसे पकड़े गए

पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर ने बताया कि यह घटना दोपहर साढ़े तीन बजे हुई और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार घंटे के भीतर अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर हवासिंह घुमरिया ने बताया कि हत्या के बाद ही पता चल गया था कि वे बाइक से निकले हैं. राजसमंद की पुलिस को इसकी जानकारी मिल गई थी. इसके बाद भीम इलाक़े में उनकी घेराबंदी करके उन्हें पकड़ लिया गया.

उन्होंने बताया, "हत्या करने के बाद वो लोग एक बाइक से राजसमंद वाली रोड पर निकल गए थे. लेकिन उनकी बाइक की जानकारी मिल गई थी. जिसके बाद राजसमंद की पुलिस ने नाकेबंदी कर दी और उन्हें पकड़ लिया गया."

अभियुक्तों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच के लिए एसओजी, एडीजी, अशोक राठौड़ के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया गया है.

क्या है पीछे की कहानी

पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर ने बताया कि अभियुक्त हत्या करने के बाद फ़रार हो गए थे लेकिन पुलिस ने बड़े ही प्रोफ़ेशनल तरीक़े से उन्हें पकड़ा.

उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस एक्ट ऑफ़ टेरर मानते हुए इस मामले पर कार्रवाई कर रही है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 10 जून को एक व्यक्ति ने धानमंडी थाने में कन्हैयालाल के ख़िलाफ़ एक मामला दर्ज कराया था. इस शिकायत की तर्ज़ पर 11 जून को कन्हैयालाल को गिरफ़्तार किया गया था. 12 तारीख को उनकी ज़मानत हो गई थी. इसके बाद 15 जून को कन्हैयालाल ने शिकायत दर्ज करायी थी कि उन्हें जान-माल का ख़तरा महसूस हो रहा है.

महानिदेशक ने बताया कि एसएचओ ने सिचुएशन को शायद गंभीरता से नहीं लिया और एएसआई को मामला सौंप दिया. दोनों पक्षों को बैठाकर बात की गई और मामला ख़त्म कर दिया गया. उन्हें जो कानूनी कार्रवाई करनी थी, वो नहीं की गई. इसलिए ग़लती को देखते हुए एसएचओ और एएसआई को निलंबित कर दिया गया है.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

पुलिस की ओर से क्या क़दम उठाए गए हैं

राजस्थान पुलिस के मुताबिक़, राजस्थान में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदेश में धारा 144 लागू है. एक जगह चार से अधिक लोगों के जमा होने पर रोक है. साथ ही शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश हैं.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)