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पटियाला हिंसा: कौन हैं बरजिंदर परवाना जिन्हें बताया जा रहा है मुख्य अभियुक्त
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी पंजाबी
पटियाला में 29 अप्रैल को हुई हिंसा के बाद पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बरजिंदर सिंह परवाना चर्चा में हैं.
रविवार तक, पंजाब पुलिस ने बरजिंदर सिंह परवाना सहित नौ लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी.
भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित एक संगठन सिख फॉर जस्टिस द्वारा डीसी कार्यालयों में खालिस्तान समर्थक झंडे फहराने की अपील की गई थी. पटियाला में शिवसेना ने अपील के विरोध में शुक्रवार को मार्च निकालने का आह्वान किया था.
मार्च के विरोध में कई सिख संगठन भी सड़कों पर उतर आए. मार्च पटियाला के फुहारा चौक से शुरू हुआ और काली माता मंदिर पहुंचा जहां झड़प हुई.
'मुलाकात के बाद ही दिया जाएगा बयान'
परवाना पटियाला के राजपुरा के रहने वाले हैं. वह राजपुरा में गुरुद्वारा बाबा बलवंत सिंह दूधाधारी के प्रमुख हैं और सिख धर्म के प्रचार के लिए भी काम करते हैं.
शुक्रवार को पटियाला में शिवसेना के खालिस्तान विरोधी मार्च के बाद भड़की झड़पों में उनकी कथित भूमिका के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी मोहाली से की गई.
बीबीसी ने परवाना के परिवार वालों और परिचितों से बातचीत की. उनकी पत्नी ने बताया कि वह जेल में परवाना को मिलने की कोशिश करेंगीं, जिसके बाद मीडिया को एक बयान जारी किया जाएगा. उनके परिवार में एक बेटी भी है जो छठी क्लास में है.
बीबीसी ने परवाना की मां से भी बात की है और उन्होंने कहा है कि वह पिछले कई महीनों से परवाना के साथ नहीं रह रही हैं.
गिरफ्तारी के बाद गुरुद्वारा बाबा बलवंत सिंह दूधाधारी में स्थिति सामान्य है.
उनकी एक वैन भी इसी गुरुद्वारे के बाहर खड़ी है, जिस पर दमदमी टकसाल जत्था राजपुर और आसरा फाउंडेशन लिखा हुआ है.
गुरुद्वारा के दुकानदार बसंत सिंह ने बीबीसी को बताया कि उन्हें मीडिया से गिरफ्तारी के बारे में पता चला है. वे बताते हैं कि परवाना सामाजिक कार्यों में भी शामिल हैं.
उन्होंने आगे कहा, "परवाना स्थानीय गुरुद्वारे के मुखिया हैं और हमें उनकी गिरफ्तारी के बारे में ख़बरों से पता चला. हमारी दुकान बहुत पुरानी है. हम उन्हें पहले नहीं जानते थे, लेकिन हमें उनके बारे में तब पता चला जब वे गुरुद्वारे के अध्यक्ष बने."
पटियाला हिंसा में हुआ क्या-क्या?
दोनों पक्षों के बीच जोरदार तनाव था, पथराव हुआ और तलवारें लहराई गईं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कारवाई हुई और हवाई फायरिंग भी की गई.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश के बाद पटियाला रेंज के आईजी, एसएसपी और एसपी का भी तबादला कर दिया गया है.
मुखविंदर सिंह छीना को पटियाला का नया आईजी, दीपक पारीख को एसएसपी और वज़ीर सिंह को एसपी नियुक्त किया गया है.
भड़काऊ बयान देने का आरोप
पंजाब पुलिस की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि बरजिंदर सिंह अक्सर सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ बयान देते थे.
सोशल मीडिया पर बरजिंदर सिंह के हजारों फॉलोअर्स हैं. 29 अप्रैल को शिवसेना के मार्च के विरोध में बरजिंदर सिंह के फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर कई वीडियो भी पोस्ट किए गए थे.
एक वीडियो में कहा गया है कि उन्हें पंजाब पुलिस पर भरोसा है और पुलिस इस तरह का विरोध मार्च नहीं निकालने देगी.
पंजाब पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पटियाला में हिंसक घटनाओं से पहले भी परवाना पर चार एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं.
इनमें से तीन एफआईआर पटियाला जिले में जबकि एक मोहाली में है.
पंजाब पुलिस ने आगे कहा कि वे 2007-2008 के दौरान सिंगापुर गए थे. क़रीब डेढ़ साल वहां रहने के बाद वे भारत लौट आए. फिर उन्होंने एक धार्मिक दीवान स्थापित कर लिया और सिख धर्म का प्रचार किया.
इस बीच, बरजिंदर सिंह परवाना ने दमदमी टकसाल राजपुरा नामक एक जत्था का गठन किया और स्वयं इसके मुखिया बन गए.
बरजिंदर सिंह ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में भी भाग लिया था.
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