पंजाब के पटियाला में दो गुटों में संघर्ष के बाद विपक्ष का 'आप' पर निशाना

पंजाब के पटियाला में काली मंदिर के निकट दो गुटों में संघर्ष के बाद तनाव का माहौल बन गया है. क़ानून और व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए वहाँ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

पिछले दिनों भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फ़ॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा था कि 29 अप्रैल को डीसी कार्यालय पर खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा. लेकिन शिवसेना ने इसके विरोध में मार्च की घोषणा की थी.

बीबीसी संवाददाता मनप्रीत कौर के मुताबिक़ पटियाला में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब सिख संगठनों ने खालिस्तान ज़िंदाबाद का नारा लगाया जबकि शिवसेना ने खालिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाया.

पुलिस का कहना है कि तनाव के बाद हालात को नियंत्रण में कर लिया गया है और माहौल और ना बिगड़े इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर पटियाला की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक से बात की है और इलाक़े में शांति बहाल कर दी गई है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- ''हम स्थिति पर क़रीबी नज़र रखे हुए हैं और राज्य में किसी को अशांति फैलाने की अनुमति नहीं देंगे. पंजाब में शांति और सद्भाव ही सबसे अहम है.''

पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी पटियाला रेंज राकेश अग्रवाल ने कहा कि ये घटना 'कुछ शरारती तत्वों की वजह से हुई है' और 'स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है'.

उन्होंने कहा,"हम लोगों से अपील करते हैं कि वो किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. डिप्टी कलेक्टर ने शांति कायम करने के लिए बैठक बुलाई है. हम शहर में फ्लैग मार्च कर रहे हैं. शहर में शांति कायम करने के लिए बाहर से अतिरिक्त बल भी बुलाए गए हैं."

हालाँकि, मीडिया ने जब उनसे सवाल पूछा कि इस घटना को लेकर कौन ज़िम्मेदार हैं तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया.

विपक्षी दलों का निशाना

लेकिन विपक्षी दलों ने पटियाला की घटना के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.

बीजेपी के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने ट्वीट किया है कि क्या केजरीवाल पटियाला में जो हुआ, उसके लिए भी केंद्र को ज़िम्मेदार ठहराएँगे?

उन्होंने लिखा है, ''सीमावर्ती राज्य में पूर्ण अराजकता. राज्य में सबसे ख़राब तरह का तुष्टिकरण दिख रहा है. अराजकता वाले खुलेआम घूम रहे हैं. आप की सरकार राज्य की पुलिस का इस्तेमाल निजी दुश्मनी निकालने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि उन्हें राज्य में क़ानून और व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए.''

कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने भी पटियाला में क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने लिखा है कि पंजाब के सीएम को अरविंद केजरीवाल को ख़ुश करने की बजाए पंजाब को बेहतर तरीक़े से चलाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पटियाला में दो गुटों के बीच संघर्ष पर चिंता जताई है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- "पटियाला के लोग शांतिप्रिय है और मैं उनसे अपील करता हूँ कि वे उकसावे में न आएँ. उन्होंने उम्मीद जताई है कि पंजाब पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी और ये सुनिश्चित करेगी कि क़ानून और व्यवस्था की स्थिति बहाल रखी जाए."

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