पीएम मोदी के सोलर प्लांट समर्पित करते ही कार्बन मुक्त गांव बन जाएगा पल्ली

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- Author, मोहित कंधारी
- पदनाम, पल्ली, साम्बा से बीबीसी हिंदी के लिए
24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर जम्मू के साम्बा ज़िले की पल्ली पंचायत का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से पल्ली पंचायत के लोगों को 500 किलोवाट क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट समर्पित करने जा रहे हैं.
इसके बाद पल्ली केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का पहला कार्बन मुक्त पंचायत बनेगा. यहां के स्थानीय पावर ग्रिड स्टेशन से घरों में कार्बन रहित बिजली की आपूर्ति की जाएगी.
केंद्र सरकार ने इस प्लांट को 2.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है. ये प्लांट यहां के 340 घरों में सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए रिकॉर्ड 20 दिनों में बनाया गया है.
सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के वरिष्ठ साइट इंजीनियर और पर्यवेक्षक मोहम्मद यासीन ने बताया कि 25 से 30 श्रमिक, साइट इंजीनियरों और अन्य विशेषज्ञों की पूरी टीम ने 20 दिनों में इस संयंत्र को चालू करने में सफलता पाई है.

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मात्र 20 दिन में पूरा हुआ काम
परियोजना को पूरा करने के लिए टीम ने हर रोज़ 18 घंटे से अधिक काम किया है. सामान्य स्थिति में यह काम 90 दिनों में पूरा होता.
मोहम्मद यासीन ने स्थानीय प्रशासन और प्रधानमंत्री कार्यालय के सदस्यों को उनके उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद देते हुआ कहा कि यह कार्य उनकी मदद के बिना कर पाना मुश्किल था.
उन्होंने कहा, "हमें गर्व है कि हम इस काम को 20 दिन में पूरा कर पाए. 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल 6,408 वर्ग मीटर क्षेत्र में लगाए गए हैं. इस संयंत्र का ट्रायल रन सफलतापूर्ण तरीके से कर लिया गया है ताकि 24 अप्रैल के दिन कार्यक्रम में किसी प्रकार की तकनीकी ख़राबी सामने न आए."

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स्थानीय निवासी और पल्ली पंचायत के सरपंच रणधीर शर्मा ने बीबीसी हिंदी को बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र के लग जाने से पल्ली गांव के लोगों को बिजली की कटौती से बड़ी राहत मिलेगी.
उन्होंने कहा, "पहले हमें 6 से 8 घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ता था लेकिन इस संयंत्र की वजह से हमें बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा. सोलर ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल से गांव के लोगों का बिजली का बिल भी कम हो जाएगा."

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प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए बीते दिनों पल्ली पंचायत का भी कायाकल्प किया गया है. पल्ली पंचायत की ओर जाने वाली सड़कों को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है.
बीबीसी हिंदी से बातचीत करते हुए स्थानीय निवासी रूप कुमार ने बताया कि पहले उनके गांव को राजमार्ग से सीधे जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल थी लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के चलते अब गांव को जोड़ने वाली सब सड़कें ठीक की जा रही हैं.
रूप कुमार कहते हैं, "सड़कों के दोनों तरफ पौधे लगाए गए हैं और ताज़े फूलों से सजावट की जा रही है. गांव में सार्वजनिक शौचालय से लेकर पंचायत घर, सरकारी स्कूल की साफ़-सफ़ाई की गई है. सरकारी स्कीमों की जानकारी देने वाले पोस्टर और स्लोगन जगह-जगह लगाए गए हैं."

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गांव के सरपंच रणधीर शर्मा भी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं.
वे बताते हैं कि पल्ली विकसित पंचायत के रूप में उभरकर सामने आई है. इस पंचायत को एक रोल मॉडल के तौर पर अन्य पंचायतों को दिखाया जाएगा और बताया जाएगा कि किस तरह यहां के पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकारी योजनाओं का इस्तेमाल कर अपनी पंचायत को विकसित किया है.
वे बताते हैं कि पिछले हफ़्ते उन्होंने गांव को सीधे जम्मू ज़िले से जोड़ने वाली इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की.
वो कहते हैं, "कई घरों को सौर चूल्हा प्रदान किया गया है. गांव में पानी की बर्बादी रोकने के लिए सोकपिट का निर्माण किया जा रहा है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत सूखे और गीले कचरे के लिए अलग शेड भी बनाया जा रहा है."

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रणधीर शर्मा ने बताया पल्ली पंचायत में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही लगभग सभी स्कीमों की अच्छी प्रोग्रेस हुई है, लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और आर्थिक मदद सीधे उनके खातों में जा रही है. किसानों से लेकर समाज के सभी वर्गों को केंद्र सरकार की स्कीमों का फ़ायदा मिल रहा है .
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री जम्मू क्षेत्र के साम्बा ज़िले की पल्ली पंचायत में 30 हज़ार पंचायत सदस्यों समेत एक लाख लोगों को संबोधित करेंगे. रैली को सफल बनाने के लिए 300 कनाल यानी क़रीब 37 एकड़ भूमि पर वातानुकूलित पंडाल बनाया गया है.

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साथ ही, देशभर की पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य भी ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे. साम्बा ज़िले के सरकारी हाई स्कूल पल्ली के स्कूली बच्चे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचेंगे. स्कूल की अलग-अलग दीवारों को अलग-अलग थीम से सजाया गया है.
स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत ने कहा, "प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए हम अपने स्कूल परिसर का पूरी तरह से नवीनीकरण कर रहे हैं. छात्र प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समान रूप से उत्साहित हैं."
जब हम स्कूल पहुंचे वहां, गलियारे में कई छात्र ड्राइंग शिक्षक रविन्द्र सिंह जामवाल के मार्गदर्शन में अलग-अलग दीवारों को रंगने में व्यस्त दिखे.

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विधानसभा चुनावों की तैयारी
अनुच्छेद 370 और 35-ए के निरस्त होने के बाद जम्मू में प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली रैली है. इस दौरान वो जम्मू कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों की ज़मीन तैयार करने की कोशिश भी करेंगे.
प्रधानमंत्री के दौरे के तुरंत बाद जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट जारी कर सकता है. ऐसे में कयास ये भी है कि अमरनाथ यात्रा के बाद राज्य में कभी भी चुनावी बिगुल बज सकता है.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में राजौरी ज़िले के नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर जवानों के साथ दीवाली मनाई थी. उनके दौरे को लेकर जम्मू कश्मीर भाजपा इकाई के नेताओं ने भी अपनी कमर कस ली है. विपक्षी खेमे और सियासी गलियारों में भी हलचल देखने को मिल रही है.
इस रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा के नेता घर-घर जा कर निमंत्रण बाँट रहे हैं और जनता से इसे सफल बनाने की अपील भी कर रहे हैं.
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प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, सीपीआईएम, सीपीआई जैसे दलों ने संयुक्त बयान जारी करके जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की है.
इन नेताओं ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि, "जून, 2018 से यहां गवर्नर का शासन चल रहा है, इस दौरान आम आदमी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है, बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है लेकिन इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं हैं."
जम्मू एवं कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी पल्ली में पंचायती राज व्यवस्था के सदस्यों को संबोधित करेंगे लेकिन जम्मू कश्मीर में यह व्यवस्था अब तक सशक्त नहीं हो सकी है."
प्रधानमंत्री मोदी की रैली के बाद बहुत संभव है कि गृह मंत्री अमित शाह आगामी 8 मई को जम्मू में पीओजेके संकल्प रैली करेंगे. इस रैली में पाक के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने के लिए हुंकार भरने की बात कही जा रही है हालांकि, इस रैली के लिए आयोजकों को गृहमंत्री के दफ्तर से अब तक कोई कन्फर्मेंशन नहीं मिला है.
यह रैली जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम की ओर से आयोजित की जा रही है. रैली में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से आए शरणार्थी और 1965 और 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान आए शरणार्थियों के बलिदानों को याद किया जाएगा.

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जम्मू कश्मीर में विकास योजनाएं
जम्मू कश्मीर में बेरोज़गार युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करने और विकास कार्यों को अधिक गति देने के लिए प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान देश-विदेश के नामी उद्योगपतियों की मौजूदगी में 38,082 करोड़ रुपए के औद्योगिक विकास प्रस्तावों की आधारशिला रखेंगे.
राज्य में कई अन्य विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अगले चार वर्षों में जम्मू कश्मीर में बिजली उत्पादन क्षमता को दोगुना करने के लिए 850 मेगावाट की रतले बिजली परियोजना और 540 मेगावाट की हाइड्रो परियोजना की आधारशिला रखेंगे.
इसके अलावा पांच एक्सप्रेसवे की आधारशिला और बनिहाल-काजीगुंड लिंक का उद्घाटन करेंगे. 100 जन औषधि केंद्र भी खोले जाएंगे.

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गांव में आने-जाने पर रोक
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों, अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की हत्याओं के बढ़ते मामले के बीच, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
समारोह स्थल पाकिस्तान के साथ सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के क़रीब है, इसलिए संदिग्ध लोगों की आवाजाही की जांच के लिए सीमा पट्टी में अलग सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं. क्षेत्र में उपद्रवियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास क़रीब 1000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को तैनात करने के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है.
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