उत्तर कोरिया: किम जोंग उन बेटी को अपनी गद्दी के लिए ऐसे कर रहे हैं तैयार

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- Author, सेंग्मी हेन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, कोरिया
- ........से, सोल से
- पढ़ने का समय: 9 मिनट
उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की बेटी किम जू ए की लगातार ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जिनमें वो वेस्टर्न लग्ज़री ड्रेस पहने हुए दिखती हैं.
ऐसे कपड़ों को 'बगा़वत' का प्रतीक और 'समाजवाद विरोधी' मानकर उत्तर कोरिया में प्रतिबंधित किया गया है.
लेकिन इसे किशोरावस्था की बग़ावत मानने के बजाय, जू ए के कपड़ों का चुनाव-लेदर जैकेट, हेयरस्टाइल वगैरह इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उन्हें सर्वोच्च नेता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है.
बताया जाता है कि 2013 में जन्मी जू ए ने नवंबर 2022 में महज़ नौ साल की उम्र में ही आधिकारिक तौर पर पहली बार सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई थी. उस दौरान वह अपने पिता के साथ एक विशाल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के सामने टहलती नज़र आई थीं. लंबे बाल, काली पैंट और सफ़ेद पैडेड जैकेट पहने हुए-वह प्रभावशाली अंदाज़ में तैयार दिख रही थीं.

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तब से उनकी हेयरस्टाइल और पहनावा लगातार वेस्टर्न होता जा रहा है.
2020 में उत्तर कोरिया ने "रिएक्शनरी आइडियोलॉजी एंड कल्चर रिजेक्शन एक्ट" लागू किया था, जिसके तहत "बाहरी संस्कृति" पर रोक लगाई गई.
लेकिन 2023 में राज्य-नियंत्रित कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें किम जू ए फिर से अपने पिता किम जोंग उन के साथ एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के सामने टहलती दिखाई दीं. इस बार उन्होंने काले रंग की पैडेड जैकेट पहनी थी. बताया गया कि ये फ़्रांसीसी लग्ज़री फैशन हाउस क्रिश्चियन डियोर की ड्रेस थी जिसकी क़ीमत लगभग 1,900 डॉलर यानी लगभग 1,80,000 रुपए थी.

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अगले साल, किम जू ए ने राजधानी प्योंगयांग के हाई-राइज़ वैनगार्ड स्ट्रीट आवासीय क्षेत्र के उद्घाटन समारोह में जो ड्रेस पहनी, उसके बारे एक वीडियो स्पीच जारी की गई. इसमें उनके कपड़ों को एंटी सोशलिस्ट बताया गया और कहा गया कि ऐसी बातें शासन को अंदर से कमज़ोर करती हैं.
उत्तर कोरियाई नेतृत्व के क़रीब एक सूत्र ने रेडियो फ्री एशिया को यह जानकारी दी.

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लेकिन अब बताया जा रहा है कि कुछ लोग किम जू ए के स्टाइल की, उनके पहनावे की नकल करना चाहते हैं.
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के नॉर्थ कोरिया रिसर्च डिपार्टमेंट की प्रमुख जंग यून ली ने बीबीसी न्यूज़ कोरियन से कहा, "समय बदल गया है और पीढ़ीगत बदलाव काफ़ी बड़ा रहा है. 2010 के बाद से विदेशी मुद्रा कमाने के लिए विदेश जाने वाले मज़दूरों की संख्या काफ़ी बढ़ी है."
कोविड-19 महामारी के दौरान लगभग 2,000 उत्तर कोरियाई मज़दूर चीन में ही रहे, और "जब वे प्योंगयांग लौटे... तो अपने साथ स्थानीय संस्कृति भी लेकर आए."
उन्होंने कहा, "पहले लग्ज़री सामान मुख्यतः जापानी ब्रांड्स तक सीमित थे, जिन्हें जापान में रहने वाले कोरियाई (ज़ैनिची कोरियाई) लाते थे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया के कई लोग विदेशों के विभिन्न ब्रांड्स के बारे में जानते हैं. बैग और कपड़े (भले ही तस्करी से आते हों) काफ़ी महंगे होते हैं, इसलिए लोग शायद सबसे पहले परफ्यूम के ज़रिये इस अनुभव की शुरुआत करते हैं."
हालांकि, जू ए अपने परिवार की पहली फ़ैशन आइकन नहीं हैं. सेजोंग इंस्टीट्यूट के उपनिदेशक चोंग सोंग चांग ने बीबीसी न्यूज़ कोरियन से कहा, "ऐसा लगता है कि जू ए को उनकी मां री सोल जू के जैसे सूट-और स्टाइलिश कपड़े पहनाए जा रहे हैं, ताकि उनकी उम्र छिपाई जा सके. शाही परिवार से इतर एक आम युवा महिला का पश्चिमी शैली के कपड़ों के साथ फैशन को लीड करना उत्तर कोरिया में लगभग असंभव है."

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उन्होंने कहा, "पश्चिमी डिज़ाइन वाले कपड़े पहनकर किम जू ए और री सोल जू एक 'अलग पहचान बनाने की रणनीति' दिखा रही हैं-कि उनकी सामाजिक स्थिति आम लोगों से मूल रूप से अलग है. वे ऐसा बिना किसी चिंता के कर सकती हैं, क्योंकि उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त है."

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लेकिन जू ए ने अपना फ़ैंशन सेंस सिर्फ़ अपनी मां से ही नहीं लिया है.

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यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज़ के प्रोफेसर ली वू-यंग कहते हैं, "हालांकि जींस को उत्तर कोरिया में पश्चिमी फ़ैशन मानकर प्रतिबंधित किया गया है, फिर भी किम जोंग उन उन्हें पहनते हुए दिखाई दे चुके हैं. चाहे वे विदेशी संस्कृति पर कितनी भी पाबंदियां लगाएं और क़ानून बना लें, उत्तर कोरिया ऐसी जगह है जहां सर्वोच्च नेता के लिए कुछ भी असंभव नहीं है."
चोंग के अनुसार, किम जू ए कई मौकों पर लेदर जैकेट पहन चुकी हैं, जो इस बात का संकेत है कि वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया का प्रोपेगैंडा और एजीटेशन विभाग अपना काम कर रहा है-उन्हें आम नागरिकों से अलग और विशेष दिखाने के लिए.

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उन्होंने कहा, "अच्छी क्वालिटी वाले लेदर से बने कपड़े पहनना अपने विशेष दर्जे को दिखाने का संकेत होता है. उत्तर कोरिया के आम लोगों के बीच लेदर के कपड़े इतने आम नहीं हैं. लग्ज़री ब्रांड, लेदर जैकेट और फर कोट ऐसे कीमती कपड़े हैं, जिन्हें सामान्य उत्तर कोरियाई लोग नहीं पहन सकते."

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और पिछली पीढ़ियों के फ़ैशन की नकल करना-जिसे "इमेज रिप्लिकेशन" कहा जाता है, सत्ता में लगातार बने रहने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है.
इसमें किम जू ए के पिता किम जोंग उन भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने शुरुआती नेतृत्व के दौरान अपने दादा किम इल सुंग की तरह फेडोरा टोपी और कोट अपनाकर अपनी इमेज मज़बूत करने की कोशिश की थी.

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चोंग कहते हैं, "वर्कर्स पार्टी के प्रोपेगैंडा और एजीटेशन विभाग का काम ये सुनिश्चित करना था कि जिन तरीक़ों से किम इल सुंग ने 45 सालों तक देश का नेतृत्व किया उसी तरीके से किम जोंग उन का शासन चलता रहे और लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान स्वाभाविक रूप बना रहे."
"कहा जाता है कि जब किम जोंग उन पहली बार सामने आए, तो उत्तर कोरिया के लोग हैरान रह गए थे. लेकिन दक्षिण कोरियाई विशेषज्ञ भी इसलिए चौंक गए, क्योंकि किम जोंग उन की पहली झलक काफी हद तक युवा किम इल सुंग जैसी लगती थी."

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उत्तराधिकारी के रूप में युवा किम जोंग उन को शुरुआती दौर में अनुभव की कमी की वजह से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. हां, वो दिखने में ज़रूर अपने दादा किम इल सुंग से मिलते-जुलते थे, और यही बात जनता से संपर्क बनाने में उनके काम आई.

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हालात यहां तक पहुंच गए थे कि उत्तर कोरियाई लोगों के बीच यह अफ़वाह फैल गई थी कि किम इल सुंग का पुनर्जन्म हो गया है.

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दक्षिण कोरिया की डोंगयांग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर चुंग यंग-ते कहते हैं, "उत्तर कोरिया में किम इल सुंग को प्रभावी रूप से एक देवता माना जाता है." उनके मुताबिक़ इसी वजह से उनके परिवार को लेकर भी लोगों के दिलों में एक ख़ास जगह है.

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जू ऐ को उत्तर कोरिया में पहले से ही 'प्रिंसेस' के रूप में जाना जाता है, और यह नामकरण भी उनके पूर्वजों की वंश परंपरा की ओर इशारा करता है.

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उत्तर कोरिया के आला अधिकारियों ने किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग के लिए 'प्रिंसेस' की उपाधि का इस्तेमाल किया था. लेकिन यह किम जू ऐ के जन्म से पहले की बात है.
कुवैत में उत्तर कोरिया के पूर्व कार्यवाहक राजदूत रहे और बाद में दक्षिण कोरिया भाग गए रयू ह्यून-वू कहते हैं, "किम यो जोंग को उस समय प्रिंसेस कहा जाता था, जब उनके पिता और किम इल सुंग के बेटे किम जोंग इल जीवित थे."
संपादन: ह्युनजंग किम, एंड्रयू वेब और स्टीफन हॉक्स
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