अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में लेक्चर के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक साइंसेज के अस्सिटेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर जितेन्द्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराध को लेकर लेक्चर देते वक़्त पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में हिन्दू देवी-देवताओं के आपत्तिज़नक उदाहरण दिए.

अलीगढ़ पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है.

डॉक्टर जितेंद्र कुमार के ख़िलाफ़ एएमयू के पूर्व छात्र डॉक्टर निशित शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

अलीगढ़ में पुलिस थाने के सामने मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर निशित शर्मा ने कहा, "जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ने भगवान विष्णु, भगवान ब्रह्मा, भगवान इंद्रदेव और अन्य देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित और अशोभनीय उदाहरण दिए हैं. वो इस प्रकार से हैं कि हम और आप लोग उन पर चर्चा भी नहीं कर सकते हैं.''

''इस पूरे मामले में मेरी मांग है कि इस शिक्षक पर मुक़दमा दर्ज हो और ऐसा तय हो कि जिससे उस शिक्षक की अंतरात्मा काँप जाए. उन्हें प्रोफ़ेशन से भी बाहर किया जाए."

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

इमेज स्रोत, AMU

इमेज कैप्शन, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

भेजा गया नोटिस

यह वाक़या पांच अप्रैल का है. इस मामले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है.

यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता उमर पीरज़ादा ने बताया कि डॉक्टर जितेन्द्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है. मेडिकल कॉलेज के डीन प्रोफ़ेसर राकेश भार्गव की सिफारिश पर दो सदस्य जांच समिति बनाई गयी है जो आरोपों की जांच करेगी.

उमर पीरज़ादा ने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ऐसी घटनाओं को लेकर "ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है. हमारे यहां शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है."

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

पुलिस की अब तक की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए अलीगढ़ के डीएसपी सिविल लाइन्स श्वेताभ पांडेय ने कहा, "असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. जितेन्द्र कुमार के अपनी क्लास में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के सन्दर्भ में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है. मामले में कार्रवाई शुरु हो गई है. डॉक्टर निशित शर्मा की तहरीर के आधार पर थाना सिविल लाइन्स में मामला दर्ज हुआ है. "

बीबीसी से डीएसपी श्वेताभ पांडेय ने यह भी कहा है कि डॉक्टर जितेन्द्र कुमार से जल्दी ही पूछताछ होगी और आरोपों से जुड़े सबूत इकठ्ठा किए जाएंगे.

शिक्षक ने मांगी माफ़ी

इस पूरे प्रकरण में डॉक्टर जितेन्द्र कुमार की चिट्ठी भी वायरल हो रही है जिसमें उन्होंने एएमयू के वाइस चांसलर से बिना शर्त माफ़ी माँगी है.

इसमें उन्होंने लिखा है, "मैं अपनी थर्ड ईयर की एमबीबीएस की क्लास में पांच अप्रैल को यौन अपराध के टॉपिक पर रेप को लेकर पौराणिक कथा संबंधी अपमानजनक रेफरेंसेज़ के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगता हूँ. मेरा मक़सद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था बल्कि सिर्फ़ यही हाइलाइट करना था कि रेप समाज का काफ़ी समय से हिस्सा रहा है. मैं इसे एक अनजाने में हुई ग़लती मानता हूँ. मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मुझसे ऐसी चूक दोबारा नहीं होगी."

उमर पीरज़ादा ने भी कहा है कि डॉ जितेन्द्र ने चिट्ठी लिख कर माफ़ी मांगी है.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

शिकायतकर्ता डॉक्टर निशित शर्मा ने यह भी आरोप लगाया, "फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष की सिफारिश और मंज़ूरी के बिना किसी विषय को नहीं पढ़ाया जाता है. तो जो फॉरेंसिस डिपार्टमेंट की चेयरमैन हैं, उन पर भी मुक़दमा दर्ज हो."

हालांकि, पुलिस ने अभी केवल जितेंद्र कुमार के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की है. वहीं, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और डॉक्टर जितेंद्र कुमार से लगातार कोशिशों के बाद भी संपर्क नहीं हो सका है.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)