यूक्रेन में मारे गए छात्र के साथी ने बताया - कर्फ़्यू के बाद खाना लेने गया, फिर नहीं लौटा नवीन

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत ने यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसकी जानकारी दी है. बीबीसी हिंदी ने मरने वाले छात्र नवीन के साथी से बात की है. उसके साथी ने बताया है कि नवीन बंकर से बाहर खाना लेने सुपरमार्केट गए थे और फिर नहीं लौटे.
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट में लिखा, "गहरे दुख के साथ हम इसकी पुष्टि कर रहे हैं कि खारकीएव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि मंत्रालय परिजनों के संपर्क में है और उन्होंने परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की है."
बीबीसी ने खारकीएव में नवीन के साथ रहने वाले एक भारतीय छात्र श्रीकांत चेन्नागौड़ा से बातचीत की है. नवीन ने अपने क़रीबी दोस्त श्रीकांत को पैसे ट्रांसफर करने का आग्रह किया था ताकि वो खाना ख़रीद पाएं.
खारकीएव से बीबीसी हिंदी से बात करते हुए मेडिकल स्टूडेंट श्रीकांत ने कहा, "उसने मुझे सुबह 8 बजे फ़ोन किया और पैसे ट्रांसफ़र करने को कहा क्योंकि उसके पास खाने के लिए पैसे कम पड़ रहे थे. वो हम सब के लिए भोजन ख़रीदने गया था."
कर्नाटक में हावेरी ज़िले के रानेबेन्नूर तालुक के चलगेरी गांव के रहने वाले नवीन पिछले चार साल से खारकीएव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में श्रीकांत के साथ मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे थे.
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कर्फ़्यू के बाद निकला नवीन, फिर नहीं लौटा
बताया जाता है कि नवीन सुबह कर्फ्यू ख़त्म होने के बाद क़रीब साढ़े छह बजे अपने बंकर से निकला था. शहर में दोपहर तीन बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ़्यू लगाया गया है. नवीन और श्रीकांत अपने दोस्तों के साथ वहीं रहते हैं. ये बंकर उनकी अपार्टमेंट के नीचे ही है. उनके ठिकाने से सुपरमार्केट क़रीब 50 मीटर की दूसरी पर है.
श्रीकांत ने बीबीसी हिंदी को बताया, "मैंने पैसे ट्रांसफ़र कर दिए और पांच से दस मिनट के भीतर उसे फ़ोन किया लेकिन उसने फ़ोन नहीं उठाया. इसके बाद मैंने उसके स्थानीय नंबर पर फ़ोन मिलाया. उसने फिर भी फ़ोन नहीं उठाया. उसके बाद किसी ने फ़ोन उठाया और यूक्रेनी भाषा में बात करने लगा जो मुझे समझ नहीं आती."
श्रीकांत ने फ़ोन शेल्टर में मौजूद एक व्यक्ति को दिया. बातचीत के बाद उस व्यक्ति ने श्रीकांत को बताया कि 'तुम्हारा दोस्त अब नहीं रहा."
श्रीकांत ने कहा, "मुझे यक़ीन नहीं हो रहा था. इसके बाद मैं सुपरमार्केट गया. वहां कोई धमाके जैसी किसी चीज़ का कोई निशान नहीं था."
श्रीकांत को लगता है कि नवीन को कहीं से गोली मारी गई है. उन्होंने कहा, "खारकीएव में बहुत बमबारी हो रही है. बंकर में हम नौ लोग थे. पांच चले गए लेकिन हम रिस्क नहीं लेना चाहते थे इसलिए यहीं रहे. हम बुधवार की सुबह निकलने की योजना बना रहे थे."
"नवीन एक नरम दिल इंसान था. वो पढ़ाई में भी तेज़ था. उसने यहां मेडिकल की तीसरे साल की पढ़ाई में 95 फ़ीसदी नंबर स्कोर किए थे. नवीन बहुत ही विनम्र था."
"हमसे भारतीय दूतावास ने फ़िलहाल कोई संपर्क नहीं किया है. हमें नहीं मालूम की उसका शव कहां है."
श्रीकांत कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले हैं.

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विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?
अरिंदम बागची ने ट्वीट में लिखा है कि विदेश सचिव रूस और यूक्रेन से दूतों से बात कर रहे हैं और भारत की मांग दोहरा रहे हैं कि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वहाँ से निकाला जाए. जो खारकीएव और संघर्ष के अन्य क्षेत्रों में मौजूद हैं. साथ ही यूक्रेन और रूस में मौजूद भारतीय दूत भी अपनी इसी मांग को दोहरा रहे हैं.
कुछ ही घंटे पहले भारत ने अपने नागरिकों को तत्काल यूक्रेन की राजधानी कीएव से निकल जाने को कहा था. यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट करके भारतीय नागरिकों से कहा था कि जो भी साधन उपलब्ध हों, वो वहाँ से निकल जाएँ.
ट्वीट में कहा गया था, "छात्रों समेत सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आज तुरंत कीएव छोड़ दें. अगर ट्रेन उपलब्ध हों तो ट्रेन से अन्यथा किसी भी अन्य माध्यम से."
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने की परिवार से बात
कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है कि यूक्रेन के खारकीएव में जिस भारतीय छात्र की मौत हुई है, वे कर्नाटक के थे. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने हावेरी ज़िले के रहने वाले नवीन शेखरप्पा के पिता से बात की है.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि नवीन के शव को भारत लाने की हरसंभव कोशिश की जाएगी. मुख्यमंत्री बोम्मई ने जानकारी दी है कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है.
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कर्नाटक में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त मनोज राजन ने बताया कि नवीन शेखरप्पा चलागेरी के रहने वाले थे. मनोज राजन के मुताबिक़ नवीन खारकीएव में नज़दीक के स्टोर में कुछ ख़रीदने गए थे. बाद में उनके मित्र को एक अधिकारी का फ़ोन आया कि नवीन की मौत हो गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नवीन के परिवार से बात की है.
यूक्रेन में भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने की गुहार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय छात्र की मौत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए भारत सरकार से सभी छात्रों को सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई है.
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कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वे चुनाव के बजाए यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने पर अपना ध्यान केंद्रित करें.
अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर लिखा है, "यूक्रेन में भारतीय छात्र की दिल दहला देने वाली मौत की घटना से स्तब्ध और व्यथित हूँ. नरेंद्र मोदी जी को चुनाव के बजाए युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए."

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खारकीएव के ताज़ा हालात
खारकीएव के गवर्नर ने कहा है कि रूसी सेना रिहायशी इलाक़ों पर मिसाइलें बरसा रही है. गवर्नर ओलेह सिनेहुबोव ने कहा है कि रूसी सेना मिसाइलों से खारकीएव की रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही है. ग्रैड मिसाइलें ट्रक पर मौजूद आर्टिलरी सिस्टम से दागी जाती हैं.
इससे एक साथ दर्जनों रॉकेट दागे जा जा सकते हैं. ओलेह सिनेहुबोव ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट के ज़रिए कहा है कि रूसी सेनाओं ने यहाँ के प्रशासनिक दफ़्तर के सामने चौराहे पर फायरिंग की है. अधिकारी नागरिकों के जान-माल के नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं.
स्थानीय इमरजेंसी अधिकारियों ने फ़ेसबुक पर लिखा कि प्रशासनिक दफ़्तर पर किए गए हमले में छह लोगों की मौत हो गई है. इनमें एक बच्चा भी शामिल है. हालांकि बीबीसी इस दावे की पुष्टि नहीं कर सका है.
सिनेहुबोव ने कहा है, "हमारे दुश्मन के पास इस तरह धोखे से भरे युद्ध अपराध करने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है क्योंकि हमारी सेना मज़बूत है और हम अपना बचाव कर रहे हैं."
जिनेवा समझौते के मुताबिक युद्ध के वक़्त इस तरह के नागरिक ठिकानों पर हमला करना युद्ध अपराध माना गया है. रूस ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है.
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