यूक्रेन पर भारत के रुख़ को लेकर बोला रूस, कही कई बातें- प्रेस रिव्यू

रूस

इमेज स्रोत, Getty Images

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पूर्वी यूक्रेन पर भारत के रुख़ का रूस ने स्वागत किया है.

भारत में रूस के कार्यकारी राजदूत रोमान बाबुश्किन ने अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू से कहा कि पूर्वी यूक्रेन पर भारत की प्रतिक्रिया बिल्कुल स्वतंत्र रही है.

रोमान ने कहा कि रूस पर नए प्रतिबंधों के कारण भारत में एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि भारत रूस से जो भी सैन्य उपकरण ख़रीदता है, उसकी आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

द हिन्दू ने रूसी राजदूत के इस बयान को पहले पन्ने की दूसरी लीड ख़बर बनाई है.

रोमान ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के रूस दौरे से भारत और रूस के संबंध प्रभावित नहीं होंगे. इमरान ख़ान बुधवार की रात मॉस्को पहुँचे हैं.

रूसी राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान और रूस के संबंध अभी सैन्य साझेदारी के स्तर के नहीं है. उन्होंने कहा कि रूस स्पष्ट तौर पर मानता है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय विवाद है.

वीडियो कैप्शन, रूस की संसद ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश के बाहर सेना तैनात करने की दी अनुमति

भारत का पक्ष

दो दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन के रूस समर्थित विद्रोहियों के दबदबे वाले दो इलाक़े दोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी थी. पुतिन के इस क़दम से पश्चिम के देश भड़क गए और रूस पर कई तरह के वित्तीय प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है. अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने रूस की कड़ी निंदा भी की है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद में कहा कि यूक्रेन को लेकर इलाक़े में जो कुछ भी हो रहा है, वह चिंतित करने वाला है. लेकिन भारत ने रूस के फ़ैसले की आलोचना नहीं की थी.

रोमान बाबुश्किन ने द हिन्दू से कहा, ''यूक्रेन को लेकर भारत के रुख़ का रूस स्वागत करता है. यूक्रेन को लेकर भारत ने एक वैश्विक शक्ति के रूप में कई बार संतुलित और स्वतंत्र विचार रखा है. दोनों देशों ने वहाँ की स्थिति को लेकर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तरों पर कई बार बात की है.''

''हमने इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र में भी बात की है. भारत चीज़ों को लेकर अच्छी समझ रखता है और उसे पता है कि राष्ट्रपति पुतिन ने यह घोषणा क्यों की है. रूस को उम्मीद है कि उसके दोस्त और पार्टनर, जिसमें भारत भी शामिल है, नए गणतंत्र' दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता देंगे.''

वीडियो कैप्शन, रूस और यूक्रेन कब और कैसे बन गए एक-दूसरे के दुश्मन?

पाकिस्तान का पेच

रूसी राजदूत ने कहा कि अमेरिका के नए वित्तीय प्रतिबंधों के अलावा उसके काउंटरिंग अमेरिकाज़ एडवर्सरीज़ थ्रू सैंक्शन ऐक्ट (CAATSA) के कारण भारत के साथ पाँच अरब डॉलर के एस-400 मिसाइल सिस्टम समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि एस-400 की डिलिवरी होगी.

रोमान ने कहा, ''समझौते के अनुसार ही चीज़ें होंगी. डिलिवरी के टाइम की चर्चा हो गई है. प्रतिबंधों का इस पर कोई असर नहीं होगा.''

इमरान ख़ान रूस के दो दिवसीय दौरे पर पहुँचे हैं. इस दौरे की घोषणा पहले ही हो चुकी थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति से आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही क्षेत्र की बदलती राजनीति पर भी वे चर्चा करेंगे.

भारत में रूस के कार्यकारी राजदूत ने कहा कि भारत ने इमरान ख़ान के दौरे को लेकर कोई चिंता नहीं जताई है. इमरान ख़ान का यह दौरा एक चुने हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के तौर पर 23 साल बाद हुआ है.

वीडियो कैप्शन, रूस की संसद ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश के बाहर सेना तैनात करने की दी अनुमति

रूस जाने से पहले एक रूसी टीवी को दिए इंटरव्यू में इमरान ख़ान ने मोदी सरकार की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत की सत्ताधारी पार्टी अल्पसंख्यकों से भेदभाव करती है. इमरान ख़ान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भी मोदी सरकार की आलोचना की थी.

रोमान बाबुश्किन ने द हिन्दू से पाकिस्तानी पीएम के दौरे को लेकर कहा, ''पाकिस्तान से हमारा स्वतंत्र संबंध है. हमारे द्विपक्षीय और आर्थिक एजेंडे हैं. इसके साथ ही हम शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (एससीओ) में भी हैं. हमें उम्मीद है कि अफ़ग़ानिस्तान पर भी चर्चा होगी. मुझे नहीं लगता है कि किसी भी तरह के रक्षा समझौते की घोषणा होगी. कश्मीर पर हमारे रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है.

रूस कहता है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय विवाद है और भारत-पाकिस्तान ही इसे मिलकर सुलझाएं.

आरएसएस

इमेज स्रोत, @RSSorg

लड़कियों की शादी की उम्र पर मोदी सरकार के साथ नहीं है RSS

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, आरएसएस ने एक उच्चस्तरीय बैठक से पहले स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार की ओर से लड़कियों की शादी की उम्र पर प्रस्तावित क़ानून से उसकी राय अलग है. आरएसएस ने कहा है कि इस तरह के मुद्दों को समाज पर छोड़ देना चाहिए. आरएसएस ने यह भी कहा है कि हिजाब के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया और इसे स्थानीय स्तर पर संभालना चाहिए था.

इंडियन एक्सप्रेस से आरएसएस के सूत्रों ने कहा है कि अहमदाबाद में 11 से 13 मार्च तक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की बैठक में इन दोनों मुद्दों के अलावा अन्य समकालीन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

एबीपीएस की हर साल बैठक होती है और इसमें संगठन के कामों के अलावा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है. इस बैठक में देश भर से आरएसएस के सभी शीर्ष के नेता शामिल होते हैं. इससे जुड़े 30 से अधिक संगठन भी बैठक में शामिल होते हैं.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एक सीनियर नेता ने अख़बार से कहा, ''शादी की उम्र विचाराधीन है. इसे लेकर कई तरह की राय है. जनजातियों और ग्रामीण इलाक़ों में शादी जल्दी हो जाती है. सरकार शिक्षा और जल्दी माँ बनने को लेकर चिंता जता रही है. लेकिन सरकार भी इसे लेकर बहुत जल्दी में नहीं है. सवाल यह है कि इन मामलों में सरकार को कितना हस्तक्षेप करना चाहिए. कुछ चीज़ें समाज पर छोड़ देनी चाहिए.

मतदान

इमेज स्रोत, Getty Images

यूपी में चौथे चरण में 59 सीटों पर 50.67 फ़ीसदी मतदान

हिन्दी अख़बार दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर उत्तर प्रदेश में चौथे चरण में 59 सीटों पर 59.67 फ़ीसदी मतदान की ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

सबसे अधिक मतदान लखीमपुर खीरी में 65.54 फ़ीसदी हुआ जबकि सबसे कम वोटिंग लखनऊ ज़िले में 55.92 फ़ीसदी हुई. 2017 के चुनाव में इन सीटों पर कुल 62.55 फ़ीसदी मतदान हुआ था.

विधानसभा सीटों में सबसे अधिक मतदान पीलीभीत की बरखेड़ा में 71 फ़ीसदी हुआ है. कुछ शिकायतों को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा. मतदान के साथ ही 91 महिला समेत 624 प्रत्याशियों की क़िस्मत ईवीएम में बंद हो गई है.

ISOWTY

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)