सिंगापुर के पीएम के 'नेहरु का भारत' वाले बयान पर भारत ने उच्चायुक्त को किया तलब- प्रेस रिव्यू

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सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के संसद में दिए गए एक भाषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वॉन्ग को तलब किया.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारत ने ली सीन लूंग के इस बयान को ''ग़ैर-ज़रुरी'' और ''अस्वीकार्य'' बताया है.
अपने बयान में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लूंग ने वर्तमान समय में "नेहरू के भारत" के लगातार कमज़ोर होने की आलोचना की थी, और भारतीय सांसदों पर "आपराधिक आरोप" होने का ज़िक्र किया.
अख़बार लिखता है, 15 फरवरी को सिंगापुर की संसद में विशेषाधिकार समिति की एक रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री लूंग भाषण दे रहे थे, ये रिपोर्ट देश के सबसे बड़े विपक्षी दल, वर्कर्स पार्टी के सदस्यों की ओर से झूठ बोलने के आरोपों की जांच को लेकर की थी. इस रिपोर्ट पर अपनी बात कहते हुए पीएम लूंग ने राजनीतिक ईमानदारी में गिरावट का उदाहरण देते हुए वर्तमान समय में भारत और इसराइल में निर्वाचित राजनेताओं का उदाहरण दिया. यहां तक कि उन्होंने ब्रिटेन के ''पार्टी गेट'' स्कैंडल का भी ज़िक्र किया.
अपने भाषण में प्रधानमंत्री लूंग ने कहा, ''नेहरू का भारत ऐसा बन गया है, जहां मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लोकसभा में लगभग आधे सांसदों के ख़िलाफ़ आपराधिक आरोप हैं, जिनमें बलात्कार और हत्या जैसे आरोप तक शामिल हैं. हालांकि ये भी कहा जाता है कि इनमें से ज़्यादातर मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित होते हैं.''
उन्होंने ये भी कहा कि ये महत्वपूर्ण है कि हम सिंगापुर को उस रास्ते पर जाने से रोकें.
सिंगापुर के प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी ने दोनों देशों के बीच लंबे वक़्त से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों के बीच एक विवाद को जन्म दे दिया है.
इस भाषण की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ली ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इसराइल के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड बेन-गुरियन की अपने देशों के लिए लड़ी गई स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए प्रशंसा भी की, लेकिन साथ ही कहा कि राजनेताओं की बाद की पीढ़ियों ने नैतिक मूल्यों को लगातार नीचे गिराने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि '' स्वतंत्रता के लिए लड़ने और जीतने वाले नेता अक्सर महान साहस, अपार संस्कृति और उत्कृष्ट क्षमता वाले असाधारण व्यक्ति होते हैं, वह आग जैसी परिस्थितियों से तप कर आते हैं और आम लोगों के नेता बनकर उभरते हैं. जैसे- डेविड बेन-गुरियन, जवाहर लाल नेहरू और हमारे अपने कई नेता. ''
समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर चर्चा के बाद सिंगापुर की संसद में वर्कर्स पार्टी के तीन नेताओं पर दंड राशि तय करने के लिए वोटिंग की गई, इस रिपोर्ट में वर्कस पार्टी के रईस ख़ान सहित तीन लोगों को झूठ बोलने का दोषी पाया गया था और उन पर लगभग 26,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया. वहीं वर्कर्स पार्टी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और उपाध्यक्ष फ़ैसल मनप पर इसमें शामिल होने के लिए उन पर आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है.
अख़बार के मुताबिक़, ली ने भारतीय सांसदों के बारे में अपने दावे के लिए किसी खास सोर्स का हवाला नहीं दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने ये बात एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की 2019 की एक रिपोर्ट के आधार पर कही, जिसमें पाया गया कि आम चुनाव जीतने वाले 539 उम्मीदवारों में से 233 सांसदों पर आपराधिक आरोप हैं.

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निर्मला सीतारमण का मनमोहन सिंह पर पलटवार, मोदी सरकार को विदेश नीति पर घेरा था
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को अब तक ये समझ में आ चुका होगा कि नेताओं को गले लगाने, उनके साथ झूला झूलने और बिना निमंत्रण बिरयानी खाने से रिश्ते नहीं सुधरते.
उन्होंने ये भी कहा कि जब वह प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने अपने 'काम को बोलने दिया' ना कि 'खुद अपने बारे में बोलते रहे.'
पंजाब चुनाव से ठीक पहले मनमोहन सिंह ने पंजाबी भाषा में एक वीडियो जारी कर पंजाब की जनता से वोट के लिए अपील की और कहा कि केंद्र ने ''पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश की है.'' उन्होंने पंजाब की जनता को बीजेपी के ''बंटवारे की राजनीति'' से आगाह किया और कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मुद्दे पर पंजाब के लोगों और मुख्यमंत्री चन्नी के बीच दरार डालने की कोशिश की.
सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की आलोचना करते हुए सिंह ने कहा, " इस सरकार को अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है और इसके कारण ही आज बेरोज़गारी अपने चरम पर है. किसान, महिलाएं और छात्र सभी परेशान हैं.''
''चीन पिछले एक साल से हमारी जमीन में घुसपैठ कर रहा है, लेकिन इसे छुपाया जा रहा है. हमारे पुराने सहयोगी हमसे दूर जा रहे हैं."
मनमोहन सिंह के इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार करते हुए कहा है, '' मनमोहन सिंह वह प्रधानमंत्री हैं जो 22 महीनों तक देश को मुद्रास्फ़ीति के चक्कर से बाहर नहीं निकाल पाए, जिनके समय में देश से पूंजी निवेश कम होता रहा उन्हें आज अचानक अर्थव्यवस्था की याद कैसे आ गई. क्या ये सिर्फ़ पंजाब चुनाव के लिए है? ''

हिजाब विवाद: बीजेपी सरकार कर सकती है आदेश में बदलाव
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच बीजेपी सरकार 5 फरवरी को जारी किए गए एक विवादित आदेश में थोड़ा बदलाव कर सकती है.
इस आदेश के तहत कहा गया है कि सरकारी कॉलेजों में हिजाब पर रोक लगाना धार्मिक आज़ादी का उल्लंघन नहीं माना जाएगा.
सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि अब सरकार इस आदेश में थोड़े बदलाव करने वाली है. हालांकि ये बदलाव अभी तुरंत नहीं होगा क्योंकि हिजाब को लेकर राज्य में जारी विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है.
गुरुवार को, जब पीठ के सामने हिजाब पर प्रतिबंध और सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुनवाई के लिए आईं, तो राज्य के अधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने तर्कों का जवाब देने के लिए समय मांगा. कोर्ट की बहस में सरकार की पैरवी कर रहे वकील को ये साबित करना था कि कैसे ये सरकारी आदेश समानता, धर्म, अभिव्यक्ति, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के ख़िलाफ़ नहीं है.

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