पंजाब चुनाव: चरणजीत चन्नी का केजरीवाल और अमरिंदर पर हमला

- Author, मनप्रीत कौर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बीबीसी के साथ बातचीत में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तीखे हमले किए हैं. उन्होंने कांग्रेस के भीतर अंदरूनी फूट और ईडी के छापे पर भी अपनी बातें रखीं.
बीते दिनों केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी पर निशाना साधा था.
इन छापों के बाद केजरीवाल के बयानों पर मुख्यमंत्री ने कहा, "केजरीवाल की यही आदत है, पहले बड़ा इल्ज़ाम लगाता है फ़िर बाद में माफ़ी मांग लेता है. गडकरी साहब से मांगी, वित्त मंत्री जेटली साहब से मांगी, मजीठिया से मांगी, कितने और नाम हैं."
उन्होंने कहा कि वो कल उनसे भी माफ़ी मांग सकता है.

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नोटों की बरामदगी पर क्या बोले चन्नी?
ईडी के छापे में नोटों की बरामदगी पर सीएम चन्नी ने कहा कि जहां से नोट निकले हैं उन्हें पकड़कर फ़ांसी पर लटका दें, उनसे पूछने की क्या ज़रूरत है.
उन्होंने ये भी कहा कि, "केजरीवाल ने, जिसके घर छापा पड़ा था उसकी तस्वीर के साथ मेरी फ़ोटो डाली है. मैं पूछता हूँ क्यों भाई. मेरा उसमें क्या है?"
केजरीवाल के बारे में बात करते हुए सीएम चन्नी ने आगे कहा, "केजरीवाल का आम आदमी पार्टी वाला चेहरा, जो एक नक़ाब था, एक झूठा नक़ाब , वो मैंने उतार दिया है. मैं आम आदमी हूं. वो ड्रामा करता था"
ई़डी ते छापों में हुई नोटों की बरामदगी पर चन्नी कहते हैं, "जिनसे बरामदगी हुई है उनसे पूछो कि पैसा कहां से आया और किसका है. वो बताएं नहीं तो पकड़कर उन्हें अंदर करो. उनसे दिन रात पूछताछ हुई, अगर मेरा नाम लिया होता तो अब तक तो बेच कर खा जाते मुझे. अगर मैं उसमें शामिल होता तो क्या वो मुझे छोड़ देते?"

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सिद्धू क्यों साथ नहीं?
ईडी की रेड पर कैबिनेट के सभी सदस्य तो चन्नी के साथ नज़र आए लेकिन इस मामले में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ही सिर्फ़ उनके साथ नहीं दिखे.
सिद्धू ने ईडी की छापेमारी पर सवाल ज़रूर खड़े किए लेकिन उनका कहना है कि अवैध रेत खनन के मामले में उन्होंने किसी को क्लीन चिट नहीं दी है.
जब ये सवाल सीएम चन्नी से पूछा गया कि ईडी की रेड पड़ी तो सिर्फ़ नवजोत सिंह सिद्धू ही नज़र नहीं आए. क्या कारण है?
इस पर उन्होंने कहा, "हर किसी का अपना अपना मन है, जो किसी के साथ खड़ा होना चाहता है खड़ा हो. जो नहीं चाहता, न हो. हमारे अध्यक्ष हैं, उनके लिए पूरी इज़्ज़त है."

"कैप्टन साहब बूढ़े हो गए हैं"
जैसे ही मैंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सवाल पूछना चाहा तो चन्नी तपाक से बोल, "अरे छोड़ो कैप्टन अमरिंदर सिंह. अमरिंदर सिंह बुड्ढा हो गया..."
वे कहते हैं, "मैं पंजाबी की एक कहावत सुना देता हूं कि पीपल के पत्ते आवे क्यों खड़ खड़ लाई है... यानी पीपल का पत्ता होता है न, वो खड़कता है. कभी उसको कह रहा है कि क्यों खड़क रहा है. अब पतझड़ आ गई है. अब नए पत्तों की रुत आ गई है."
"अब कैप्टन साहब की पतझड़ है, वो जा रहे हैं और नए लोगों को मौका मिल रहा है. तो अब कैप्टन की बात नहीं."
कैप्टन अमरिंदर ने सीएम की कुर्सी छोड़ने और चरणजीत सिंह चन्नी के उस पर बैठने के बाद से ही हमलावर रुख अख़्तियार कर रखा है. उन्होंने पुरानी बातें भी निकाल ली हैं, मी टू मूवमेंट को लेकर भी चन्नी को घेरा है और साथ ही ये भी कहा है कि चन्नी उनसे माफ़ी मांगते रहे.
इस पर चन्नी ने कहा, "मैं इस बुज़ुर्ग को कुछ ऐसा नहीं कहना चाहता और न ही ये कहना चाहता हूं कि वो इन चीज़ों में कितने बदनाम हैं. उम्र बहुत है इसलिए उनके ख़िलाफ़ कुछ बोलना अच्छा नहीं लगता. लेकिन मैं कभी उनके घर नहीं गया, मैं साढ़े चार साल में केवल चार बार गया, वो भी कैबिनेट मीटिंग में. बेवजह झूठ के पुलिंदे और पहाड़ खड़ा कर रहे हैं. अगर मुझमें थोड़ा सा भी दोष होता तो ये मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ते. क्योंकि मैंने उनके ख़िलाफ़ बग़ावत करके सरकार से उन्हें हटाया है."
कैप्टन ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ये भी कहा था कि उन्होंने चन्नी को झाड़ा भी था और फ़ाइलों के बारे में ऊपर सोनिया गांधी से बात भी की थी.
इस पर सीएम चन्नी बोले, "झूठ बोलने से क्या पर्चा कट जाता है? झूठ बोलने में क्या जाता है. आज वो फ़ाइलें निकाल कर दिखा दें कि कौन सी थीं. बिल्कुल बेबुनियाद बातें करते हैं. इनके ख़िलाफ़ ऐसी बातें पता नहीं कितनी हैं बोलने के लिए, पर मैं अपनी ज़ुबान गंदी क्यों करूं?"
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कांग्रेस की अंदरूणी लड़ाई पर क्या बोले चन्नी?
कांग्रेस पार्टी में बहुत अंदरुणी लड़ाई नज़र आती है. कभी जाखड़ एक तरफ़, कभी नवजोत सिंह सिद्धू, मनीष तिवारी, कोई निर्दलीय लड़ रहा है, कोई बीजेपी में जाने की बात कर रहा है.
इस पर चन्नी बोले कि, "बड़ी पार्टी है, जीतने की संभावना ज़्यादा है. इसलिए हर कोई टिकट चाहता है. तो जिसको नहीं मिलती उसको थोड़ा तक़लीफ़ तो होती है. लेकिन पार्टी के अंदर परिवार की बात है."
अपने 111 दिनों के काम पर चन्नी क्या बोले?
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जब ये पूछा गया कि बीते 111 दिनों के अनुभव को आप कैसे देखते हैं?
तो उन्होंने कहा, "बहुत ही अच्छा रहा है. मैं लोगों के काम आ सका हूं, जो लोग चाहते हैं, आम आदमी की जो ज़रूरत है, ग़रीब, मध्यम वर्ग की जो ज़रूरत है उनके काम कर सका हूं."
"बिजली सस्ती की है. बकाया माफ़ किया हूं. पानी के बकाये माफ़ किए हैं. पानी सस्ता किया है. रेत सस्ता किया है. घर में अर्थ फीलिंग होती है, उसके लिए जो मिट्टी चाहिए होती है वो फ़्री कर दी है."
इस दौरान उन्होंने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में कई चीज़ें गिनाईं.
उन्होंने कहा, "फ़सल ख़राब होने पर किसानों को 12 हज़ार रुपये मिलते थे, मैंने 17 हज़ार रुपये दिए हैं. गोशालाओं का 18 करोड़ रुपये बकाया था, वो सारा फ़्री कर दिया है. आगे बिल नहीं जाएगा. पांच लाख प्रति गोशाला, 21 करोड़ रुपया दिया है. "
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