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उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में कब होंगे इलेक्शन, चुनाव आयोग ने किया एलान
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने शनिवार को बताया है कि उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब और गोवा में कुल सात चरणों में चुनाव होंगे.
चुनाव आयोग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश में सात चरणों, मणिपुर में दो चरणों में और पंजाब, गोवा एवं उत्तराखंड में एक चरण में चुनाव होंगे.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 403 सीटों, पंजाब में 117 सीटों, गोवा में 40 सीटों, उत्तराखंड में 70 सीटों और मणिपुर में 60 सीटों पर सैकड़ों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे.
इन पांचों राज्यों में मतदान होने के बाद दस मार्च को मतगणना की जाएगी. इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी.
फिलहाल, इनमें से उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में बीजेपी की सरकार है. और पंजाब में कांग्रेस सत्तारूढ़ दल है.
कुल 690 सीटों पर होगा मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि पांच राज्यों की 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव संपन्न होंगे. और 18 करोड़ 34 लाख मतदाता इन चुनाव में हिस्सा लेंगे.
आयोग ने कहा है कि सात चरणों में चुनाव संपन्न होंगे.
चुनाव कार्यक्रम -
- उत्तर प्रदेश में पहला चरण- 10 फरवरी
- उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का चुनाव- 14 फरवरी
- उत्तर प्रदेश में तीसरा चरण- 20 फरवरी
- उत्तर प्रदेश में चौथा चरण- 23 फरवरी
- पांचवा चरण- 27 फरवरी
- उत्तर प्रदेश में को छठा चरण- 3 मार्च
- उत्तर प्रदेश में सातवां चरण- 7 मार्च
इसके साथ ही पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में मतदान कराया जाएगा.
और मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान कराया जाएगा.
दस मार्च होगी को मतगणना
चुनाव आयोग ने बताया है कि सात चरणों के मतदान के बाद दस मार्च को मतों की गिनती होगी. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए तमाम इंतज़ाम किए हैं.
आयोग का कहना है कि सुरक्षित चुनाव कराना पहली प्राथमिकता है. और, कोरोना के बीच चुनाव कराने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे.
चुनाव आयोग ने कहा कि 15 जनवरी तक किसी भी तरह के रोड शो, रैली, पद यात्रा, साइकिल और स्कूटर रैली की इजाजत नहीं होगी.
वर्चुअल रैली के ज़रिए ही चुनाव प्रचार होगा. जीत के बाद किसी तरह के विजय जुलूस भी नहीं निकलेगा.
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में निम्नलिखित जानकारी दी है.
- चुनाव ड्यूटी में लगे सभी लोगों को बूस्टर डोज़
- पोलिंग बूथ पर मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था
- 2.15 लाख से अधिक पोलिंग स्टेशन
- पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम वोटरों की संख्या 1500 से घटाकर 1250 की गई.
- वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ाया गया.
- 15 जनवरी तक रोड शो, पदयात्रा, साइकिल रैली तक नहीं.
- विजय जुलूस भी नहीं
किस पार्टी ने क्या प्रतिक्रिया दी
विधानसभा चुनावों के मतदान कार्यक्रम की घोषणा के बाद राजनीति रैलियों की ओर से बयान जारी किए हैं.
बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आगामी चुनाव में जीत हासिल करने का दावा किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है, "भारत निर्वाचन आयोग ने देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की है. प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पिछले 5 वर्षों में बदलाव और विकास की एक नई राह पर चला है.
नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में हम लोकतंत्र के इस महापर्व का हृदय से स्वागत करते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि 10 मार्च 2022 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ जनता जनार्दन का आशीर्वाद प्राप्त करने में सफल होगी."
इसके साथ ही गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता हर समय चुनाव के लिए तैयार रहते हैं.
बीजेपी नेता और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि "14 फरवरी को गोवा में चुनाव होंगे, मैं चुनाव आयोग का स्वागत करता हूं कि जिस तरह से कोविड प्रोटोकॉल को संभालते हुए उन्होंने चुनावों की घोषणा की. गोवा में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ BJP की सरकार बनेगी. हमारे कार्यकर्ता हर वक्त चुनाव के लिए तैयार रहते हैं.'
विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत अन्य दलों की ओर से प्रतिक्रिया आई है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि "ये तारीखें बदलाव की हैं. शुरुआत 10 फरवरी से हो रही है और 10 मार्च तक परिणाम आएगा. चुनाव आयोग द्वारा रखी गई शर्तों का पालन किया जाएगा. 10 मार्च के बाद यूपी से भाजपा का साफ होना तय है."
इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि "चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए और हमारा अनुरोध है कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता से काम करना चाहिए. हम भविष्य में देखेंगे कि वो कैसे काम करते हैं और विपक्ष व सरकार के साथ कैसा व्यवहार करते हैं."
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