प्रकाश झा और 'आश्रम' वेब सिरीज़ को लेकर मध्य प्रदेश में गरमाई सियासत

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- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
भोपाल में रविवार को प्रकाश झा की वेब सिरीज़ 'आश्रम-3' की शूटिंग के दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हिंसक प्रदर्शन के बाद अब सरकार में बैठे मंत्रियों ने कहा है कि प्रदेश में होने वाली शूटिंग के लिए गाइडलाइन बनाई जाएंगी.
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रदेश में होने वाली शूटिंग से पहले निर्माताओं को प्रशासन को स्क्रिप्ट और दूसरी जानकारी देनी होगी.
उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में अब ऐसी किसी भी फ़िल्म की शूटिंग को अनुमति नहीं दी जाएगी जिसमें आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले सीन हों."
इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नाम को लेकर हमें भी आपत्ति है.
गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों का किया बचाव

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "हमेशा हमारी भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य ही क्यों फ़िल्माते हो. अगर हिम्मत है तो दूसरे धर्म की भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य फ़िल्मा कर दिखाओ."
हालांकि प्रदर्शन करने वालों का बचाव करते हुये गृह मंत्री ने कहा कि प्रकाश झा को भी विचार करना चाहिए कि आख़िर ऐसा क्यों हुआ.
रविवार को बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता नारेबाज़ी करते हुए पुराने जेल परिसर में शूटिंग स्थल पर पहुंच गये थे. उनकी बातचीत प्रकाश झा से चल रही थी, उसी दौरान वहां पर उन्होंने तोड़-फोड़ शुरू कर दी.
प्रकाश झा पर स्याही फेंकी गई और उस जगह मौजूद वैनिटी वैन, ट्रक और दूसरे वाहनों को नुक़सान पहुंचाया गया. इस दौरान कम से कम पांच वैनिटी वैन को नुक़सान पहुंचाया गया.
वहीं शूटिंग में मौजूद स्टाफ़ को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया. क़रीब छह कर्मचारियों को चोट भी आई है. इसके बाद पुलिस बल वहां पर पहुंचा और हालात को काबू में किया. घटना के वक्त़ वेब सिरीज़ के एक्टर बॉबी देओल भी मौजूद थे.
प्रकाश झा ने नहीं की कोई टिप्पणी

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पुलिस ने इस मामले में रविवार को चार लोगों को गिरफ़्तार किया था. सोमवार को पुलिस ने 25 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया. प्रकाश झा या उनकी यूनिट की तरफ़ से किसी भी किस्म की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है.
वहीं इस मामले पर कुछ भी बोलने से प्रकाश झा ने इंकार कर दिया है.
भोपाल ज़िले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भोपाल में जो घटना हुई है वो दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने कहा, "हम पहले इस वेब सिरीज़ को देखेंगे. यदि इसमें इस तरह का कोई विषय होगा तो उसे प्रतिबंधित करेंगे."
उन्होंने यह भी कहा कि शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश में पर्याप्त सुरक्षा, साधन और जगह उपलब्ध कराई जा रही है.
हमले के बाद राजनीति हुई तेज़

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इस मामले ने अब राजनैतिक रंग ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री और काग्रेंस के नेता दिग्विजय सिंह ने बजरंग दल पर हमला बोलते हुए कहा, "संघ का बजरंग दल अब आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों का दल बन चुका है. "
उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल में इनकी हरकत को देखा जा सकता है.
उन्होंने यह भी कहा, "मुख्यमंत्री जी, गृह मंत्री जी, मध्य प्रदेश की जनता आपके पाले हुए गुंडों को कब तक बर्दाश्त करेगी."
वहीं इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जवाब देते हुए कहा, "आश्रम पर वेब सिरीज़ बनाने वाले क्या कभी 'मदरसों' पर वेब सिरीज़ बनाने की औक़ात रखते हैं? ईद पर जबलपुर में पुलिस पर हमला करने वाले कठमुल्ले क्या थे, राजा साहब? शांति दूत? उस दिन आपकी ट्विटर की चिड़िया क्यों नही चहकी?"

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रामेश्वर शर्मा ने यह बात जबलपुर में ईद मिलाद उन नबी के दिन पुलिस और मुसलमानों के आमने-सामने आ जाने पर कही.
उधर, अखिल भारतीय संत समिति ने सोमवार को भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ज्ञापन देकर आश्रम-3 वेब सिरीज़ की शूटिंग रुकवाने की बात कही.
समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्रकाश झा द्वारा निर्मित आश्रम-3 सनातन धर्म के विरुद्ध है, इस फ़िल्म के माध्यम से संत समाज को बदनाम किया जा रहा है.
समिति ने कहा कि, "सनातन धर्म में आश्रम का क्या महत्व रहा है, यह हमें किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है. विगत पांच दशक पूर्व से ही यह तथाकथित बॉलीवुड हमारी धार्मिक भावनाओं, भारतीय परंपरा और संस्कृति पर कुठाराघात कर रहा है."
उन्होंने यह भी कहा कि, "आश्रम की पहले आई दोनों सिरीज़ में साधु संतों और आश्रम का जो स्वरूप दिखाया गया है, वह निंदनीय है, हिंदू धर्म को बदनाम करने का वैश्विक षड्यंत्र है."
वहीं संतों ने यह भी कहा कि उनकी मांग है कि असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जाए और ऐसी फ़िल्मों के निर्माण पर रोक लगाई जाए अन्यथा हिंदू समाज ज़बरदस्त तरीके़ से ऐसी कृतियों का प्रतिकार करने के लिए तैयार है और इस स्थिति में ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी.
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दी चुनौती

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प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि वो मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री को पत्र लिखेंगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की वेब सिरीज़ और फ़िल्म को पूरे देश में बैन करना चाहिए.
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि फ़िल्म निर्माताओं में यदि हिम्मत है तो मदरसों और चर्च पर भी फ़िल्म बनाएं. हालांकि इस वेब सिरीज़ की शूटिंग सोमवार को दूसरे स्थान पर जारी रही.
पिछले कई बरसों से प्रकाश झा अपनी हर फ़िल्म की शूटिंग भोपाल में ही कर रहे थे, लेकिन इस तरह के विरोध का सामना उन्हें नहीं करना पड़ा था. यह पहली बार है जब ऐसी स्थिती पैदा हुई है.
मध्य प्रदेश में पिछले कई सालों में सैकड़ों फ़िल्मों और वेब सिरीज़ की शूटिंग हुई और प्रदेश सरकार फ़िल्म वालों को हर तरह की सुविधायें उपलब्ध कराती रही है. लेकिन रविवार को जो घटना हुई है उससे प्रदेश की छवि को धक्का लगा है.
वहीं प्रकाश झा लगातार भोपाल के लोगों की तारीफ़ करते रहे हैं कि उन्हें वहां पर फ़िल्म की शूटिंग में किसी तरह की दिक़्क़त नहीं आती है.
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