नरेंद्र गिरि की मौत मामले में आनंद गिरि के ख़िलाफ़ एफ़आईआर, योगी आदित्यनाथ ने कहा- रहस्य से जल्द उठेगा पर्दा

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- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य रहे आनंद गिरि के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है. सोमवार देर रात ही पुलिस आनंद गिरी से पूछताछ कर रही है.
आनंद गिरि के ख़िलाफ़ एफ़आईआर प्रयागराज के जॉर्जटाउन थाने में बाघंबरी मठ से संबद्ध बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक और नरेंद्र गिरि के एक अन्य शिष्य अमर गिरि की ओर से दर्ज कराई गई है.
एफ़आईआर में सिर्फ़ आनंद गिरि का ही नाम है, जिसमें अमर गिरि ने आरोप लगाया है कि आनंद गिरि की वजह से नरेंद्र गिरि पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में चल रहे थे और उसी वजह से उन्होंने अपनी जान दी है. हालांकि पुलिस इस मामले में हत्या की बात से भी इनकार नहीं कर रही है.
आऩंद गिरि के अलावा बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. इन दोनों लोगों का भी नाम महंत नरेंद्र गिरि के कथित सुसाइड नोट में किया गया है.

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योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन के लिए प्रयागराज पहुँचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जल्दी ही नरेंद्र गिरि की मौत के रहस्य से पर्दा उठेगा और दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "नरेंद्र गिरि की मृत्यु के मामले में कई सबूत जुटाए गए हैं और कई वरिष्ठ अधिकारी एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. एक-एक घटना का पर्दाफ़ाश होगा. जाँच एजेंसियों को निष्पक्ष ढंग से काम को आगे बढ़ाने दें. जो भी ज़िम्मेदार होगा, उसे क़ानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी."
मुख्यमंत्री ने बताया कि चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम घटना की जाँच में लगाई गई है, जिसमें प्रयागराज ज़ोन के एडीजी प्रेमप्रकाश, प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी भी शामिल हैं.
अखाड़ा परिषद के सदस्यों की राय को ध्यान में रखते हुए नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए आज बाघंबरी पीठ में ही रखा गया है. उनके शव का पोस्टमॉर्टम बुधवार को होगा, जिसके बाद संत परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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'आत्महत्या की बात पर भरोसा नहीं'
महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन के लिए प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनके चाहने वालों का तांता लगा हुआ है.
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रयागराज से बाहर के भी तमाम साधु-संत उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुँच रहे हैं.
जूना अखाड़े के प्रमुख महंत हरि जी महराज ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यह संत समाज के लिए बहुत ही दुखद घटना है. यह पता लगाया जाना चाहिए कि उनकी मौत कैसे हुई. आत्महत्या की बात पर हमें भरोसा नहीं है."

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जाँच की मांग
इस बीच, नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट पर भी सवाल उठ रहे हैं. अखाड़ा परिषद के सेवादारों और बाघंबरी मठ में उनके शिष्यों का कहना है कि महंत नरेन्द्र गिरि ख़ुद कभी कुछ नहीं लिखते थे, बल्कि मठ के किसी शिष्य या सेवादार से ही लिखवाते थे.
नाम न छापने की शर्त पर उनके एक शिष्य ने बीबीसी को बताया कि सात-आठ पेज के सुसाइड नोट लिखने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता, इसलिए इस सुसाइड नोट की भी जाँच होनी चाहिए.
महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने प्रयागराज पहुँचे यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने भी आत्महत्या पर संदेह जताया है.
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "आत्महत्या की बात पर यक़ीन नहीं हो रहा है. इस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कराई जाएगी. अगर ज़रूरत महसूस होगी, तो सीबीआई से भी मामले की जाँच कराई जाएगी. सरकार हर तरह से तैयार है."
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
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