You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
छत्तीसगढ़: तो क्या कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री बदलने की तैयारी कर रही है?
- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
क्या कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलने की तैयारी कर रही है?
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और ढाई-ढाई साल के कथित फ़ॉर्मूले के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदार टीएस सिंहदेव के साथ मंगलवार को राज्य कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाक़ात की ख़बर के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो गई है.
हालांकि बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विभिन्न योजनाओं के बारे में राहुल गांधी से विस्तार से चर्चा हुई. वहीं टीएस सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी के साथ कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. लेकिन इन बयानों से इतर, छत्तीसगढ़ में तरह-तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं.
असल में राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब और छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल उठते रहे हैं. आपसी मदभेदों के कारण मध्यप्रदेश में तो कांग्रेस पार्टी को सत्ता से ही हाथ धोना पड़ा, वहीं राजस्थान और पंजाब के झगड़े जगज़ाहिर हैं.
अब पिछले कुछ महीनों से छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री पद को लेकर वादों की याद दिलाई जा रही है.
इस साल जून में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ढ़ाई साल पूरे होने के बाद से ही हर पखवाड़े राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की एक तारीख़ चर्चा में आती है और फिर गुज़र जाती है. भूपेश बघेल ख़ेमे के समर्थक इसे महज़ अफ़वाह बताते हैं तो टीएस सिंहदेव के ख़ेमे के नेता मुस्कुराते हुए आगे-आगे देखने की बात कह कर टाल जाते हैं.
पार्टी में गुटबाज़ी
ख़ुद टीएस सिंहदेव कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद से ही ढाई-ढाई साल के फ़ॉर्मूले को लेकर यही कहते रहे हैं कि मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला आलाकमान पर निर्भर करता है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुरुआती दिनों में तो 'ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री' जैसे किसी फ़ॉर्मूले को ही ख़ारिज करते रहे लेकिन दिन गुज़रने के साथ-साथ उन्होंने भी टीएस सिंहदेव के सुर में सुर मिलाना शुरु कर दिया और बात "हाईकमान कहे तो अभी आपसे बात करते-करते इस्तीफ़ा दे दूंगा" तक पहुँच गई.
भूपेश बघेल के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हुए तो मुख्यमंत्री की कमान टीएस सिंहदेव को सौंपे जाने की चर्चा फिर से शुरु हो गई. एक तरफ़ भूपेश बघेल के बेहद क़रीबी और राज्य में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी पीएल पुनिया ऐसी बातों से इनकार करते रहे, वहीं मुख्यमंत्री पद के दावेदार टीएस सिंहदेव की अलग-अलग तरीक़ों से घेरने की शुरुआत भी हो गई.
कभी टीएस सिंहदेव के ख़िलाफ़ कथित रुप से 52 विधायकों के शक्ति प्रदर्शन की ख़बरें छपवाई गईं तो कभी पार्टी के अपने ही विधायक ने सिंहदेव पर हत्या करवाने की साज़िश रचने के गंभीर आरोप लगाये. कभी टीएस सिंहदेव के फ़र्ज़ी बयान वायरल हुए तो कभी उनके भाजपा में शामिल होने की अफ़वाहें रणनीतिक तरीक़े से फैलाई गईं. टीएस सिंहदेव महज़ सफ़ाई देने में उलझे रहे.
लेकिन इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता चरणदास महंत ने यह कह कर सबको चौंका दिया कि यह अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच का मामला है. हम चार लोग सेमीफ़ाइनल में थे. अब फ़ाइनल में जो जीतेगा, वो जीतेगा.
टीएस सिंहदेव ने भी तुंरत प्रतिक्रिया दी कि एक मैच तो हो चुका. आगे क्या होगा, यह हाईकमान तय करेगा.
मुख्यमंत्री पद के चार दावेदार
असल में छत्तीसगढ़ में पंद्रह सालों के बाद दिसंबर 2018 में, जब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी 90 में से 68 सीटें जीत कर आई तो कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री पद के चार दावेदार सामने आये-टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत.
विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बजाये सारा कुछ पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया. कई दिनों तक चारों नेता दिल्ली में जमे रहे और इस बीच ताम्रध्वज साहू का नाम लगभग तय कर लिया गया. लेकिन कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि घोषणापत्र बनाने से लेकर चुनाव की एक-एक रणनीति तय करने वाले टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल इस फ़ैसले के बाद अड़ गये और राहुल गांधी के साथ दुबारा बैठक के बाद यह फ़ैसला हुआ कि भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के फ़ॉर्मूले पर काम करेंगे.
मुख्यमंत्री पद के तीसरे दावेदार चरणदास महंत को जहां विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया, वहीं ताम्रध्वज साहू को गृह मंत्रालय की कमान सौंपी गई.
लेकिन चुनाव से पहले तक जय-वीरु कहे जाने वाले टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के रिश्ते चुनाव के बाद सामान्य नहीं रहे.
हालत यहां तक पहुँच गई कि टीएस सिंहदवे के मंत्रालय से जुड़े शीर्ष अफ़सरों के लगातार तबादले किये गये और टीएस सिंहदेव की कभी राय तक नहीं ली गई. टीएस सिंहदेव को जिस स्वास्थ्य विभाग का मंत्री बनाया गया था, उसकी कई बैठकों से टीएस सिंहदेव को ही दूर रखा गया. स्वास्थ्य विभाग की कई बैठकें ऐसी हुईं, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की और स्वास्थ्य मंत्री को इन बैठकों में बुलाया तक नहीं गया.
अटकलों का दौर
यहां तक कि कई ज़रूरी और नीतिगत फ़ैसलों की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करने लगे और टीएस सिंहदेव को इन फ़ैसलों से अनभिज्ञता जताने की नौबत आ गई. कुछ अवसरों पर टीएस सिंहदेव ने अपने ही विभाग के फ़ैसलों का विरोध भी किया. लेकिन माना यही जाता रहा कि टीएस सिंहदेव अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं.
टीएस सिंहदेव के एक समर्थक विधायक कहते हैं, "अगर टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो राज्य में अगली बार कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आना मुश्किल है, इस बात को आलाकमान बेहतर जानता है. और दूसरा ये कि फिर उनके कहे पर भरोसा कौन करेगा? अगर टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता तो वो मंत्री पद छोड़ कर चुपचाप बैठ जाएंगे, यह बात भूपेश बघेल और उनकी टीम जानती है. लेकिन उनका चुपचाप बैठ जाना भूपेश बघेल की जीत हो सकती है, यह पार्टी की हार होगी."
लेकिन दिल्ली की बैठकों पर नज़र बनाये भूपेश बघेल के समर्थक एक विधायक के पास अपने तर्क हैं.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "अगर छत्तीसगढ़ में कोई बदलाव किया जाता है तो इस बदलाव की हवा राजस्थान भी पहुँचेगी और आलाकमान ऐसा कोई क़दम नहीं उठाएगा. दूसरा ये कि भूपेश बघेल आज की तारीख़ में ओबीसी का बड़ा चेहरा बन चुके हैं और कम से कम उत्तर प्रदेश चुनाव तक तो उन्हें पद से हटा कर कांग्रेस पार्टी कोई ख़तरा मोल लेगी, ऐसा नहीं लगता."
अगर, मगर, लेकिन, किंतु, परंतु जैसे शब्दों के साथ छत्तीसगढ़ में तरह-तरह के क़यास लगाये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री बदले जाने से लेकर दोनों में से किसी एक को कांग्रेस के केंद्र की राजनीति में ले जाने तक की चर्चा हो रही है. लेकिन मज़ाक़ में ही कहा जाता है कि कांग्रेस पार्टी के फ़ैसले और मौत का कोई ठिकाना नहीं होता. ज़ाहिर है, जब तक कोई फ़ैसला न हो जाए, तब तक तो राजनीतिक गलियारों में अनुमान के दौर जारी रहेंगे.
ये भी पढ़ें
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)