किसान आंदोलन के 7 महीनेः बैरिकेड तोड़कर किसानों ने राज्यपालों को ज्ञापन सौंपा

किसानों का विरोध प्रदर्शन

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बीते वर्ष 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमा पर देश के कई राज्यों से आए किसान तीन नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जब तक ये क़ानून वापस नहीं लिए जाएंगे उनका ये आंदोलन चलता रहेगा.

शनिवार यानी 26 जून 2021 को देशव्यापी किसान आंदोलन के सात महीने पूरे हो गये हैं. इस अवसर को और भारत में 1975 में आपातकाल की घोषणा की 46वीं वर्षगांठ पर, किसानों ने पूरे भारत में ज़ोरदार और व्यापक रूप से 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस 'के रूप में मनाया. इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में किसानों ने राज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपे.

कुछ राज्यों में शांतिपूर्ण, तो कहीं हंगामेदार रहा प्रदर्शन

संयुक्त किसान मोर्चा ने शाम को एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि "प्रदर्शनकारियों को कई स्थानों पर पुलिस दमन का सामना करना पड़ा, जो आज के अघोषित आपातकाल को दर्शाता है."

उनके मुताबिक, "विभिन्न राज्यों में सत्ताधारी बीजेपी और अन्य सरकारों ने कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना आदि में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को उठाकर हिरासत में लिया और उन्हें राजभवन तक मार्च करने या राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने की अनुमति नहीं दी."

"चंडीगढ़ में, प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस के वाटर कैनन का सामना करना पड़ा. उत्तराखंड के देहरादून, कर्नाटक के बेंगलुरू, तेलंगाना के हैदराबाद, दिल्ली, मध्य प्रदेश के भोपाल में पुलिस ने विरोध कर रहे किसानों को उनके विधानसभा स्थलों से उठाया और राजभवनों में जाने की अनुमति नहीं दी. कर्नाटक में भी कई जगहों पर भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया."

उनके मुताबिक, "उत्तर प्रदेश के लखनऊ में किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने वहां राजभवन के मनोनीत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा तो महाराष्ट्र में किसान प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा. इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश में किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाक़ात कर ज्ञापन की प्रति दी. ओडिशा में राज्यपाल के सचिव को भुवनेश्वर में एक ज्ञापन सौंपा गया. बिहार के पटना, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, त्रिपुरा के अगरतला और तमिलनाडु के चेन्नई में किसानों का राजभवन में जमावड़ा और रैलियां हुईं. तमिलनाडु और कर्नाटक के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ देखी गई. ओडिशा और बिहार में कई स्थानों पर स्थानीय विरोध प्रदर्शन हुए तो महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई जगहों पर तहसील स्तर और ज़िला स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए."

शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन में क्या क्या हुआ? इन तस्वीरों में देखिए...

किसान आंदोलन

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इमेज कैप्शन, यह तस्वीर लखनऊ की है, जहां किसान राज्यपाल से मिलने निकले लेकिन उन्हें बापू भवन से पहले ही बैरिकेडिंग लगा कर रोक दिया गया.
किसान आंदोलन

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इमेज कैप्शन, हालांकि बाद में किसानों को राजभवन जाने की अनुमति मिल गई
किसान आंदोलन

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इमेज कैप्शन, केवल कुछ ही किसानों को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने की इजाज़त मिली.
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इमेज कैप्शन, फ़िर क़रीब आधे दर्जन किसानों ने राज्यपाल से मुलाक़ात की. राज्यपाल से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपा.
राकेश टिकैत

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इमेज कैप्शन, इधर दिल्ली की सीमा से शनिवार को अचानक भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को गिरफ्तार किए जाने की ख़बरें आने लगीं. हालांकि फौरन दिल्ली पुलिस और ख़ुद राकेश टिकैत ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनकी गिरफ़्तारी की ख़बर ग़लत है. उन्होंने यह भी बताया कि वे गाज़ीपुर बॉर्डर पर हैं और वहां स्थिति सामान्य है.
राकेश टिकैत

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गाज़ीपुर बॉर्डर की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, गाज़ीपुर बॉर्डर की तस्वीर
किसान आंदोलन, पंजाब

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इमेज कैप्शन, पंजाब में किसान आंदोलन के सात महीने पूरे होने पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.
पंजाब

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इमेज कैप्शन, पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के साथ ही हरियाणा के कई शहरों में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए.
किसान आंदोलन

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इमेज कैप्शन, जींद, पंचकुला समेत राज्य के अलग अलग हिस्सों से लोग राजधानी में जुटे और राज्यपाल से मिलने के लिए साथ कूच किया. इस तस्वीर में गुरदासपुर से चंडीगढ़ जाता किसानों का एक जत्था.
हालांकि पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की. लेकिन सीमित संख्या में किसानों को राज्यपाल से मिलने की अनुमति भी दी गई.

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इमेज कैप्शन, हालांकि पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की. लेकिन सीमित संख्या में किसानों को राज्यपाल से मिलने की अनुमति भी दी गई.
राजस्थान में भी किसानों ने तीन नए कृषि क़ानूनों का विरोध किया.

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इमेज कैप्शन, राजस्थान में भी किसानों ने तीन नए कृषि क़ानूनों का विरोध किया.
किसान तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, किसान तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
किसान आंदोलन

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इमेज कैप्शन, शनिवार का विरोध प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किया गया. जयपुर में शहीद स्मारक से पैदल मार्च निकालते हुए किसानों ने राजभवन की ओर कूच किया. फ़िर किसानों के 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन गया और राज्यपाल के सचिव को उन्होंने ज्ञापन सौंपा.

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