कोविड-19: भारत में संक्रमण की संख्या बाक़ी देशों के कुल मामलों से भी आगे

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    • Author, विजदान मोहम्मद कवूसा
    • पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग

भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर जारी है और अब तक कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले सामने आए हैं.

लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी कि भारत में इस समय पूरी दुनिया के मुक़ाबले में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं जबकि पूरी दुनिया में हो रही कुल मौतों में से एक तिहाई भारत में हो रही हैं.

भारत और दुनिया के कुल मामले और मौतें

वर्ल्डोमीटर के रोज़ाना के नए मामलों और मौतों के अनुसार, भारत में 10 मई को तक़रीबन 3,29,500 नए कोरोना के मामले सामने आए थे, जो पूरी दुनिया में आए कुल मामलों का 54% था.

वहीं, उसी दिन भारत में 3,880 नई मौतें हुई थीं जो दुनिया की कुल मौतों का तक़रीबन 37% था.

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तब लगातार ऐसा तीसरा दिन था, जब केवल भारत में ही पूरी दुनिया के मुक़ाबले 50% दैनिक मामले सामने आए थे और लगातार चौथे दिन सिर्फ़ भारत में ही दुनिया के मुक़ाबले 30% मौतें हुई थीं.

कोविड-19 की पहली लहर के दौरान पूरी दुनिया के मुक़ाबले भारत में ही 37.4% ही रोज़ाना के नए मामले पाए गए थे और 29.1% मौतें हुई थीं.

भारत भारी अंतर से आगे

मई के शुरुआती 10 दिनों में भारत में 38 लाख नए मामले सामने आए थे, जो उस समय कोरोना के मामले में दूसरे पायदान पर मौजूद ब्राज़ील से सात गुना अधिक था. वहीं, इसी दौरान भारत में 38,190 नई मौतें हुई थीं, जो ब्राज़ील से दोगुनी थी.

इसी के साथ ही सितंबर 2020 के बाद ऐसा पहली बार था जब भारत दुनिया में नए मामलों और मौतों के मामले में शीर्ष पर पहुँच गया था.

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वजह

पूरी दुनिया में भारत का शेयर बढ़ने के लिए दो वजहों को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है. पहला घरेलू मामलों का लगातार बढ़ते चले जाना और एक जगह जाकर स्थिर हो जाना और दूसरा बाक़ी देशों में नए मामलों का लगातार कम होना.

एक महीने पहले अन्य देशों ने भारत के मुक़ाबले चार गुना अधिक मामले पाए जाने की जानकारी दी थी. लेकिन धीरे-धीरे अंतर कम होता चला गया और 10 मई तक बाक़ी देशों के तीन दिन के कुल मामलों की तुलना में भारत में इतने मामले पाए जाने लगे.

अगर हालिया ट्रेंड जारी रहे, तो दुनिया के कुल मामले में भारत का शेयर नज़दीकी भविष्य में बहुत तेज़ी से नहीं बढ़ने की संभावना है. ख़ासकर के तब अगर भारत में नए मामले कम आने का ट्रेंड वापस शुरू हो जाए.

कोरोना वायरस संक्रमण की लहर को आमतौर पर तीन चरणों में माना जाता है. सबसे पहले तेज़ी से नए मामले आने शुरू होते हैं, फिर नए मामलों का आना एक जगह टिक सा जाता है और फिर नए मामलों की संख्या घटनी शुरू हो जाती है.

भारत में दुनिया के मुक़ाबले मौत के मामले अधिक बढ़ने का कारण भी यही है. भारत में यह मामले बढ़ रहे हैं जबकि दुनिया में बाक़ी जगहों पर कम हो रहे हैं.

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एक महीने पहले दुनिया में भारत के मुक़ाबले 15 गुना अधिक मौतों के मामले सामने आए थे और यह अंतर धीरे-धीरे समाप्त होता चला गया. 10 मई को दुनिया में हुईं कुल मौतें भारत से सिर्फ़ दोगुने से थोड़ी ही अधिक थीं.

हालांकि, भारत में कुल संक्रमण के मामलों की तरह मौतों के मामले एक जगह जाकर थमे नहीं. हालांकि, संक्रमण और मौत के बीच अंतराल को प्राकृतिक कारण माना जा रहा है.

मौतों के आँकड़ों में लगातार तेज़ी

मई महीने में दुनिया में जिन 10 देशों में सबसे अधिक संक्रमण और मौत के मामले पाए गए हैं उनमें भारत में ही सबसे अधिक मौत और संक्रमण के मामले बढ़े हैं.

1 मई से 10 मई के बीच भारत में संक्रमण का आँकड़ा 4.6% बढ़ा जो ब्राज़ील से 3.4% अधिक था.

इसी दौरान भारत में मौत का ग्राफ़ 19.1% बढ़ा जो अर्जेंटीना से 3.6% अधिक था.

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भारत के बाद ब्राज़ील ही है, जहाँ मई में सबसे अधिक मौतें हुई हैं. हालांकि, मई के शुरुआती 10 दिनों में वहां मौतों का आँकड़ा घटा है.

भारत में संक्रमण के मामले और मौतों का आँकड़ा लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है और यह शायद आने वाले समय में दुनिया में भारत का शेयर लगातार बना रहेगा.

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