असम विधानसभा चुनावः बीजेपी का असम के लिए वादा- 'करेक्ट एनआरसी', मुफ्त शिक्षा और नौकरियां

असम विधानसभा चुनावः "करेक्ट एनआरसी", मुफ्त शिक्षा, नौकरियां, बीजेपी ने जारी किया घोषणापत्र

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    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को गुवाहाटी में असम विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा उनकी पार्टी प्रदेश में एक सही एनआरसी लेकर लाएगी. लेकिन बीजेपी के इस घोषणापत्र में सीएए का कोई ख़ास ज़िक्र नहीं किया गया है.

सीएए पर जेपी नड्डा ने केवल इतना कहा, "सीएए को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है. इसे लागू किया जाना है और इसे अक्षरों और पूरी भावना के साथ लागू किया जाएगा."

बीजेपी ने असम में भी अपने चुनावी घोषणापत्र को 'संकल्प पत्र' नाम दिया है और राज्य के लोगों से इसमें 10 संकल्प किए है.

इस घोषणापत्र में आत्मनिर्भर असम बनाने के वादे के साथ ही सभ्यता, सुरक्षा और विकास की प्रतिज्ञा की गई है.

असम की सुरक्षा के लिए एक 'सही एनआरसी' बनाने का वादा किया गया है. अपने संकल्प पत्र में बीजेपी ने वास्तविक भारतीय नागरिकों की रक्षा करने और घुसपैठियों का पता लगाने की बात कही है ताकि 'आहोम' सभ्यता सुरक्षित रहे.

असम के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी वादा किया गया है. इसके साथ ही जेपी नड्डा ने नौकरियों के बारे में बात करते हुए कहा कि अगर प्रदेश में भाजपा फिर से शासन में आती है तो सार्वजनिक क्षेत्र में 2 लाख नौकरियां दी जाएंगी जिसमें 31 मार्च 2022 तक 1 लाख नौकरियां दी जाएंगी. जबकि निजी क्षेत्र में भी 8 लाख रोज़गार देने की बात कही है.

पश्चिम बंगाल में जारी किए गए पार्टी के घोषणापत्र की तरह असम में भी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा कक्षा आठवीं के बाद बालिकाओं को साइकिल देने का वादा किया गया है.

असम को मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और डेयरी उद्योग में आगे बढ़ाने की बात कही गई है.

इसके साथ ही अरुणोदय योजना के तहत 30 लाख योग्य परिवारों को प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता का भुगतान करने की बात कही है. इस घोषणापत्र में सही वित्तीय सहायता और पर्यावरण के साथ उद्यमी स्कूल विकसित करने की भी बात कही गई है.

बीजेपी ने लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए ब्रह्मपुत्र के आसपास बड़े जलाशयों का निर्माण कर ब्रह्मपुत्र विजन के तहत अतिरिक्त पानी के संरक्षण करने का भी वादा किया है.

बीजेपी ने सभी नागरिकों को भूमि अधिकारों के साथ सशक्त करने के साथ ही भूमिहीन भारतीय नागरिकों को भी भूमि अधिकार प्रदान करने की बात कही है.

असम विधानसभा चुनावः "करेक्ट एनआरसी", मुफ्त शिक्षा, नौकरियां, बीजेपी ने जारी किया घोषणापत्र

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2016 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कुछ वादे जो नहीं किए गए पूरे

बीजेपी ने 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले मार्च में जो विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया था उसमें असम में भारत-बांग्लादेश सीमा को सील करने और घुसपैठियों को रोज़गार देने वाली संस्थाओं से निपटने के लिए एक नया क़ानून लाने की बात कही थी लेकिन ये वादे फ़िलहाल पूरे नहीं किए गए हैं.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले साल 3 सितंबर को कहा था कि भारत-बांग्लादेश सीमा को जल्द ही पूरी तरह सील कर दिया जाएगा.

इसके अलावा बीजेपी ने पिछले विज़न डॉक्यूमेंट्स में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करके राज्य के भीतर ही रोज़गार पैदा करने वाले शैक्षणिक संस्थानों का नेटवर्क स्थापित करने का वादा किया था. जबकि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार अप्रैल 2020 में असम की बेरोज़गारी दर 19.1% के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी.

असम विधानसभा में 2019 तक उपलब्ध एक रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में कुल 16,99,977 शिक्षित बेरोज़गार हैं. इसके अलावा बीजेपी ने पिछले चुनाव में चाय मज़दूरों की दैनिक मज़दूरी को 351 रुपये करने, ज़मीन का पट्टा देने और एसटी दर्जा दिलवाने का आश्वासन दिया जिसे लेकर चाय जनजाति समुदाय के संगठन आज भी विरोध जता रहे हैं.

असम में कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या है

असम में कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या है

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को गुवाहाटी में पार्टी का जो चुनावी घोषणा-पत्र जारी किया था उसमें किसानों की कर्ज़ माफ़ी और अवैध प्रवासियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू करने की बात को लिस्ट में सबसे ऊपर रखा है.

कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में असम समझौते में बताए गए 25 मार्च 1971 के कट-ऑफ़ की तारीख़ के आधार पर अवैध प्रवासियों की समस्या के समाधान के लिए ज़रूरी क़दम उठाने का वादा किया है.

घोषणा-पत्र के अनुसार सरकार बनते ही एनआरसी दफ़्तरों और उनके लिए नियुक्तियों का काम शुरू होगा ताकि जो लोग एनआरसी से बाहर रह गए हैं वो वहां जा सकें. कांग्रेस ने आश्वासन भी दिया है कि कोई भी भारतीय नागरिक एनआरसी से बाहर नहीं रहेगा.

कांग्रेस ने उन महिलाओं को राहत देने का भी वादा किया है जिन्होंने माइक्रो फाइनेंस बैंकों से कर्ज़ ले रखा है. इसके अलावा महिलाओं को मुफ़्त सूत, करघा और अन्य उपकरण देने के साथ ही राज्य परिवहन की बसों में उनके लिए मुफ्त यात्रा का वादा किया है.

कांग्रेस

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कांग्रेस ने इस घोषणा पत्र में असम, यहां की संस्कृति और पहचान की सुरक्षा करने की बात कही है. अपने घोषणा-पत्र में उन '5 गारंटी' की बात भी है, जो कांग्रेस के चुनाव अभियान का हिस्सा है.

घोषणा-पत्र में कहा गया है, "असम की भाषा, संस्कृति और इतिहास को ख़तरे में डालने वाले नागरिकता (संशोधन) क़ानून को लागू नहीं किया जाएगा और लोगों को बांटने की बात करने वाले इस क़ानून को रद्द करवाने के लिए कांग्रेस पुरज़ोर कोशिश करेगी."

कांग्रेस ने पांच लाख सरकारी नौकरियां और 25 लाख निजी क्षेत्र की नौकरियां देने का वादा किया है.

साथ ही चाय मज़दूरों की दैनिक मज़दूरी को बढ़ाकर 365 रुपये करने, हर घर को 200 यूनिट तक मुफ़्त बिजली और गृहिणियों के लिए हर महीने 2,000 रुपये की आय का सहयोग देने की बात कही है.

घोषणा-पत्र के मुताबिक, "स्वतंत्रता सेनानियों और असम आंदोलन, भाषा आंदोलन और सीएए आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिवारों को पेंशन दी जाएगी.

सरकारी स्वामित्व वाली ज़मीन के भूमिहीनों को 'ज़मीन का पट्टा' दिया जाएगा. ताई-अहोम, मोरन, मोटोक, चुटिया, चाय-जनजातियों और कोच-राजबंशी समुदायों को एसटी (अनुसूचित जनजाति) का दर्जा दिया जाएगा."

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के घोषणापत्र से कितना अलग है असम का घोषणापत्र

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पश्चिम बंगाल में बीजेपी के घोषणापत्र से कितना अलग है असम का घोषणापत्र

इससे पहले भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के लिए बीजेपी का घोषणापत्र जारी किया जिसे 'सोनार बांग्ला संकल्प पत्र' का नाम दिया गया है. बीजेपी के संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं.

कहा गया है कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो सभी सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दिया जाएगा.

इसके अलावा सभी बेटियों के लिए केजी से पीजी तक की पढ़ाई निशुल्क होगी. महिलाओं के लिए निशुल्क पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बंगाल में सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने समेत किसान निधि का पैसा देने का वादा किया गया है.

बीजेपी के घोषणा पत्र में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने के साथ ही 75 लाख किसानों को तीन साल नहीं दिए गए 18 हज़ार रुपये सीधे किसानों को बैंक अकाउंट में देने का वादा किया गया है.

इसके अलावा उन्होंने मछली पालकों को हर साल 6 हज़ार रुपये देने का वादा किया है.

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने पूर्वी मिदनापुर ज़िले के इगरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक रैली में कहा था कि पश्चिम बंगाल को पांच साल के अंदर घुसपैठियों से मुक्त करा दिया जाएगा.

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