इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति ने कहा- 'अज़ान से नींद ख़राब होती है' - प्रेस रिव्यू

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव ने सुबह-सुबह होने वाली अज़ान का मुद्दा उठाया है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफ़ेसर श्रीवास्तव ने प्रयागराज के ज़िलाधिकारी भानू चंद्र गोस्वामी को चिट्ठी लिखकर यह शिकायत की है कि 'उनके घर से पास स्थित एक मस्जिद से रोज़ सुबह लाउडस्पीकर पर अज़ान करायी जाती है, जिससे उनकी नींद ख़राब होती है और इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.'

प्रोफ़ेसर श्रीवास्तव ने ज़िलाधिकारी के अलावा, आईजी रेंज और एसएसपी समेत कई अधिकारियों को यह चिट्ठी भेजी थी.

उन्होंने लिखा, "रोज़ सुबह साढ़े पाँच बजे मस्जिद का लाउडस्पीकर बजने से मेरी आँख खुल जाती है, जिसके बाद नींद नहीं आती. इससे दिनभर सिर में दर्द रहता है और काम पर इसका असर पड़ रहा है."

उन्होंने लिखा कि 'वे किसी धर्म, जाति या वर्ग के ख़िलाफ़ नहीं हैं, पर चाहती हैं कि इसमें ज़रूरी सुधार किया जाये ताकि दूसरों की दिनचर्या प्रभावित ना हो.'

अपने इस पत्र में उन्होंने 2020 की पीआईएल संख्या-570 पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई की माँग की.

अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मियों और ज़िला प्रशासन के कुछ लोगों की एक टीम ने मस्जिद प्रबंधन कमेटी से लाउड-स्पीकर की दिशा बदलवाई है, साथ ही स्पीकर की आवाज़ भी थोड़ी कम रखने को कहा है.

प्रयागराज के ज़िलाधिकारी भानू चंद्र गोस्वामी ने कहा कि यह ज़रूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है.

लेकिन देवबंद के मौलाना इस घटना से नाराज़ हैं. मौलाना इशाक़ गोरा ने चेतावनी दी कि 'ऐसी टिप्पणियाँ करके सांप्रदायिक सौहार्द से छेड़छाड़ ना की जाये.'

उन्होंने कहा, "क्या मुसलमान आरती, भजन या किसी धार्मिक आयोजन में बजने वाले लाउड-स्पीकर की शिकायत करते हैं? इन मामलों में हमें एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए."

महिलाओं के कपड़ों पर सीएम रावत की टिप्पणी से महिला कांग्रेस ख़फ़ा

रावत

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ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ऐशवर्या महादेव ने बयान जारी कर उत्तराखण्ड के नये मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा महिलाओं के कपड़ों पर की गई टिप्पणी की आलोचना की है.

रावत ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, "एक बहन जी बगल में बैठी थीं तो उनसे बात होने लगी, पर जब मैंने उनकी तरफ देखा तो नीचे गम बूट थे, जब और ऊपर देखा तो घुटने फटे थे, हाथ देखे तो कई कड़े थे, बच्चे दो साथ में उनके थे. मैंने पूछा कि कहाँ जाना है, तो उन्होंने कहा दिल्ली जाना है. मैंने पूछा कि पति कहाँ हैं, तो बताया कि वे जेएनयू में प्रोफ़ेसर हैं. मैंने पूछा कि आप क्या करती हैं? तो बोलीं, मैं एनजीओ चलाती हूँ. अब एनजीओ चलाती हैं, घुटने फटे दिखते हैं, समाज के बीच में जाती हो, बच्चे भी साथ में हैं... आख़िर क्या संस्कार दोगे?"

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द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

अख़बार लिखता है कि 'ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने इसे महिला विरोधी भाजपा की फटी हुई मानसिकता का प्रमाण बताया है.'

रिपोर्ट के अनुसार, तीरथ सिंह रावत ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए महिलाओं के कपड़ों पर यह टिप्पणी की थी. रिपोर्ट के अनुसार, वे फ़्लाइट में यात्रा के दौरान किसी महिला से हुई भेंट का क़िस्सा सुना रहे थे.

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उनके इस बयान पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ऐशवर्या महादेव ने कहा, "तीरथ सिंह रावत का ये बयान बीजेपी की पितृसत्तात्मक और दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है और उन्होंने अपने इस बयान से बता दिया कि वे अपने नेता - पीएम मोदी का अनुसरण कर रहे हैं."

रावत के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी ने उनसे माफ़ी माँगने को कहा है.

अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने भी रावत के बयान की आलोचना की है.

नीता अंबानी को नियुक्त करने का कोई निर्णय नहीं हुआ: बीएचयू

नीता अंबानी

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बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के सोशल साइंस सकाय के महिला अध्ययन केंद्र में रिलायंस फ़ाउंडेशन की अध्यक्षा नीता अंबानी को 'विज़िटिंग प्रोफ़ेसर' के तौर पर बुलाने की बात को लेकर हंगामा होने के बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बयान जारी कर यह स्पष्ट किया है कि 'इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई निर्णय नहीं लिया गया है और ना ही कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है.'

द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, बीएचयू में कुलपति राकेश भटनागर के आवास के बाहर छात्रों के प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह बयान जारी किया.

हालांकि, छात्रों के एक समूह ने यह दावा किया है कि उनके पास नीता अंबानी को भेजे गये एक पत्र (प्रस्ताव) की कॉपी है, जिसे कुलपति को भी भेजा गया था. छात्रों ने कहा है कि वो इस संबंध में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे.

यूनिवर्सिटी का कहना है कि 'अगर किसी को विज़िटिंग प्रोफ़ेसर बनाने का प्रस्ताव आता है, तो विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल उस पर निर्णय लेती है और ऐसा कोई निर्णय अब तक नहीं लिया गया है.'

अख़बार ने यूनिवर्सिटी के सोशल साइंस सकाय के डीन कौशल किशोर मिश्रा से बातचीत का हवाला देते हुए लिखा है, "हमने नीता अंबानी को प्रस्ताव भेजा था, अगर वे उसे स्वीकार करतीं, तो उस पर यूनिवर्सिटी की अकादमिक काउंसिल अंतिम निर्णय लेती. लेकिन पहले ही हल्ला हो गया."

उन्होंने बताया कि नीता अंबानी के अलावा प्रीति अडानी और लक्ष्मी मित्तल की पत्नी ऊषा मित्तल को भी विज़िटिंग प्रोफ़ेसर के लिए आमंत्रित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन नीता अंबानी के नाम पर हंगामा होने की वजह से उन्हें भेजा नहीं गया.

इमरान ख़ान को भारत से है शांति की उम्मीद

इमरान ख़ान

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द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि ''भारत के साथ हमारा सिर्फ एक मुद्दा कश्मीर को लेकर है और भारत को शांति के लिए पहल करनी चाहिए.''

भारत जैसे पड़ोसियों के साथ कारोबार पर ज़ोर देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि ''यदि भारत पहल करता है, यदि कश्मीर मुद्दा हल कर लिया जाता है'' तो इसका फ़ायदा समूचे क्षेत्र को मिलेगा.

इमरान ख़ान का ये बयान ऐसे समय आया है जब भारत के साथ पाकिस्तान के तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं. एक महीने पहले भारत और पाकिस्तान के बॉर्डर कमांडर्स इस बात पर राज़ी हुए थे कि संघर्ष विराम का पालन किया जाएगा. साथ ही पाकिस्तान के खिलाड़ियों का एक दल कई वर्षों बाद भारत आएगा और अगले हफ्ते सिंधु नदी जल समझौते पर भी बात होगी.

इतना ही नहीं, अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर दुशाम्बे में 30 मार्च को होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है. साल 2019 के बाद ये पहला मौका होगा जब दोनों देशों के आला अधिकारियों की मुलाकात हो सकती है.

इमरान ख़ान ने बुधवार को 'इस्लामाबाद सिक्यॉरिटी डायलॉग' में कहा कि ''भारत के साथ ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने अपने मसले सभ्य पड़ोसियों की तरह संवाद से हल करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. हमारा एकमात्र मुद्दा कश्मीर को लेकर है.''

इमरान ख़ान फरवरी में जब कोलम्बो गए थे, वहां भी उन्होंने यही बात कही थी. उन्होंने कहा कि ''भारत ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया और उसे बांट दिया, जो एक बड़ा झटका था, जिसकी वजह से संबंध पूरी तरह से टूट गए और पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी कारोबारी संबंध ख़त्म कर दिए.''

इमरान ख़ान का कहना है, भारत को भी अधिक कारोबार और मध्य एशिया तक कनेक्टिविटी से फ़ायदा होगा. कश्मीर एकमात्र मुद्दा है जो हमें पीछे रोक रहा है. हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन पहल भारत को करना होगी. वो जब तक ऐसा नहीं करेंगे, हम आगे नहीं बढ़ेंगे.

ख़बर में इस बात को ख़ासतौर पर रेखांकित किया गया है कि भारत को लेकर इमरान ख़ान के स्वर में नरमी थी. इससे पहले सोमवार को भारत के विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने भी पाकिस्तान प्रायोजित चरमपंथ का ज़िक्र किए बिना, पाकिस्तान के बारे में नरमी से बात की थी.

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