26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में इस बार क्या क्या नहीं होगा? - प्रेस रिव्यू

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26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर होने वाली परेड में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाला मोटरसाइकिल स्टंट इस साल देखने को नहीं मिलेगा.
द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि इस साल कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग बरक़रार रखने के लिए मोटरसाइकिल स्टंट शामिल नहीं किया गया है जबकि पहली बार परेड में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख़ की झांकी शामिल होगी.
साल 2019 में जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए थे. लद्दाख़ की झांकी में थिक्से मठ के अलावा भारतीय खगोलीय वेधशाला को भी दिखाया जाएगा.
कोरोना महामारी के कारण गणतंत्र दिवस परेड में काफ़ी बदलाव किए गए हैं. इस बार मोटरसाइकिल स्टंट नहीं होगा इसके अलावा हर साल राजपथ पर 1.25 लाख लोग इस परेड को देखने आते थे जिसकी संख्या घटाकर 25,000 कर दी गई है.
परेड में शामिल होने वाले बहादुर बच्चों के मार्च को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है. इसके साथ ही मार्च करने वाले सैन्य दस्तों की संख्या भी 144 से घटाकर 96 कर दी गई है.
इस बार कुल 32 झांकियां होंगी जिनमें से 17 विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की, नौ मंत्रालयों की और 6 सुरक्षाबलों की होंगी. ये सभी झाकियां जो पहले लाल क़िले तक जाती थीं, इस बार वे सिर्फ़ नैशनल स्टेडियम तक ही जाएंगी.
उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मॉडल होगा. 55 साल के इतिहास में पहली बार परेड के दौरान कोई मुख्य अतिथि भी नहीं होगा.

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काँग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों को चुने जाने की माँग
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की शुक्रवार को हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के सदस्यों को चुनने के लिए चुनाव की माँग की है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, ये माँग करने वाले अधिकतर वरिष्ठ नेता वे हैं जिन्होंने अगस्त में पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 'पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व' की माँग की थी.
इस माँग के कारण पत्र लिखने वाले और गाँधी परिवार के प्रति झुकाव रखने वाले नेताओं के बीच विवाद भी देखने को मिला है.
हिंदुस्तान टाइम्स ने काँग्रेस नेताओं से बात की जिसमें उन्होंने पुष्टि की है कि पार्टी अध्यक्ष के पद और सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के चुनाव कार्यक्रम को स्वीकार कर लिया गया है लेकिन जब सीईसी के सदस्यों को भी चुनने की माँग की गई तो उस पर विवाद हो गया.
इस चुनाव की माँग ग़ुलाम नबी आज़ाद, आनंद शर्मा और पी. चिंदबरम ने की. इनकी माँग थी कि सीईसी सदस्यों का चुनाव भी उसी इलेक्टोरल कॉलेज से होना चाहिए जो अध्यक्ष के चुनाव में भाग लेता है.
सीईसी की अध्यक्षता सोनिया गाँधी करती हैं और सभी चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार तय करती हैं.

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक सच्चे हिंदू थे: अनीता बोस
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 124वीं जयंती के मौक़े पर शनिवार को जर्मनी में रहने वालीं उनकी बेटी अनीता बोस फ़ाफ़ ने कहा कि उनके पिता 'एक सच्चे हिंदू थे' और वो 'सभी धर्मों को लेकर सहिष्णु थे.'
टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार लिखता है कि सुभाष चंद्र बोस इंडियन नैशनल आर्मी के सदस्यों, उनके दोस्तों और उनके परिवार को सभी धर्मों का सम्मान करने को कहते थे और वो ख़ुद भी बहुत धार्मिक थे.
जर्मनी में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अनीता का एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें वो ये बता रही हैं.
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उन्होंने कहा कि उनके पिता के आदर्शों में 'एकता और सहिष्णुता' शामिल थी जिसका उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी पालन किया.
'चीन की आक्रामकता के लिए भारत भी तैयार'
भारत और चीन के बीच लद्दाख़ में सीमा तनाव कम करने को लेकर होने वाली बातचीत से पहले शनिवार की शाम भारतीय वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा कि चीन अगर आक्रामक होता है तो भारत भी इसके लिए तैयार है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, जोधपुर में भारत और फ़्रांस एयर फ़ोर्स ड्रिल के बीच मीडिया से बात करते हुए एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने कहा, "अगर वे (चीन) आक्रामक हो सकते हैं तो हम भी होंगे. हमारी पूरी तैयारी है (किसी भी संभावित परिस्थिति के लिए)."
वायु सेना प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब चीन के साथ सैन्य स्तर के नौवें चरण की बातचीत दोनों देशों के बीच होने जा रही है.
कॉर्प्स कमांडर स्तर की बातचीत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के उस पार मोल्डो में रविवार को होनी है.
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