सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी या हत्या? कहाँ पहुँची जाँच?

सुशांत सिंह राजपूत

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    • Author, मयंक भागवत
    • पदनाम, बीबीसी मराठी

सुशांत सिंह राजपूत का आज जन्मदिन है. अगर वे जीवित रहते तो 35 वर्ष के होते. लेकिन, अब वे हमारे बीच नहीं हैं.

सुशांत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. उनकी मौत पर मुंबई पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है.

आत्महत्या? आखिर क्यों? क्या है वजह? इस तरह के कई प्रश्न उठे.

उनकी मौत हर किसी के लिए एक सदमा थी. सुशांत का परिवार, मीडिया और उनके प्रशंसक इस तरह के कई सवालों के जवाब ढूंढते रहे.

वीडियो कैप्शन, सुशांत सिंह राजपूत की ज़िंदगी के आख़िरी घंटे

मुंबई पुलिस की जाँच

यह एक फ़िल्म कलाकार की मौत का हाई प्रोफ़ाइल मामला था.

हालाँकि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला दिख रहा था लेकिन पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. उनकी डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए बीएमसी के कूपर्स हॉस्पिटल भेजा गया.

जब रिपोर्ट आई तो मुंबई पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक त्रिमुखे ने कहा, 'पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत की मौत फ़ाँसी की वजह से दम घुटने से हुई है.'

इस बीच, यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा: सुशांत ने आत्महत्या क्यों की? या क्या उनकी हत्या की गई? सुशांत के परिवार ने भी उनकी मौत पर सवाल उठाए.

मुंबई पुलिस ने सुशांत के विसरा को जाँच के लिए कालिना फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा.

फॉरेंसिक लैब ने मुंबई पुलिस को 27 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट भेजी, जिसमें कहा गया कि 'यह हत्या नहीं है और सुशांत के विसरा के नमूनों में न तो कोई दवा और न ही हानिकारक रसायन पाए गए.'

फॉरेंसिक अधिकारियों ने बताया कि 'सुशांत ने जिस कपड़े से फ़ाँसी लगाई, वो 200 किलो तक वजन सह सकते थे.'

हालाँकि मुंबई पुलिस ने इस केस की जाँच जारी रखी. फिर यह पता चला कि सुशांत अवसाद (डिप्रेशन) से पीड़ित थे.

Sushant Singh Rajpoot

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क्या नेपोटिज़्म मौत का कारण बना?

कुछ लोगों ने इस पर चर्चा शुरू की कि क्या सुशांत की मौत का कारण फ़िल्म इंडस्ट्री में विवादित भाई-भतीजावाद है.

इसमें यह आरोप लगाया जाता है कि बॉलीवुड में बड़े निर्माता-निर्देशक अपने रिश्तेदारों को ही अवसर देते हैं और कहा गया कि इसकी वजह से सुशांत के हाथ से कई बड़े मौके चले गए और वो इसकी वजह से अवसाद में थे जिसकी वजह से अंततः उनकी जान चली गई.

मुंबई पुलिस ने इस बाबत भी जाँच की और निर्देशक महेश भट्ट, संजय लीला भंसाली, करण जौहर और आदित्य चोपड़ा समेत 40 लोगों के बयान दर्ज किए.

सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती

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सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

जाँच शुरू होने के 40 दिनों बाद, 29 जुलाई को सुशांत के परिवार के सदस्यों ने बिहार में एक शिकायत दर्ज कराई. इसमें उन्होंने सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर उन्हें आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया.

पटना सिटी के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने कहा, "एक शिकायत दर्ज कर ली गई है और हम मामले की जाँच कर रहे हैं."

परिवार के वकील विकास सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "सुशांत की मौत के बाद परिवार सदमे में था. मुंबई पुलिस एफ़आइआर दर्ज करने से बच रही थी, इसलिए अब एफआइआर दर्ज की गई है."

बिहार पुलिस की जाँच पर राजनीति

बिहार पुलिस ने मुंबई में अपनी जाँच शुरू की. महाराष्ट्र में कुछ नेताओं ने इस मामले में बिहार पुलिस की जाँच के अधिकार पर सवाल उठाया. एसपी विनय तिवारी मुंबई आए, लेकिन महानगर पालिका के अधिकारियों ने उन्हें क्वारंटीन में रख दिया. इसकी वजह से महाराष्ट्र और बिहार के नेताओं के बीच तकरार हुई. दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों और नेताओं के बीच इस विषय पर वाद विवाद चलता रहा.

बीजेपी ने इस मुद्दे को बिहार विधानसभा चुनाव में भी उठाया. इसके चलते भी काफी बहस हुई.

सुशांत सिंह राजपूत

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सीबीआई जाँच की माँग

कुछ ने इस मामले की जाँच में मुंबई पुलिस की ईमानदारी पर सवाल उठाया. मुंबई पुलिस एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कर रही है? क्या वो मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? ऐसे सवाल पूछे गए.

सोशल मीडिया पर लोगों ने और बिहार के राजनेताओं ने इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग की. बिहार सरकार ने सुशांत की मौत की जाँच सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला लिया. केंद्र सरकार ने भी जाँच सीबीआई को हस्तांतरित करने का फ़ैसला लिया. लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने जोर देकर कहा कि इस मामले में सीबीआई जाँच की ज़रूरत नहीं है.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के संघीय अधिकारों को नष्ट कर रही है.

आदित्य ठाकरे

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आदित्य ठाकरे पर आरोप

इस बीच, बीजेपी सांसद नारायण राणे ने युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे की ओर संकेत करते हुए सुशांत और उनकी पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत को लेकर कुछ और आरोप लगाए.

हालाँकि आदित्य ठाकरे ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है.

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सीबीआई जाँच में क्या पता चला?

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा. सर्वोच्च अदालत ने सीबीआई जाँच की अनुमति देते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष और उचित जाँच की ज़रूरत है.

सीबीआई ने सुशांत सिंह मामले में अपनी जाँच अगस्त में शुरू की. चार सदस्यीय टीम जाँच के लिए मुंबई पहुँची.

सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती, सुशांत के रूम-मेट सिद्धार्थ, उनके कुक नीरज सिंह और सहयोगी दीपेश सावंत समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए.

सीबीआई ने दिल्ली के एम्स अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग से सहायता का अनुरोध किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुशांत ने आत्महत्या की थी या उनकी हत्या हुई थी.

सीबीआई की टीम सितंबर में सुशांत के घर पहुँची. घटनास्थल पर क्राइम सीन का नाटकीय रूपांतरण किया गया.

एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया. एम्स के डॉक्टरों ने सितंबर में अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी.

डॉ. सुधीर गुप्ता ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया, "सुशांत ने फ़ाँसी लगाकर आत्महत्या की थी. यह आत्महत्या का मामला है. सुशांत के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे."

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सुशांत की मौत के मामले में जाँच कहाँ तक पहुँचा, इसकी जानकारी ली. दिसंबर 2020 में सीबीआई ने कहा कि जाँच चल रही है और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है."

अगले महीने यानी फ़रवरी में जाँच शुरू हुए छह महीने हो जाएंगे. लेकिन सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है.

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ईडी की जाँच में क्या निकला?

सुशांत के परिवार ने आरोप लगाया कि रिया ने 15 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है.

प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामले की पूछताछ शुरू की. इस बात की जाँच की गई कि क्या सुशांत के पैसे से कोई मनी लॉन्ड्रिंग हुई है?

ईडी ने जाँच के लिए रिया चक्रवर्ती को तलब किया. रिया से सुशांत के वित्तीय लेनदेन और निवेश के बारे में सवाल पूछे गए. रिया के प्रबंधक और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर से भी पूछताछ की गई.

एक महीने की पूछताछ के बाद ईडी के सूत्रों ने कहा कि "रिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं कि उसने कोई मनी लॉन्ड्रिंग की है. इस बात के भी कोई सबूत नहीं हैं कि वे सुशांत के पैसे में हेराफेरी कर रही थीं."

ईडी के अधिकारियों ने कहा कि सुशांत के बैंक खाते और रिया और उसके परिवार के सदस्यों के बीच कोई लेन-देन नहीं किया गया है.

हालाँकि, ईडी ने इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

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एनसीबी की जाँच कहाँ तक पहुँची?

इस बीच न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बताया कि ईडी की जाँच के दौरान रिया दो फ़ोन क्लोन किए गए थे और उसमें ड्रग्स ख़रीदने और लेने के बारे में कुछ जानकारी मिली. ईडी की रिपोर्ट के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स लेने के ऐंगल से इस मामले में जाँच शुरू की.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती को तलब किया. दो दिनों की पूछताछ के बाद रिया को 8 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उप निदेशक केपीएस मल्होत्रा ने मीडिया को रिया की गिरफ़्तारी के बारे में सूचित किया.

इस बीच, एनसीबी के उप महानिदेशक अशोक मुथा ने मीडिया से कहा, "रिया के घर में ड्रग्स नहीं मिली. हालाँकि, उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं."

अदालत को सौंपी गई रिमांड रिपोर्ट में ब्यूरो की तरफ से यह दावा किया गया कि रिया ने ड्रग्स ख़रीदने में अपनी भागीदारी कबूल कर ली है.

रिया एक महीने तक जेल में रहीं फिर मुंबई हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिया की जमानत अर्जी के ख़िलाफ़ बहस करते हुए एनसीबी ने अदालत को बताया कि "यह सुशांत की मौत से जुड़ा मामला नहीं है. वह खुद ड्रग्स लेती थीं. लेकिन यह डील केवल उन तक ही सीमित नहीं है."

एनसीपी ने कोर्ट को दिए एक हलफनामे में कहा, "रिया ने ड्रग्स ख़रीदे. उन्होंने यह तथ्य छुपाया कि सुशांत भी एक ड्रग्स एडिक्ट थे. रिया के व्हाट्सएप्प चैट से पता चलता है कि वह ड्रग्स के व्यापार और ड्रग्स की तस्करी में शामिल थीं. इंडियन एक्सप्रेस ने इसे अपने अख़बार में छापा.

एनसीबी ने ड्रग्स से जुड़े मामले में अभिनेत्रा दीपिका पादुकोण, रकुल प्रीत सिंह और सारा अली ख़ान को भी तलब किया.

इस ख़बर के लिखे जाने तक ड्रग्स के मामले में एनसीबी की जाँच भी अभी जारी है.

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