चीन को लेकर फ़्रांस की दो टूक, भारत का किया खुलकर समर्थन- प्रेस रिव्यू

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भारत में अमेरिकी राजदूत के भारत-चीन सीमा विवाद पर बयान के बाद अब फ़्रांस के वरिष्ठ राजनयिक ने टिप्पणी की है.

अब फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बॉनन कहा है कि 'जब चीन नियम तोड़ता है तो हमें बहुत मज़बूत और स्पष्ट होना चाहिए'

उन्होंने कहा कि फ़्रांस हमेशा से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर के मुद्दे में सहायक रहा है और 'चीन को किसी प्रक्रियात्मक खेलों में नहीं आने देना चाहिए.'

भारत-चीन सीमा विवाद पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी के बाद भारत में चीन के राजदूत ने इस पर आपत्ति जताई थी. भारत में चीन के राजदूत ने ट्वीट कर कहा था, ''भारत और चीन अपने सीमा विवाद को सुलझाने में सक्षम हैं और किसी तीसरे देश को इसमें नहीं पड़ना चाहिए.''

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द हिंदू अख़बार के अनुसार, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बॉन ने गुरुवार को थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के एक वेबिनार में कहा कि भारत को सीधे ख़तरे के मामले में फ़्रांस हमेशा स्पष्ट रहता है.

इमैनुएल बॉन

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उन्होंने कहा, "हमें टकराव के लिए नहीं जाना चाहिए. यह बात पेरिस और दिल्ली से कहना बहुत आसान होता है और तब जब आपके हिमालय में समस्या हो और सीमा पर आपके साथ पाकिस्तान हो. मेरा मतलब भारत को सीधे ख़तरे से है, हम हमेशा इस पर स्पष्ट रहे हैं. जहां तक कश्मीर का मसला है हम सुरक्षा परिषद में भारत के समर्थक हैं. प्रक्रियात्मक खेलों में हम चीन को कोई खेल खेलने नहीं दे सकते."

पूर्वी लद्दाख़ में विवाद के हवाले से उन्होंने कहा कि हिमालय की जहां तक बात है, बयान 'स्पष्ट है.'

इमैनुएल बॉन ने कहा, "हम जो कुछ सार्वजनिक कहते हैं, चीन उसे छिपकर कहता है. हमें मज़बूत होने की ज़रूरत है."

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ तीसरी भारत-फ़्रांस रणनीतिक बातचीत के लिए बॉन भारत में थे.

तुर्की और पाकिस्तान के 'दुष्प्रचार के विरोध' पर भारत का समर्थन जताने के लिए बॉन ने शुक्रिया कहा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते 'ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर हैं.'

उन्होंने कहा, "हमारा देश जब तुर्की, पाकिस्तान और दूसरे देशों के कुछ नेताओं के हमले से जूझ रहा था तब हम आपके समर्थन की बहुत सराहना करते हैं जो हमें न केवल आपके प्रशासन से मिला बल्कि भारत की सिविल सोसाइटी से भी मिला."

उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि चीन 'कुछ नियमों' का सम्मान करे और 'कम आक्रामक रहे.'

बॉन ने कहा कि चीन को उसी ढांचे में काम करना चाहिए जिसमें बाक़ी कर रहे हैं और फ़्रांस के लिए यह ख़ास है कि वो अधिक रक्षात्मक, आक्रामक रहे लेकिन अधिक गतिशील और फ़ुर्तीला हो.

मसूद अज़हर

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मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी के लिए वॉरंट जारी

पाकिस्तान ने गुरुवार को माना कि चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर का ठिकाना उसी की सीमा में है और उसके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वॉरंटी जारी कर दिया गया है.

अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तान के इस क़दम के पीछे वजह फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) की बैठक है जो जल्द होने वाली है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक़ पाकिस्तान के गुजरांवाला में एक आतंकवाद-विरोधी अदालत की जज नताशा नसीम सुप्रा ने मसूद अज़हर के ख़िलाफ़ वॉरंट जारी किया है. उस पर आतंकवाद के लिए फंडिंग का आरोप है.

कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि अज़हर को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाए.

अख़बार के मुताबिक़, भारतीय अधिकारियों ने इस क़दम को सीधे तौर पर इस महीने और फ़रवरी नें होने वाली एफ़एटीएफ़ की बैठक से जोड़ा है. भारत पहले ही 14 फ़रवरी 2019 को पुलवामा में हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अज़हर के ख़िलाफ़ सबूत दे चुका है. इस हमले में सीआरपीएफ़ के 40 जवान मारे गए थे.

अख़बार ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा, ''यह क़दम इसलिए उठाया गया है ताकि पाकिस्तान एफ़एटीएफ़ की ब्लैक लिस्ट में जाने से बच सके. वो ये दिखाएंगे कि हम संयुक्त राष्ट्र से आतंकी घोषित लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं. एफ़एटीएफ़ की रिपोर्ट में बीते दो सालों में जैश-ए-मोहम्मद का नाम भी टेरर फ़ंडिंग के लिए शामिल था.''

नानकसर गुरुद्वारा के प्रमुख बाबा लाखा सिंह

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किसानों और सरकार के बीच आठवें दौर की बातचीत आज

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों और सरकार के बीच आठवें दौर की बातचीत शुक्रवार को होनी है. इस बातचीत से एक दिन पहले नानकसर गुरुद्वारा के प्रमुख बाबा लाखा सिंह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात की.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए लंगर चलाने वाले बाबा लाखा सिंह ने किसानों और सरकार के बीच बातचीत में मध्यस्थता करने की इच्छा जताई है.

हालांकि किसान संगठनों का कहना है कि धार्मिक प्रमुख उनकी तरफ़ से बात करने नहीं गए थे.

शुक्रवार को होने वाली बातचीत में किसान संगठनों के 41 प्रतिनिधि और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश शामिल होंगे.

कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को बैठक की तैयारियों को लेकर एक अनौपचारिक बैठक की. अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि दोपहर में होने वाली बातचीत से पहले दोनों मंत्री गृह मंत्री अमित शाह से बात कर सकते हैं.

चिकेन

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दिल्ली में अब तक बर्ड फ्लू के मामले नहीं

देश के कई राज्यों से बर्ड फ्लू की ख़बरें आ रही हैं. ऐसे में चिकन की बिक्री घटने लगी है. दिल्ली में फ़िलहाल बर्ड फ्लू के मामले नहीं मिले हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, कोरोना महामारी की वजह से कारोबार में मंदी झेल रहे चिकन कारोबारी अब बर्ड फ्लू की वजह से बिक्री कम होने की बात कह रहे हैं.

अख़बार ने राजौरी गार्डन में एक कारोबारी से बात की. उनका कहना है कि जिन राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं वहां पॉल्ट्री प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक है लेकिन दिल्ली में अब तक फ्लू की कोई रिपोर्ट नहीं है फिर भी लोग चिकन ख़रीदना छोड़ रहे हैं.

एक अन्य कारोबारी ने बताया, ''पहले मेरी दुकान पर क़रीब 250 लोग रोज़ाना आते थे. लेकिन अब बिक्री लगभग 70 फ़ीसदी तक कम हो गई है. अब कुल 70 के आसपास ग्राहक एक दिन में आ रहे हैं.''

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि राजधानी में बर्ड फ्लू के मामलों पर नज़र रखने के लिए 11 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें बनाई गई हैं.

ये टीमें शहर के हॉटस्पॉट इलाकों में फ्लू के मामलों की सर्विलांस में लगी हैं.

फ़िलहाल राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू के मामले आ रहे हैं.

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