भारत-चीन के बीच लद्दाख सीमा विवाद सुलझने की उम्मीद- प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, SOPA IMAGES
भारत और चीन के बीच महीनों से चल रहा सीमा विवाद आने वाले दिनों में सुलझ सकता है.
हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार की एक ख़बर के मुताबिक़ दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख़ में डिस्इंगेजमेंट यानी पीछे हटने को लेकर बातचीत हुई है.
इस प्रस्ताव पर अगर आपसी सहमति बन जाती है तो बीते चार महीने से चल रही वार्ताओं के क्रम में यह एक बड़ी उपलब्धि होगी. जुलाई महीने में गलवान घाटी में सेना पीछे हटी थी लेकिन अन्य क्षेत्रों में ऐसा नहीं हुआ था.
ख़बर के मुताबिक़, इस प्रस्ताव पर इसी महीने की 6 तारीख़ को चुशुल सेक्टर में कॉर्प्स-कमांडर लेवल की आठवें चरण की बातचीत में चर्चा हुई थी.
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर चर्चा और विचार हो रहा है लेकिन अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं.
भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर एलएसी के पास स्थिति पिछले कुछ महीने से तनावपूर्ण बनी हुई है. बातचीत से इसे सुलझाने की कोशिशें जारी है.

इमेज स्रोत, Getty Images
उत्तर प्रदेश: अगले साल मार्च तक 50 लाख युवाओं को रोज़गार
उत्तर प्रदेश सरकार अगले साल मार्च तक 50 लाख युवाओं को रोज़गार देने जा रही है. राज्य सरकार ने साल 2021 मार्च तक 50 लाख से अधिक रोज़गार देने का लक्ष्य तय किया है.
एक अधिकारी के मुताबिक़, 'मिशन रोज़गार' के तहत रोज़गार दिए जाएंगे. इसे लेकर योजना तैयार कर ली गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, इस योजना के सहत एक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा जो लोगों को जानकारी उपलब्ध कराएगा. इस योजना के तहत युवा ना सिर्फ़ सरकारी विभागों में, काउंसिल्स में, कॉर्पोरेशन में बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी मौक़ा पा सकेंगे.
कैशलेस अर्थव्यवस्था बनाने में नोटबंदी से अधिक कोरोना रहा कारगर
कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान कैशलेस अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को काफी मज़बूती मिली है. भारतीय अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने के लिए की गई नोटबंदी भी उतनी सफल नहीं हुई जितनी कामयाबी महामारी के इस दौर में मिली है.
दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक़, कोरोना महामारी के इस दौर में डिजिटल लेन-देन का चलन काफी तेज़ी से बढ़ा है. कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकलसर्किल्स के एक सर्वे में दावा किया गया है कि साल 2019 की तुलना में साल 2020 में नक़द लेनदेन करने वालों की संख्या घटकर लगभग आधी हो गई है.
इसके पीछे वजह यह है कि कोरोना महामारी के दौर में ज़्यादातर लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग ही की और उसका डिजिटल भुगतान किया. साथ ही संक्रमण के डर से भी लोगों ने नकद का कम से कम प्रयोग किया.

इमेज स्रोत, Getty Images
रूस का दावा, कोविड मरीज़ों पर स्पुतनिक वी 92% तक कारगर
रूस ने दावा किया है कि अंतरिम परीक्षण से जो परिणाम सामने आए हैं उनके अनुसार स्पुतनिक वी वैक्सीन कोरोना संक्रमण से लोगों की रक्षा करने में 92 फ़ीसद तक प्रभावी है.
फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, रूस के सॉवरेन हेल्थ फ़ंड ने बुधवार को यह जानकारी दी.
स्पुतनिक वी की मार्केटिंग करने वाली कंपनी रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने कहा कि अंतरिम नतीजे 16 हज़ार लोगों पर ट्रायल के डाटा पर आधारित है जिन्हें दो डोज़ वाली वैक्सीन के दो शॉट दिए गए.
ट्रायल में शामिल 20 प्रतिभागियों में कोविड-19 के लक्षण आने के बाद ट्रायल का आकलन किया गया.
रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने बयान जारी करके कहा है कि ट्रायल और छह महीने के लिए जारी रहेगा और उसके बाद जो डाटा सामने आएंगे उन्हें रिव्यू के बाद प्रकाशित किया जाएगा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















