भारत-चीन सीमा विवाद: 'लद्दाख में 10 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर अप्रैल से ही जमे हुए हैं चीनी सैनिक' -प्रेस रिव्यू

चीनी सैनिक

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अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कम से कम दस ऐसे पेट्रोलिंग पॉइंट्स (गश्ती वाली जगहें) हैं जहाँ पर चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को पहुंचने से रोक रखा है.

अख़बार ने ये दावा एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से किया है. ये पेट्रोलिंग पॉइंट्स उत्तर में डेपसांग मैदान से लेकर दक्षिण में पैंगॉन्ग त्सो झील तक बताए जा रहे हैं. ये पेट्रोलिंग पॉइंट्स उन जगहों पर हैं जहाँ अपरिभाषित एलएसी की सीमा ख़त्म होती है. भारतीय सैनिक अपने बैस कैंप से लेकर इन पॉइंट्स तक गश्त लगाते हैं.

सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना अप्रैल महीने से 9, 10, 11, 12, 12A, 13, 14, 15, 17 और 17A पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक नहीं पहुँच पा रही है.

उन्होंने कहा, "चूँकि वास्तविक नियंत्रण रेखा अपरिभाषित है इसलिए किसी जगह पर अपना दावा करने का सबसे अच्छा तरीका है वहाँ के पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर जम जाना. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच डिसइंगेजमेंट को लेकर बातचीत हुई और बफ़र ज़ोन बनाए गए. इसके बाद इन जगहों पर चीनी सेना क़ब्ज़ा जमा रखा है और ये पेट्रोलिंग पॉइंट्स भारतीय सेना की पहुँच से दूर हो गए हैं."

इससे पहले गुरुवार को भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और भारतीय सेना में संघर्ष भी इसीलिए हुआ क्योंकि 'पेट्रोलिंग पॉइंट्स' से छेड़छाड़ हुई थी. उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा पर एलएसी निर्धारित नहीं है और कई जगहों पर एलएसी का अतिक्रमण हुआ था.

हालाँकि राजनाथ सिंह ये भी कहा था कि दुनिया की कोई भी ताकत भारतीय जवानों को गश्त करने नहीं रोक सकती और देशहित में चाहे कितना भी कड़ा या बड़ा कदम न उठाना पड़े, भारत पीछे नहीं हटेगा.

स्कूली बच्चा

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ग़रीब छात्रों को मुफ़्त स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट दें प्राइवेट स्कूल

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों को आदेश दिया है कि वो आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए मुफ़्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जैसे कि स्मार्टफ़ोन) और इंटरनेट कनेक्शन मुहैया कराएँ.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार अदालत ने शुक्रवार को अपने फ़ैसले में कहा कि स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट के लिए आने वाले खर्च का इंतज़ाम फ़िलहाल दिल्ली और केंद्र सरकार करेगी.

अदालत ने कहा कि अगर ग़रीब पृष्ठभूमि के छात्रों के पास स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट नहीं होगा तो उनके भीतर 'ख़ुद को कमतर समझने की भावना' पैदा होगी, जिससे 'उनका दिलोदिमाग प्रभावित' हो सकता है.

वीडियो कैप्शन, ऑनलाइन क्लास के लिए कितनी मुसीबतें झेलती है यह लड़की

अदालत ने कहा, "शिक्षा बेहतर भविष्य के लिए पासपोर्ट की तरह है लेकिन अगर कुछ लोगों के पासपोर्ट दूसरों से अच्छे होंगे तो उन्हें बेहतर मौके मिलेंगे. शिक्षा के क्षेत्र में असमानता कोरोना संकट से पहले भी थी लेकिन अब ये डिजिटल डिवाइड के कारण और बढ़ गई है."

यह फ़ैसला अभी दिल्ली तक ही सीमित है लेकिन एक वकील ने कहा कि चूँकि फ़ैसला शिक्षा के अधिकार (राइट टु एजुकेशन) के आधार पर दिया गया है इसलिए इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए. हाँलाकि इस सम्बन्ध में अब तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिल पाया है.

कोरोना संकट के कारण देश भर में स्कूल बंद हैं और इस दौरान ज़्यादातर कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से हो रही हैं. ऐसे में ग़रीब परिवार के कई बच्चों के पास स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप और इंटरनेट जैसी सुविधाएँ न होने के कारण उन्हें तरह-तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

भारतीय सेना

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चाइना स्टडी ग्रुप की मीटिंग, कम होगा तनाव?

भारत सरकार ने पूर्वी लद्दाख में देश की ऑपरेशनल तैयारियों और इलाके में स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ इस मद्देनज़र शुक्रवार रात नई दिल्ली में चाइना स्टडी ग्रुप की बैठक हुई. इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे.

करीब 90 मिनट तक चली इस मीटिंग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर व्याप्त तनाव और मौजूदा हालात की समीक्षा की गई. इस बैठक में चीन के साथ अगली कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता को लेकर भी चर्चा हुई.

सूत्रों का कहना है कि इस वार्ता के लिए दोनों पक्ष अभी किसी तारीख़ पर सहमत नहीं हुए हैं.

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया, "अगली वार्ता की तारीख़ चीन के साथ बातचीत और सहमति के बाद ही तय होगी. चीन की ओर से अभी इस बारे में कोई जवाब नहीं आया है."

चाइना स्टडी ग्रुप की इस मीटिंग से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मॉस्को में अपने चीनी समक्षक वांग यी से बातचीत की थी और दोनों देश पांच बिंदुओं पर सहमति बनी थी.

भारत-चीन सीमा पर पिछले कई महीनों से तनाव बना हुआ है और 45 साल बाद ये पहली बार है जब एलएसी पर दोनों पक्षों के सैनिकों की ओर से फ़ायरिंग की पुष्टि हुई है.

भारतीय दुल्हन

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सुरक्षा देने वाली कोर्ट मैरेज भी सुरक्षित नहीं?

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने संपादकीय पन्ने पर वरिष्ठ पत्रकार नमिता भंडारे का एक लेख प्रकाशित किया है जिसका शीर्षक है: 'द ऑटोनमी टू चूज़ वंस पार्टनर' (अपना जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता).

लेख में स्पेशल मैरिज एक्ट पर छिड़ी हालिया बहस का विश्लेषण किया गया है. हाल ही में केरल की एक महिला ने भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के सामने स्पेशल मैरेज एक्ट, 1954 के ख़िलाफ़ अपनी याचिका दाखिल की थी.

याचिकाकर्ता ने कहा था कि स्पेशल मैरेज एक्ट के कुछ प्रावधान शादी करने के लिए तैयार जोड़ों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हैं.

नमिता भंडारे ने अपने इस लेख में बताया है कि कैसे पुलिस और अधिकारी कोर्ट मैरेज करने वाले लड़के-लड़कियों से ग़ैरक़ानूनी और व्यक्तिगत जानकारी माँगकर उनका उत्पीड़न करते हैं. नमिता भंडारे लिखती हैं कि ये उत्पीड़न तब और बढ़ जाता है जब शादी करने वाले दो अलग धर्मों के लोग हों.

लेख में कहा गया है कि कई बार जोड़े अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही कोर्ट मैरिज का विकल्प चुनते हैं लेकिन अगर यहाँ भी उनका उत्पीड़न होने लगे तो इस क़ानून के मक़सद पर ही सवालिया निशान लग जाते हैं.

स्पेशल मैरिज एक्ट से शादी के लिए लड़के-लड़की को इस क़ानून के तहत आवेदन करना होता है. इस आवेदन में दोनों पक्षों से जुड़ी कई जानकारियां देनी होती हैं जिनमें नाम, उम्र, जन्मतिथि से लेकर पता और पिनकोड वगैरह शामिल हैं.

सांकेतिक तस्वीर

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गोपनीय काग़जात रखने के आरोप में पत्रकार गिरफ़्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर सेल ने शहर के एक वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा को ऑफ़िशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है. राजीव शर्मा कूटनीतिक विश्लेषक और लेखक भी हैं.

पुलिस का आरोप है कि उनके पास के पास रक्षा मामलों से जुड़े गोपनीय काग़जात मिले हैं.

अभियुक्त पत्रकार राजीव शर्मा यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया, द ट्रिब्यून और साकाल टाइम्स में काम कर चुके हैं. उन्होंने हाल ही में चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के लिए भी एक लेख लिखा था.

राजीव शर्मा को 14 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था.

डीसीपी (स्पेशल सेल) संजीव कुमार यादव ने बताया, "राजीव शर्मा पीतमपुरा के रहने वाले हैं और उन्हें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ़्तार किया है. गिरफ़्तारी के अगले दिन उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जिसके बाद उन्हे छह दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में रखा गया है."

डीसीपी ने बताया कि राजीव शर्मा के पास रक्षा मामलों से जुड़े गोपनीय काग़जात मिले थे और इस सम्बन्ध में मामले की जाँच चल रही है.

इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

वीडियो कैप्शन, गलवान में चीनी सैनिकों की मौत की बात ग्लोबल टाइम्स ने मानी

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