बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने जारी की नई गाइडलाइंस

लालू -नीतीश कुमार

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बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी के दौरान चुनाव कराए जाने को लेकर गाइडलाइंस जारी की है.

इस गाइडलाइंस के मुताबिक डोर टू डोर कैंपेन के दौरान केवल पांच लोगों को एक साथ होने की अनुमति होगी और वह इवीएम मशीन पर बटन दबाने से पहले मतदाताओं को ग्लव्स का इस्तेमाल करना होगा.

चुनाव आयोग ने ये गाइडलाइंस विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और राज्य-केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सुझाव पर जारी किए हैं.

बिहार विधानसभा के चुनाव, कोरोना महामारी के दौरान होने वाले भारत के पहले चुनाव होंगे. बिहार में संभवत अक्टूबर और नवंबर में चुनाव होंगे. बिहार की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है.

हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए बिहार में कई उपचुनाव रद्द करने पड़े हैं.

चुनाव आयोग की ओर जो गाइडलाइंस जारी की गई हैं, उसकी प्रमुख बातें निम्नांकित हैं-

1. नमांकन दाखिल करते वक्त उम्मीदवार के साथ केवल दो व्यक्ति मौजूद होंगे. उम्मीदवार अपना नामांकन ऑनलाइन कर सकते हैं और वो चुनाव लड़ने के लिए लगने वाली सिक्युरिटी मनी भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं.

2. रोड शो के दौरान कोई भी उम्मीदवार अधिकतम पांच वाहनों का इस्तेमाल कर पाएंगे.

3. मतदान के दिन अगर किसी मतदाता में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए तो उन्हें एक टोकन दिया जाएगा और उस टोकन के माध्यम से वे मतदान के अंतिम घंटे में अपना वोट डाल पाएंगे.

4. ईवीएम मशीन में अपना मतदान करने से पहले मतदाताओं को ग्लव्स दिए जाएंगे.

5. एक पोलिंग स्टेशन में अधिकतम एक हज़ार मतदाता वोट दे पाएंगे. पहले मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1500 थी.

6. सभी मतदाताओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा, जिसे पहचान ज़ाहिर करने के दौरान थोड़ी देर के लिए उन्हें हटाना होगा.

7. कोरोन संक्रमित और क्वारंटीन में रह रहे मरीज़ों को स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में मतदान के अंतिम घंटे में वोट डालने की इजाजत होगी. इस दौरान संक्रमण की रोकथाम के लिए तमाम उपाय किए जाएंगे.

हालांकि इस गाइडलाइंस में वर्चुअल रैली और डिजिटल कैंपेन को लेकर कुछ नहीं कहा गया है. कहा जा रहा है कि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी डिजिटल कैंपेन का विरोध कर रही है. राज्य की नौ विपक्षी दलों ने बीजेपी के डिजिटल कैंपेन पर सवाल उठाते हुए जुलाई महीने में चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था.

बिहार में अब तक कोरोना वायरस के एक लाख 15 हज़ार मामले सामने आए हैं जबकि 570 लोगों की मौत हो चुकी है.

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