राजस्थान: कांग्रेस ने बीजेपी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा - आज की बड़ी ख़बरें

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राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने बीजेपी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी है.
'स्पीक अप फ़ॉर डेमोक्रेसी' (गणतंत्र के लिए आवाज़ उठाएं) नाम के हैशटैग के साथ बीते कुछ घंटों में कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से पार्टी कम से कम 60 से अधिक वीडियो ट्वीट कर चुकी है.
रविवार को कुछ ही घंटों के भीतर एक के बाद एक लगातार पार्टी के नेताओं के वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किए गए हैं. इन वीडियो में नागरिकों से नेता अपील कर रहे हैं कि वो गणतंत्र को बचाने के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें.
कांग्रेस का कहना है कि देश एक साथ कई मोर्चों पर संकटों से घिरा है और कोरोना संकट से निपटने की बजाय बीजेपी सत्ता हथियाने को प्राथमिकता दे रही है.
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पार्टी का आरोप है कि बीजेपी के पास विधायकों की खरीद फरोख्त के लिए पैसे हैं लेकिन आम नागरिक को राहत देने के लिए पैसे नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने वीडियो पोस्ट कर कहा, "भाजपा मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान की सरकार गिराने का षड्यंत्र रच कर लोकतंत्र को अपमानित करने का काम कर रही है."
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्विटर पर लिखा, "संकट के समय नेतृत्व की पहचान होती है. कोरोना के राष्ट्रीय संकट में देश को जनहित में काम करने वाले नेतृत्व की जरूरत है."
केरल के मुख्यमंत्री रह चुके उमेन चांडी ने कहा, "देश के संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री राज्यपाल से कभी भी विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए निवेदन कर सकते हैं. लेकिन राजस्थान में कांग्रेस को ऐसा करने का मौक़ा नहीं दिया जा रहा."
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इनके अलावा कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, शशि थरूर, हरीश रावत, शमा मोहम्मद, सुप्रिया श्रीनेत, बालासाहेब थोराट, राजीव शुक्ला और पवन खेड़ा के वीडियो संदेश भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए हैं.
दरअसल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 31 जुलाई को विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा था. इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि वो सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं.
अफ़ग़ानिस्तान से भारत पहुंचे अल्पसंख्यक समुदाय के 11 सदस्य

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अफ़ग़ानिस्तान से ग्यारह अल्पसंख्यक सिखों और हिंदुओं का एक समूह रविवार को दिल्ली पहुंचा है.
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी क़ाबुल से आया ये पहला ऐसा समूह है. अल्पसंख्यकों पर हमले की कई घटनाओं के बाद भारत ने इन्हें देश में शरण देने का प्रस्ताव दिया था.
अफ़ग़ानिस्तान में अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय के कम ही लोग हैं, लेकिन उन पर हाल में हमलों की कई ख़बरें आई थीं.
मार्च में एक सिख धार्मिक स्थल पर हुए हमले में 25 लोगों की मौत हो गई थी.
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भारत आने वाले इन 11 लोगों को कम वक़्त का वीज़ा दिया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि भारत के विवादित नागरिकता संशोधन क़ानून के तहत उन्हें यहीं बसने का मौक़ा मिल सकता है.
ये क़ानून पिछले दिसंबर में ही अस्तित्व में आया है. इस क़ानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और इसे मुसलमान विरोधी बताया गया.
समूह में एक सिख कारोबारी भी शामिल हैं, जिनका हाल में अफ़ग़ानिस्तान में अपहरण कर लिया गया था. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.
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कारगिल दिवस पर पीएम मोदी- पाकिस्तान ने भारत की पीठ में छुरा घोंपा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में कहा कि आज का दिन बेहद ख़ास है क्योंकि 21 साल पहले आज के ही दिन (26 जुलाई) को हमारी सेना ने जीत का झंडा फ़हराया था.
उन्होंने कहा, "साथियों, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता. पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था. भारत तब पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था. लेकिन कहा जाता है न - बैरू अकराण सब काहू सों, जो कर हित अनहित ताहूं सों...यानि दुष्ट का स्वभाव ही होता है, हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना. ऐसे स्वभाव के लोग जो (उनका) हित करता है, उसका भी नुकसान ही सोचते हैं. इसलिए भारत की मित्रता के जवाब में पाकिस्तान द्वारा पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश हुई. लेकिन उसके बाद भारत ने जो अपनी ताकत दिखाई, सैनिकों ने जो पराक्रम दिखाया, उसे पूरी दुनिया ने देखा."

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कार्यक्रम मन की बात में कोरोना वायरस संकट पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कोरोना के ख़िलाफ़ संकट अभी टला नहीं है और ऐसे में लोगों को सजग रहने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा है, "आज हमारे देश में रिकवरी रेट, अन्य देशों के मुक़ाबले बेहतर है. साथ ही हमारे देश में कोरोना से मृत्यु दर भी दुनिया के ज़्यादातर देशों से काफ़ी कम है. निश्चित रूप से एक भी व्यक्ति को कोरोना होना दुखद है. लेकिन भारत अपने लाखों देशवासियों का जीवन बचाने में सफल भी रहा है लेकिन साथियों कोरोना का ख़तरा टला नहीं है."
"कई स्थानों पर यह तेज़ी से फैल रहा है. हमें बहुत ही ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है. हमें ये ध्यान रखना है कि कोरोना अब भी उतना ही घातक है जितना शुरू में था. इसलिए मास्क या गमछे का उपयोग, दो गज़ की दूरी, लगातार हाथ धोना, कहीं भी थूकना नहीं, साफ़ सफ़ाई का पूरा ध्यान रखना…यही हमारे हथियार हैं जो हमें कोरोना से बचा सकते हैं."
राहुल गांधी ने भी किया ट्वीट
कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने भी कारगिल विजय दिवस के मौके पर ट्वीट किया है.
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वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा है, "कारगिल विजय दिवस के मौके पर हम अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस को सलाम करते हुए कारगिल की ऊंचाई पर लड़ी गई जंग में उनके बलिदान को याद करते हैं. पूरा देश हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस और असंख्य बलिदानों का ऋणी है.
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