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भारत ने अमरीका और फ़्रांस के साथ 'एयर बबल्स' समझौता किया
भारत ने फ़्रांस और अमरीका के साथ एयर बबल्स का समइौता किया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि जल्द ही ब्रिटेन और जर्मनी के साथ भी ऐसा ही समझौता कर लिया जाएगा.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, "जब तक अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन कोविड-19 के प्रकोप से पूर्व की अपनी संख्या को फिर हासिल करता है, मुझे लगता है कि इसका जवाब द्विपक्षीय एयर बबल्स में है."
इसके तहत प्रत्येक देश की एयरलाइन्स को शुक्रवार से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि एयर फ़्रांस 18 जुलाई से 1 अगस्त के बीच दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से पेरिस की 28 फ़्लाइट ले जाएगा.
हरदीप सिंह पुरी के अनुसार 17 से 31 जुलाई तक अमरीका की युनाइटेड एयरलाइन्स भी यहाँ से 18 उड़ानें भरेगी, लेकिन अभी ये अंतरिम समझौता है. उन्होंने कहा कि जर्मनी ने भी इसके लिए अनुरोध किया है.
युनाइटेड एयरलाइन्स दिल्ली से नेवार्क तक रोज़ाना एक और दिल्ली से सैन फ़्रांसिस्को तक हफ़्ते में तीन बार उड़ान भरेगी.
उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच भी इसी तरह का समझौता किया जा रहा है जिसके तहत दिल्ली और लंदन के बीच रोज़ाना दो फ़्लाइट होंगी.
जर्मनी के बारे में उन्होंने कहा कि लुफ़्थांसा एयरलाइन्स से बातचीत लगभग पूरी हो गई है.
हरदीप पुरी का कहना था, एयर बबल्स के लिए हमारे पास कई जगह से माँग की जा रही है, लेकिन हमें सावधानी बरतने की ज़रूरत है. हमें सिर्फ़ उतने की ही इजाज़त देनी चाहिए जितना हम हैंडल कर सकते हैं. "
भारत की तरफ़ एयर इंडिया फ़्रांस और अमरीका की उड़ान भरेगी.
क्या होता है द्विपक्षीय एयर बबल्स?
यह एक ख़ास तरह का एयर कॉरिडोर होता है जिसके ज़रिए दो देश आपसी सहमति से हवाई यात्रा करने का समझौता करते हैं.
कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी लगी हुई है, ऐसे में एयर बबल्स के ज़रिए कोई भी दो देश ज़रूरी शर्तों को ध्यान में रखते हुए एयर बबल्स के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मंज़ूरी दे सकते हैं.
भारत में कोरोना के कारण 23 मार्च के बाद से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर पाबंदी लगा दी गई थी.
क़रीब दो महीने के बाद 25 मई से भारत ने घरेलू उड़ानों को दोबारा शुरू किया. लेकिन वो भी कोरोना से पहले की तुलना में केवल 33 फ़ीसद उड़ानों की इजाज़त मिली थी जिसे 26 जून को बढ़ाकर 45 फ़ीसद कर दिया गया.
नागरिक उड्डन मंत्री ने कहा, "हमलोग मान कर चल रहे हैं कि दीपावली तक कोरोना से पहले की तुलना में क़रीब 55-60 फ़ीसद घरेलू उड़ान को शुरू कर देंगे."
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