कश्मीर में मारे गए बीजेपी नेता वसीम बारी कौन थे?

मारे गए बीजेपी नेता वसीम बारी
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    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी महासचिव अशोक कौल के अनुसार शेख़ वसीम बारी 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे और उन्हें बांदीपोरा का ज़िलाध्यक्ष बनाया गया था.

अशोक कौल का कहना है कि बारी के पार्टी में शामिल होने से पहले बांदीपोरा में बीजेपी की स्थिति बहुत कमज़ोर थी.

अशोक कौल कहते हैं, "वसीम पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ता थे. पिछले पाँच सालों में उन्होंने तमाम सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जिसके कारण पार्टी मज़बूत हुई. इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर हज़ारों लोगों को पार्टी से जोड़ा. वसीम बारी के कारण ही बांदीपोरा में बीजेपी सशक्त हुई है. मैं बांदीपोरा में पार्टी के कई कार्यक्रमों में शामिल हुआ हूं और वहां सैकड़ों लोग प्रोग्राम में आते थे. इसी कारण वसीम पार्टी में काफ़ी लोकप्रिय हो गए थे."

वसीम बारी ने बांदीपोरा के अपने घर में ही पार्टी का दफ़्तर बनाया था जहां रोज़ाना सैकड़ों लोग उनसे मिलने आते थे.

बीजेपी में शामिल होने से पहले वसीम बारी ने निर्दलीय की हैसियत से विधानसभा का चुनाव लड़ा था.

अशोक कौल कहते हैं कि इस साल जब पार्टी के सभी ज़िलाध्यक्षों को बदला गया तो वसीम बारी को भी ज़िलाध्यक्ष के पद से हटाकर उन्हें राज्य के कार्यकारिणी समिति का सदस्य बनाया गया और उन्हें पार्टी के प्रशिक्षण विंग का राज्य प्रमुख बनाया गया.

वसीम बारी के फ़ेसबुक पेज पर वो भारत का तिरंगा लिए दिखते हैं.

अशोक कौल के अनुसार उनके फ़ेसबुक पेज से ही वसीम बारी के राष्ट्र के प्रति जुनून को समझा जा सकता है.

परिवार के तीन लोगों की हत्या

बुधवार को वसीम बारी, उनके पिता बशीर अहमद और उनके भाई उमर बशीर की चरमपंथियों ने हत्या कर दी थी. उस वक़्त वो बांदीपोरा स्थित अपनी दुकान में थे. दुकान उनके घर के ही ग्राउंड फ़्लोर पर है.

डॉक्टरों के अनुसार तीनों के सिर में गोली मारी गई थी.

वीडियो कैप्शन, कश्मीर में बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या

जम्मू-कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को इस हत्या के लिए चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा को ज़िम्मेदार ठहराया.

विजय कुमार ने कहा कि ऐसा लगता है कि पूर्व-नियोजित तरीक़े से इन लोगों की हत्या की गई है और हत्यारों की पहचान कर ली गई है.

मीडिया से बात करते हुए आईजी ने ये भी कहा कि वसीम की सुरक्षा में तैनात सभी 10 सुरक्षाकर्मियों को नौकरी से निलंबित कर गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्हें बर्ख़ास्त करने की भी प्रक्रिया चल रही है.

पूरा परिवार बीजेपी में था शामिल

प्रदेश बीजेपी के शिकायत सेल के प्रमुख डॉक्टर रफ़ी के अनुसार, "वसीम बारी की बहन शेख़ ग़ौसिया इस्लाम भी बीजेपी से जुड़ी हैं और वो बांदीपोरा की ज़िला उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्य कार्यकारिणी समिति की भी सदस्य हैं."

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार वसीम बारी के पिता बशीर अहमद भी बीजेपी बांदीपोरा ज़िला के उपाध्यक्ष थे. वसीम के भाई उमर बशीर भी बीजेपी यूथ विंग के लीडर थे.

वसीम अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं. पिछले साल एक सड़क हादसे में वसीम के मां की मौत हो गई थी.

वसीम का परिवार दशकों पहले अनंतनाग ज़िले से बांदीपोरा में आकर बस गया था. बीजेपी कश्मीर के एक प्रवक्ता अलताफ़ ठाकुर के अनुसार बांदीपोरा में बीजेपी के पार्षद और सरपंच हैं जो कि सिर्फ़ वसीम बारी के कारण ही संभव हो सका.

हालांकि बांदीपोरा के एक स्थानीय पत्रकार के अनुसार 12वीं पास वसीम बारी ज़िले में कोई ख़ास लोकप्रिय नहीं थे.

कश्मीर में तीन दशक से सक्रिय चरमपंथियों ने बीजेपी के कई नेताओं को मारा है या उन पर हमले किए हैं.

इस हत्याकांड के बाद प्रवक्ता अलताफ़ ठाकुर ने कहा, "चरमपंथी बौखलाए हुए हैं. एक तरफ़ हर रोज़ चरमपंथी मारे जा रहे हैं, लोगों में उनके लिए सहानुभूति कम हो रही है और उन्हें पता है कि लोग मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. इसीलिए उन्होंने उन लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है जो लोकतंत्र और राष्ट्र के लिए काम कर रहे हैं. वसीम एक शांतिप्रिय व्यक्ति थे."

कश्मीर की सभी पार्टियों ने बीजेपी लीडरों की हत्या की निंदा की है.

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