विकास दुबे मामला: चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा गिरफ़्तार

विकास दुबे

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    • Author, समीरात्मज मिश्र
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

कानपुर में बिकरु गांव में पिछले हफ़्ते हुई मुठभेड़ मामले में चौबेपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

इससे पहले, मंगलवार देर रात विकास दुबे के साथी अमर दुबे को एसटीएफ़ ने हमीरपुर में एक मुठभेड़ में मार दिया था.

कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने मीडिया को बताया, "इन दोनों अधिकारियों पर विकास दुबे से संबंध रखने, मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान ख़तरे में डालने और मौक़े से भाग जाने के मामले में मुक़दमा दर्ज करके कार्रवाई की गई है."

इससे पहले चौबेपुर थाने के सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया गया था और थाने की पूरी पुलिस टीम बदल दी गई थी.

एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा को घटना के बाद ही निलंबित कर दिया गया था. इस बीच, विकास दुबे पर पुलिस ने अब पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है.

विकास दुबे का घर

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विकास दुबे के क़रीबी की मुठभेड़ में मौत

मंगलवार देर रात विकास दुबे के मुख्य सहयोगी बताए जा रहे अमर दुबे की हमीरपुर के पास हुई एक मुठभेड़ में एसटीएफ़ ने मार दिया और शासन के स्तर पर कुछ संदिग्ध पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है लेकिन इस मामले के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं.

बुधवार को यूपी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने एक बार फिर दोहराया कि घटना को अंजाम देने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा लेकिन विकास दुबे की गिरफ़्तारी के बारे में पूछे गए सवालों से एडीजी कतराते रहे.

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि हमीरपुर में मुठभेड़ में मारा गया अमर दुबे भी बिकरू गांव का ही रहने वाला था, "अमर दुबे विकास दुबे का क़रीबी था. विकास के साथियों को गिरफ़्तार किया जा रहा है. जो अपराधी पुलिस पर हमला कर रहे हैं उनका एनकाउंटर भी किया जा रहा है. अमर दुबे भी पचास हज़ार रुपये का इनामी बदमाश था. अमर के पास से एक 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद हुआ है. उसके अलावा एक अन्य अभियुक्त श्यामू वाजपेयी, जहान यादव और संजीव दुबे को कानपुर नगर की पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. जहान यादव का नाम एफ़आईआर में भी है."

मारे गए डीएसपी देवेंद्र मिश्र

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फ़रीदाबा में विकास दुबे?

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि फ़रीदाबाद के खिरीपुर में कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात, अंकुर और श्रवण को भी इस मामले में गिरफ़्तार किया गया है. इसके अलावा नोएडा और बुलंदशहर में भी मुठभेड़ हुई है और कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

बताया जा रहा है कि फ़रीदाबाद में पुलिस को विकास दुबे के भी होने की जानकारी मिली थी लेकिन मुठभेड़ से पहले ही वह वहां से भाग निकला. हालांकि इस बारे में पुलिस या एसटीएफ़ की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस पूरी ताक़त लगा रही है और उनके क़रीबियों को भी पकड़ रही है.

वीडियो कैप्शन, कानपुर एनकाउंटर के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे का घर तोड़ा गया

कानपुर पुलिस अब तक विकास दुबे की एक बहू, पड़ोसी और नौकरानी को गिरफ्तार कर चुकी है.

पुलिस का कहना है कि इन तीनों ने विकास दुबे को भगाने में उसकी मदद की थी और ये लगातार विकास को पुलिस की गतिविधियों की भी जानकारी दे रहे थे.

शनिवार को विकास दुबे के बिकरू गांव स्थित पुश्तैनी मकान को ध्वस्त करने के बाद उनके लखनऊ स्थित मकानों की भी जांच की कार्रवाई शुरू की गई.

विकास दुबे की मां सरला दुबे ने मीडिया को बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण से कुछ लोग मकान के काग़ज़ देखने के लिए आए थे जो उन्हें दिखा दिया गया. हालांकि लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस तरह की किसी कार्रवाई के प्रयास से इनकार किया है.

विकास दुबे

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पुलिस विभाग के अंदर भी जांच जारी

विकास दुबे को पकड़ने की कोशिश में उनके क़रीबियों पर हो रही कार्रवाइयों के अलावा शासन के स्तर पर पुलिस विभाग के अंदर भी उन लोगों की गहन जांच की जा रही है जिन्होंने किसी ने किसी रूप में विकास दुबे की या तो मदद की या फिर उनके लिए कथित तौर पर मुखबिरी की.

मंगलवार को चौबेपुर थाने के सभी 68 पुलिसकर्मियों को इसी क्रम में लाइन हाज़िर कर दिया गया और थाने में नए लोगों की तैनाती कर दी.

गिरफ़्तार किए गए चौबेपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय तिवारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.

मंगलवार को सरकार ने चार आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया जिसमें एसटीएफ़ के पुलिस उप-महानिरीक्षक अनंत देव भी शामिल हैं.

वीडियो कैप्शन, विकास दुबे: कानपुर मुठभेड़ में ज़िंदा बचने वाले पुलिसकर्मी से सुनिए आपबीती

अनंत देव का मुरादाबाद स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में कर दिया गया. अनंतदेव अभी कुछ समय पहले ही कानपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद से प्रोन्नति और तबादले के बाद एसटीएफ़ भेजे गए थे.

बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में मारे गए सीओ देवेंद्र मिश्र ने विकास दुबे के ऊपर दर्ज मुक़दमों और अन्य मामलों के संदर्भ में मार्च महीने में एक पत्र लिखा था. उस वक़्त अनंतदेव ही कानपुर में एसएसपी थे.

बताया जा रहा है कि इस पत्र पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में अनंतदेव से भी पूछताछ की जा सकती है. मुठभेड़ में शामिल अभियुक्तों की तलाश और जांच एसटीएफ़ कर रही है, इसलिए भी अनं तदेव का तबादला वहां से कर दिया गया है.

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