बिजली गिरने से बिहार में 83, यूपी में 24 लोगों की मौत

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बिहार में बिजली गिरने से 83 लोगों की मौत हो गई है, वहीं उत्तर प्रदेश में अब तक 24 लोगों की मौत हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर अपनी संवेदना प्रकट करते हुए ट्वीट किया है, "बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ ज़िलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों के निधन का दुखद समाचार मिला. राज्य सरकारें तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हैं. इस आपदा में जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं."
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर ट्वीट कर दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट किया है, "बिहार में बिजली गिरने से 83 लोगों की मौत की ख़बर सुनकर स्तब्ध हूँ. भगवान उनके प्रियजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मेरी अपील है कि पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करें.
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बिहार में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार नीरज प्रियदर्शी ने बताया है कि बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से शाम 6:30 बजे जारी आकंडों के मुताबिक़ गुरुवार को राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से 83 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हैं.
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने ज़िलों से फ़ोन पर मिलने वाली जानकारी के आधार पर यह सूची जारी की है.

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आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सबसे ज़्यादा मौतें गोपालगंज में हुई हैं जहां 13 लोग मारे गए हैं.
बिहार के क़रीब 23 ज़िले में बिजली गिरने से जान-माल का नुक़सान हुआ है. गोपालगंज के बाद मधुबनी और नवादा में आठ-आठ लोग मारे गए हैं.
इसके अलावा सिवान में छह, भागलपुर में छह, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और बांका में पाँच-पाँच और पश्चिमी चंपारण में दो लोगों की मौत की ख़बर है.

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मुआवज़े की घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमार के कार्यालय की तरफ़ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में वज्रपात से मरे लोगों के लिए शोक संवेदना व्यक्त की गई है.
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे ख़राब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें और वज्रपात से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन की ओर से जारी गाइडलाइन का अनुपालन करें.
मुख्यमंत्री की ओर यह भी घोषणा की गई है कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की मुआवज़े की राशि प्रदान की जाएगी.
बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष राजद के तेजस्वी यादव ने लोगों की मौत पर दुख जताया है.
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आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बीबीसी को बताया, "अन्य सभी ज़िलों में हुए जान-माल के नुक़सान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. कई ज़िलों में बिजली गिरने का प्रभाव ज़्यादा था, इसलिए संभव है कि नुक़सान अधिक हुआ होगा."
प्रत्यय अमृत ने यह भी कहा, "मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह का रहेगा. इसलिए लोगों को ख़ुद से सावधानी बरतनी होगी. बारिश और वज्रपात के समय बाहर नहीं रहने के सुझावों का पालन करना होगा."
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने आने वाले तीन दिनों में भी बिहार के कई ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
इस अलर्ट के अनुसार कई ज़िलों में भारी बारिश एवं वज्रपात की आशंका है. इसके कारण जान माल की हानि होने, निचले स्थानों में जलजमाव, यातायात बाधित होने, बिजली सेवा बाधित होने के साथ ही नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है.
शुक्रवार के लिए राज्य के लगभग 10 ज़िले रेड ज़ोन में घोषित किए गए हैं. इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा में बहुत ज़्यादा बारिश की आशंका जताई गई है.

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उत्तर प्रदेश में 24 लोगों की मौत
वहीं उत्तर प्रदेश से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्रा ने बताया है कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. कई जगहों से पशुओं के भी मरने की ख़बरें हैं.
उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बीबीसी को बताया, "आकाशीय बिजली से सिर्फ़ आज होने वाली मौतों की संख्या 24 है. सबसे ज़्यादा नौ लोगों की मौत देवरिया ज़िले में, जबकि छह लोगों की मौत प्रयागराज ज़िले में हुई है."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगतों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं.
आकाशीय बिजली का सबसे ख़तरनाक असर गोरखपुर-बस्ती मंडल पर पड़ा है जहां 12 लोगों की मौत हो गई और बीस से ज़्यादा लोग बुरी तरह से झुलस गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ इनमें ज़्यादातर घटनाओं के दौरान लोग खेतों में काम कर रहे थे. देवरिया के अलावा सिद्धार्थनगर में दो और कुशीनगर में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
देवरिया ज़िले में शाम चार बजे के क़रीब अचानक तेज़ आवाज़ के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली गिरने की घटना हुई और शॉर्ट सर्किट की वजह से बिजली के कई उपकरण और कंप्यूटर जलकर ख़ाक हो गए. एसडीएम सदर दिनेश मिश्र के मुताबिक़ दफ़्तर में काफ़ी नुक़सान हुआ है.
सिद्धार्थनगर के इटवा थाना क्षेत्र में बिजली गिरने से दो बुज़ुर्ग समेत तीन लोगों की मौत हो गई. ये लोग गांव के बाहर खेत में काम कर रहे थे. अचानक मूसलाधार बारिश के बीच बिजली गिरी और उसकी चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई.
प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में भी तेज़ बारिश के साथ बिजली क़हर बनकर गिरी. यहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से छह लोगों की मौत हो गई है जबकि सात लोग बुरी तरह से झुलस गए हैं. राज्य के कई ज़िलों में पेड़ उखड़ने और पशुओं के मरने भी ख़बर है. कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है.
आगे मौसम का अनुमान
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर के जेनामानी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि अगले तीन दिनों तक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल का उप-हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में भारी बारिश होने वाली है. इसकी वजह से बाढ़ आने की भी संभावना है. हमने केंद्र और राज्य सरकारों को इस बारे में सूचित कर दिया है.
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस बाबत 22 जून को चेतावनी दी थी कि बिहार और असम के कई ज़िलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है और वहाँ नदियाँ ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
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