भारत-चीन झड़प: चीनी सैनिकों ने कील लगे लोहे की रॉड से किया था हमला

सोशल मीडिया पर और दूसरी जगहों पर एक हथियार की तस्वीर शेयर की जा रही है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि गलवान घाटी में भारत-चीन लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर दोनों सेनाओं के बीच हुई झड़प में चीनी सेना ने इसी हथियार का इस्तेमाल किया था.
यह हथियार लोहे की रॉड है जिस पर कील लगे हुए हैं.
भारत-चीन सीमा पर मौजूद भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी बीबीसी को ये तस्वीर भेजी है और कहा है कि इसी हथियार से चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया था.
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15-16 जून को लद्दाख के गलवान घाटी में एलएसी पर हुई इस झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल समेत 20 सैनिकों की मौत हुई थी. भारत का दावा है कि चीनी सैनिकों का भी नुक़सान हुआ है लेकिन इसके बारे में चीन की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
चीन ने अपनी सेना को किसी भी तरह का कोई नुक़सान होने की बात नहीं मानी है.
इसके बाद दोनों ही देशों में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ चुका है. दोनों ही देश एक-दूसरे पर अपने इलाक़ों के अतिक्रमण करने का आरोप लगा रहे हैं.
रक्षा विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने सबसे पहले यह तस्वीर ट्वीट किया था और लिखा था कि ऐसे हथियार का इस्तेमाल करना 'बर्बरता' है.
भारत और चीन के बीच 1996 की संधि के मुताबिक़ विवादित सीमा क्षेत्र में तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए किसी भी तरह के हथियार को ले जाने पर रोक है.
हालांकि भारत के विदेश मंत्री ने कहा है कि गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के पास हथियार थे लेकिन पिछले समझौतों के तहत उन्होंने हथियार का इस्तेमाल नहीं किया.
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यह तस्वीर भारत में ट्वीटर और दूसरे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर की जा रही है. लेकिन ना ही चीन और ना ही भारत के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी की है.
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि यह झड़प क़रीब 14,000 फ़ीट की ऊंचाई पर एक दुर्गम इलाक़े में हुई थी और कई जवान यहां से तेज़ बहती गलवान नदी में गिर पड़े. यहाँ का तापमान शून्य के क़रीब है.
चार दशकों में पहली बार चीनी सीमा पर संघर्ष में मौत
हाल के कुछ हफ़्तों में गलवान घाटी के इलाक़े में भारत और चीन की सेना के बीच तनाव पैदा हो गया था जो सोमवार की घटना के बाद और भी बढ़ चुका है. 45 साल के बाद भारत-चीन सीमा पर संघर्ष में किसी जवान की मौत हुई है.
भारतीय मीडिया में आई अपुष्ट रिपोर्टें बताती हैं कि इस झड़प में चीनी सैनिकों की भी मौत हुई है लेकिन चीन ने अभी इस मामले पर कुछ नहीं बोला है. माना जा रहा है कि कई भारतीय जवान अब भी लापता हैं.
हालांकि गुरुवार को भारतीय सेना और फिर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कोई भी भारतीय सैनिक लापता या चीनी सेना के क़ब्ज़े में नहीं है.

इमेज स्रोत, EPA
समाचार एजेंसी एफ़पी के मुताबिक़ चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजान ने कहा है, "भारतीय सेना ने दो बार सीमा पार किया और चीनी सेना को उकसाया और उन पर हमला किया. इसके परिणामस्वरूप दोनों तरफ़ की सेना के बीच सीमा पर गंभीर हिंसक टकराव हुआ."
चीन ने बुधवार को गलवान घाटी क्षेत्र में स्वायत्ता का दावा किया है जिसे भारत ने बड़बोलापन और खोखला दावा बताया है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजान ने कहा, "गलवान घाटी की संप्रभुता हमेशा से चीन के पास रही है. भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर प्रोटोकॉल और हमारे कमांडर स्तर की बातचीत में हुई सहमति का गंभीर उल्लंघन किया.''
लेकिन चीन के इस दावे को भारत चीन का बड़बोलापन और खोखला क़रार देता है.
चीनी प्रवक्ता ने साथ ही कहा कि चीन अब और संघर्ष नहीं चाहता.
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैनिक स्तरों पर बातचीत चल रही है.
दूसरी तरफ़ भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि दोनों ही देशों के विदेश मंत्रियों ने फ़ोन पर बातचीत की है और इस बात पर सहमति जताई है कि पूरे हालात को ज़िम्मेदारी के साथ संभाला जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि, "इस तरह का बड़बोलापन और खोखले दावे जो समझ बनी है उसके विरोधाभाषी है."
भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि चीनी सेना ने एलएसी के भारतीय हिस्से में निर्माण कार्य करने की कोशिश की थी.
भारत ने चीन पर आरोप लगाया कि उसने पहले से तयशुदा और योजनाबद्द तरीक़े से कार्रवाई की है जिसके कारण हिंसा हुई और लोगों की जान गई. भारत ने चीन से आग्रह किया कि वो 'सुधारात्मक क़दम' उठाए.
लेकिन फिर चीन ने अपने विदेश मंत्री के हवाले से एक बयान दिया कि ''चीन एक बार फिर भारत से कड़ा विरोध दर्ज करता है और माँग करता है कि भारत इस पूरे मामले की पूरी जाँच करे और भड़काने वाले किसी भी हरकत को रोके ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना सुनिश्चित किया जा सके.''
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