राजस्थान: कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा- मोदी-अमित शाह लोकतंत्र को ध्वस्त करने में लगे हैं

राजस्थान में मचे सियासी घमासान के बीच शुक्रवार को कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर लोकतंत्र को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है.

कांग्रेस विधायकों की बैठक के बाद सुरजेवाला और कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी पर आरोप लगाए.

बीजेपी पर राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने और उन्हें लुभावने ऑफर देकर अपने पक्ष में वोटिंग के लिए मनाने की कोशिश करने के आरोप लगे हैं.

रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ''आज जब पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है तब भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी, वो प्रजातंत्र को ध्वस्त करने में, पूरे देश में लोकतंत्र का चीरहरण करने में लगे हैं. प्रजातांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं और संस्कारों को पूरे देश में रौद रहा भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है, ये बार बार पूरे देश में साबित हुआ है. ऐसा लगता है पूरे देश में प्रजातंत्र का चीरहरण ही बीजेपी का चाल चरित्र बन गया है.''

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में देश और प्रदेश में जनता अपनी अपनी सरकारों को पूरे ध्यान से देख रही है. कौन दर्द बांट रहा है, कौन प्रजातंत्र को बांट रहा है. लोग चुने हुए प्रतिनिधियों को, सरकारों को और मीडिया के साथियों को भी इस बारे में प्रदेश और देश की जनता नज़र रखे है.

सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान की सरकार ने कोरोना से लड़ने में अभूतपूर्व काम किया है, यह जगजाहिर है. भीलवाड़ा मॉडल की चर्चा और प्रशंसा न केवल प्रधानमंत्री ने की बल्कि विदेशों में भी इस मॉडल की चर्चा हुई और प्रचलित हुआ. राजस्थान सरकार ने यह कर दिखाया. राजस्थान मनरेगा के काम के सृजन में सबसे आगे है. सीधे लोगों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने का काम राजस्थान सरकार ने किया. मुख्यमंत्रियों की बैठक में खुद प्रधानमंत्री ने राजस्थान सरकार के काम की तारीफ की थी.

राज्यसभा चुनाव की सियासी हलचल का रुख करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ''राजस्थान सरकार ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए एक नारा दिया था- राजस्थान सतर्क है. राजस्थान न सिर्फ़ कोरोना से लड़ने में सतर्क है बल्कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, हमारे मंत्री, हमारे विधायक और हमारे समर्थक विधायक प्रजातंत्र की रक्षा में भी उतने ही सतर्क हैं. राजस्थान की वीरभूमि को न कोई हरा पाया है न हरा पाएगा. प्रजातंत्र की मज़बूती के यज्ञ का संकल्प जो राजस्थान के विधायकों, साथियों, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया है वो निर्णायक तरीके से साकार होगा, इस राज्यसभा के चुनाव में भी और जनसेवा के इस यज्ञ और संकल्प में भी.''

उन्होंने कहा, ''राज्यसभा में सिर्फ तीन उम्मीदवार जा सकते हैं. दो कांग्रेस से और एक बीजेपी से. लेकिन बीजेपी षड़यंत्र करके, खरीद फरोख्त करके अपना एक और उम्मीदवार राज्यसभा में भेजना चाहती है. वो भ्रष्टाचार की राजनीति की पथप्रदर्शक बनकर क्यों खड़ी है? जेपी नड्डा, अमित शाह और पीएम मोदी इसका जवाब देश की जनता को ज़रूर दे दें.''

''देश के डीएनए में है कांग्रेस''

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 19 जून को होने वाले राज्यसभा के चुनाव दो महीने पहले भी हो सकते थे, तैयारी पूरी थी लेकिन चुनाव तो बिना कारण के स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, ''मैंने तब भी कहा था कि बीजेपी की विधायकों को तोड़ने की कोशिश पूरी नहीं हो पाई इसलिए चुनाव स्थगित कर दिए गए. कोई कारण नहीं था. अब जब वापस चुनाव शुरू हुए हैं तो गुजरात में चार लोग इस्तीफा दे चुके हैं. नरेंद्र मोदी हों या अमित शाह हों, पूरा देश जानते हैं कि दो लोग किस तरह देश के अंदर ये सब कर रहे हैं.''

अशोक गहलोत ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को कोरोना महामारी की चिंता नहीं है. कोरोना की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी. राहुल गांधी ने 12 फरवरी को आगाह कर दिया था उसके बावजूद मध्य प्रदेश में सरकार बदली गई. उसके पहले ही ये लोग काफ़ी तमाशा कर चुके थे. जो षड़यंत्र करते हैं उन्हें काफ़ी वक़्त लगता है योजना बनाने में. ऐसे हालात में आज देश चल रहा है.''

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, ''पीएम कहते हैं कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे लेकिन ये कभी नहीं होगा. कांग्रेस देश का इतिहास शानदार है कुर्बानी और बलिदान का. कांग्रेस मुक्त कभी नहीं होगी. कांग्रेस देश की रग-रग में है, देश के डीएनए में है.''

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत में है और दोनों उम्मीदवार जीतकर जाएंगे.

कोरोना महामारी से निपटने के प्रयासों पर उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों को कोई आर्थिक मदद नहीं दी है. वित्त मंत्री रोज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हैं लेकिन राज्य को मदद नहीं मिली. सिर्फ घोषणाएं की हैं लेकिन आज तक आर्थिक मदद करने का काम नहीं किया. किसी भी राज्य को. सीमित साधनों के बावजूद हमने काम किया और आज 51 लाख लोग मनरेगा के तहत राजस्थान में काम कर रहे हैं. लोग हमारे काम से संतुष्ट हैं.''

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