बीजेपी राजस्थान की रेत में कमल खिलाने की कर रही है कोशिश? फिर रिज़ॉर्ट की ओट

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- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर 19 जून को होने वाले चुनाव से पहले राजस्थान में कांग्रेस के 107 विधायकों समेत 110 विधायकों की बाड़ाबंदी की गई है.
बहुमत के आंकड़े को देखते हुए कांग्रेस दो और भाजपा के खाते में एक सीट जाना तय माना जा रहा है. लेकिन भाजपा ने दो उम्मीदवारों को मैदान में उतार कर कांग्रेस सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
वहीं, भाजपा पर विधायकों की ख़रीद के आरोप लगने और एन्टी करप्शन ब्योरे (एसीबी) में शिकायत होने से राजनीतिक पारा चढ़ गया है.
राज्यसभा चुनाव पर चर्चा के लिए जयपुर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है और उसके विधायक किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे.

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वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है. भले ही वह कांग्रेस, बीजेपी पर आरोप लगाए लेकिन उनका ख़ुद का घर सुरक्षित नहीं है. उनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है और इसलिए इस तरीक़े की नौबत आज कांग्रेस पार्टी के भीतर आई है."
विधायकों से बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले, ''मुझे गर्व है कि मैं ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना सौदे के बिना लोभ लालच के सरकार का साथ देते हैं कि सरकार स्थिर रहनी चाहिए राज्य में."
राज्य के कुछ विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "करोड़ों अरबों रुपये भेजे जा रहे हैं. सुन रहे हैं कि नक़दी स्थानांतरित हो रही है जयपुर में. कौन भेज रहा है. बांटने के लिए एडवांस देने की बातें हो रही हैं. आप लीजिए दस करोड़ एडवांस ले लीजिए. बाद में दस और देंगे फिर पाँच और देंगे. क्या हो रहा है. खुला खेल हो रहा है यहां पर.''
मुख्यमंत्री के बंगले पर बैठक के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बंगले पर बुधवार शाम सात बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई.
यहां मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी विधायकों से बात की और बैठक के तुरंत बाद उन्हें बसों से दिल्ली रोड़ स्थित होटल ले जाया गया.
कुछ देर बाद मुख्यमंत्री गहलोत भी वहां पहुंचे और चुनाव होने तक विधायकों को होटल में ही रहने के लिए कहा गया.
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 19 जून को होने वाले चुनावों के लिए कांग्रेस ने के सी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है.
भाजपा ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाख़िल किया.
इसके बाद कांग्रेस सरकार सरकार की मुश्किलें बढ़ गईं और विधायकों को ख़रीद-फ़रोख्त से बचाने के लिए होटल में बड़ाबंदी करनी पड़ी.
राज्य की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं. इनमें छह विधायक पिछले साल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए. इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं.
मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसीबी को की शिकायत

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राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने आरोप लगाया है कि, कर्नाटक और मध्य प्रदेश की तर्ज़ पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक को पत्र लिखा है, लेकिन पत्र में किसी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं है.
राजस्थान विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि केंद्र के द्वारा राजस्थान में बड़ा कैश ट्रांज़ैक्शन हो रहा है, इसकी जाँच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए लिखा है.
जोशी ने एसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है, ''अति विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज़ पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राज्य की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है.''
महेश जोशी के पत्र में कहा गया है, ''हमारे विधायकों और उन निर्दलीय उम्मीदवारों, जिन्होंने हमें समर्थन दिया है, को धन शक्ति के साथ लुभाने की कोशिश की जा रही है.''
जोशी ने इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने की माँग की है. हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ऐसा प्रयास करने वाली किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया है.
क्रॉस वोटिंग हुई तो भाजपा के दूसरे उम्मीदवार की जीत की संभावना
राजस्थान विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस के 107 विधायक हैं, इनमें पिछले साल बीएसपी से टूटकर कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायक शामिल हैं. कांग्रेस को 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है.
वहीं, भाजपा के 72 विधायक हैं और आरएलपी के तीन विधायकों का समर्थन भी है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए 51 प्रथम वरीयता वाले वोटों की आवश्यकता होती है, ऐसे में कांग्रेस की राह आसान लग रही है.
कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करें और निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के पक्ष में पाला बदल लेंते हैं तो भाजपा के दूसरे उम्मीदवार के जीतने की संभावना बन सकती है.

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लेकिन, कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायकों की बाड़ाबंदी कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा की रणनीति को भेदने के प्रयास कर रहे हैं.


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