योगी आदित्यनाथ का वो बयान जिस पर मच रहा है सियासी घमासान

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कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने एक बयान की वजह से घिरते नज़र आ रहे हैं.
24 मई को एक वेबिनॉर में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक 23 लाख प्रवासी कामगार और श्रमिकों को दूसरे राज्यों से लाया गया है. इनमें बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से आने वाले लोग भी शामिल हैं.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''मुंबई से आने वाले जो भी कामगार हैं उनमें से 75 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. दिल्ली से आने वाले कामगारों में 50 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. अन्य राज्यों से आने वालों में 20 से 30 फीसदी लोग व्यापक संक्रमण की चपेट में हैं. हमारे लिए एक चुनौती बनी हुई है लेकिन मज़बूती के साथ हमारी टीमें पूरी तरह जुटी हुई हैं.''
उन्होंने कहा कि 75 हज़ार से अधिक मेडिकल टीमें काम कर रही हैं. जो केवल स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं. मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और उसके साथ-साथ उपचार की जो कार्रवाई चल रही है अलग-अलग अस्पतालों में उसी का परिणाम है कि हम इस महामारी को काफ़ी हद तक रोक पाए हैं और आगे भी करेंगे.
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सीएम योगी के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट करके छह सवाल किए हैं.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''मुख्यमंत्रीजी के बयान के आधार पर इनमें से महाराष्ट्र से लौटे हुए 75%, दिल्ली से लौटे हुए 50% और अन्य प्रदेशों से लौटे 25% लोग कोरोना से संक्रमित हैं. क्या मुख्यमंत्री जी का मतलब है कि उप्र में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आँकड़े तो संक्रमण की संख्या 6228 बता रहे हैं.''
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प्रियंका गांधी ने ये सवाल भी उठाए-
- संक्रमण के आंकड़े का आधार क्या है? लौटे हुए प्रवासियों में संक्रमण का ये प्रतिशत आया कहां से?
- और यदि ऐसा है तो इतने कम टेस्ट क्यों हो रहे हैं?
- ये आंकड़े उप्र सरकार के अन्य आंकड़ों की तरह ही अप्रमाणित और गैरज़िम्मेदार हैं ?
- अगर मुख्यमंत्री जी के बयान में सच्चाई है तो सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्टिंग, संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों को जनता से साझा करे
- और यह भी बताए कि संक्रमण पर क़ाबू पाने की क्या तैयारी है?
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 6268 हैं. और अब तक 161 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक 3538 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर राजनीतिक गलियारे और सोशल मीडिया पर भी घमासान जारी है. प्रियंका गांधी ने योगी के बयान पर सवाल उठाए तो बहुत से लोगों ने ट्विटर पर उन्हें आड़े हाथों लिया तो वहीं कुछ लोग उनके समर्थन में भी दिखे.
ट्विटर पर सुजीत सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा कि योगी के कहने के आधार पर प्रदेश में संक्रमण के मामले ढाई लाख के पार होने चाहिए. लेकिन आधिकारिक आंकड़ा 6000 के करीब है. ऐसे में क्या मुख्यमंत्री आंकड़े छुपा रहे हैं?
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नीरज शर्मा नाम के एक यूजर ने महाराष्ट्र में संक्रमण के मामलों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ''तीन पार्टियां मिलकर एक राज्य नहीं संभाल पा रही हैं. कहीं यूपी में चुनाव तो नहीं आ रहा?''
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राम चौधरी नाम के एक यूज़र ने प्रियंका गांधी के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि उन्हें राजस्थान सरकार से भी अपील करनी चाहिए कि वो रोज़गार दे. कांग्रेस 'खुद के घर में भी देख ले.'
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