कोरोना लॉकडाउन के दौरान मुंबई में बांद्रा स्टेशन के बाहर जमा हुए हज़ारों लोग

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बीच मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को हज़ारों लोग जमा हो गए. बताया जा रहा है कि उन्हें उम्मीद थी कि लॉकडाउन की वजह से रोका गया ट्रेनों का संचालन शुरू होने वाला है.
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बांद्रा स्टेशन पर जमा हुए लोगों में से अधिकतर प्रवासी मज़दूर थे और वो अपने गृह राज्य जाना चाहते थे. हालांकि स्टेशन के पास भारी भीड़ होने की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लोगों को वहां से हटाया.
भीड़ हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. लेकिन बांद्रा स्टेशन से लोगों को खाली करा लिया गया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है, सरकार उनकी समस्याएं सुलझाने की हर संभव कोशिश कर रही है.
बीते 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी. ये लॉकडाउन 14 अप्रैल यानी मंगलवार को ख़त्म हो रहा था.
मंगलवार सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाई की घोषणा की और लोगों से अपील की कि वो घर में ही रहें ताकि कोरोना के संक्रमण से बचा जा सके.
बांद्रा में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के मामले में मुंबई पुलिस अब जांच कर रही है कि आखिर एक साथ इतने लोग जमा कैसे हुए.
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महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर बताया कि बांद्रा स्टेशन के बाहर फिलहाल हालात सामान्य हैं और भीड़ को हटा दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि बांद्रा में जुटी भीड़ हो या सूरत में भड़की हिंसा, इसके लिए केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है जो प्रवासी मज़दूरों के घर वापस लौटने की व्यवस्था नहीं कर पा रही है. प्रवासी मज़दूर शेल्टर या खाना नहीं चाहते, वो अपने घर जाना चाहते हैं.
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उद्धव ठाकरे ने दिलाया भरोसा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों की अपील की है कि वो परेशान न हों, सरकार उनकी ज़रूरी सुविधाओं का ख़याल रख रही है.
उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे कोरोना संक्रमण के हॉटस्पॉट हैं इसलिए यहां टेस्टिंग सेंटर की संख्या बढ़ाई जा रही है. जिन इलाकों को सील किया गया है वहां टेस्टिंग और सैंपल जुटाने का काम प्रमुखता से हो रहा है. साथ ही सरकार सप्लाई से जुड़ी मुश्किलें सुलझाने का भी प्रयास कर रही है.
कोरोना वायरस की समस्या से पूरी दुनिया प्रभावित है. लोग अपने आयोजनों को घरों में ही करने के लिए मजबूर हैं. मैं भीम सैनिकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने आंबेडकर जयंती के मौके पर किसी तरह की रैली या सभा नहीं की और अपने घरों में ही रहे.
उद्धव ठाकरे ने बताया कि महाराष्ट्र के 10 ज़िले कोरोना संक्रमण से मुक्त हैं और सरकार की कोशिश रहेगी कि यहां कोई मामला सामने न आए. साथ ही बाकी ज़िले भी कोरोना संक्रमण से जल्द से जल्द मुक्त हों.

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उन्होंने कहा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है. मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं. मैंने भी यही सुझाव दिया था.
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के टेस्ट सबसे ज़्यादा हो रहे हैं. मुंबई में आज सुबह तक 22000 से अधिक सैंपल टेस्ट किए गए हैं. अब तक कुल संक्रमित लोगों में से करीब 10 फ़ीसदी इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं.
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण ख़त्म होने के बाद भी सरकार के सामने बराबर चुनौती होगी और वो है अर्थव्यवस्था को उबारने की चुनौती. इसके लिए हमने कमिटी बनाई है जो एक्शन प्लान तैयार करेगी.
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के कुल 2337 मामले हैं. यहां कोरोना की वजह से अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है.
देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले कुल 10815 हैं और मरने वालों का आंकड़ा 353 पहुंच गया है.

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लॉकडाउन के पहले चरण की घोषणा के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी हज़ारों की संख्या में प्रवासी जमा हो गए थे. इसे लेकर दोनों राज्यों की सरकारों में आपसी तकरार भी दिखी.
हालांकि बाद में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रवासियों को लाने के लिए बसों का इंतजाम किया था.

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