You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना वायरस: क्या सरकार फ्री करेगी कोविड-19 टेस्ट?- प्रेस रिव्यू
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी भी मान्यता प्राप्त सरकारी या प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस संबंधित टेस्ट मुफ़्त में करने होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इसके लिए केंद्र सरकार निर्देश जारी करे.
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि प्राइवेट लैब्स की फ़ीस उन्हें वापस कर दी जाए लेकिन ये पैसे किस तरह से वापस दिए जाएंगे इस पर बाद में फ़ैसला किया जाएगा.
साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि कोरोना टेस्ट सिर्फ़ उन्हीं लैब्स में होने चाहिए जो एनएबीएल, डब्ल्यूएचओ या फिर आईसीएमआर प्रमाणित हों. कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक ऐसा ढांचा तैयार करना चाहिए जिससे प्राइवेट लैब कोविड-19 टेस्ट को लेकर मनमानी ना कर सकें. इस ख़बर को नवभारत टाइम्स ने प्रकाशित किया है.
जारी रहेगा लॉकडाउन?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी. अभी 21 दिन पूरे भी नहीं हुए हैं कि उत्तर प्रदेश और राजधानी दिल्ली में कुछ इलाक़ों को हॉटस्पॉट घोषित करके सील कर दिया गया है. ये आदेश बुधवार रात 12 बजे से लागू भी हो गया है.
उत्तर प्रदेश के 15 ज़िलों में 100 से अधिक इलाक़ों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और दिल्ली में 20 जगहों को.
लेकिन जब देश में पहले से ही लॉकडाउन है तो इलाक़ों को सील करने की वजह क्या है? किसी इलाक़े को सील करने का मतलब क्या है?
दैनिक हिंदुस्तान की ख़बर के अनुसार, सबसे पहले तो यह समझना है कि पूरे प्रदेश को सील नहीं किया गया है. ना ही पूरी दिल्ली सील की गई है. केवल उन इलाक़ों को सील किया गया है जो कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित हैं. यानी कि अब इन जगहों पर किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी.
जिन इलाक़ों को सील किया गया है वहां कोई राशन और ज़रूरी सामान लेने के लिए भी घर से बाहर नहीं निकल सकेगा. सील किये गए इलाक़ों में प्रशासन की तरफ़ से दूध, खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचायी जाएंगी.
सील किए गए इलाक़ों में ज़रूरी सामानों की दुकानें भी बंद रहेंगी. जबकि लॉकडाउन में ज़रूरी चीज़ों के लिए दुकानें खुली हुई हैं.
इसके अलावा एक और अहम फ़ैसला दिल्ली सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लिया गया है. अब इन दोनों ही जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.
11 अप्रैल को होगा लॉकडाउन पर फ़ैसला
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भले ही कुछ इलाक़े 15 अप्रैल तक के लिए सील कर दिए गए हों लेकिन पूरा देश अभी भी लॉकडाउन में है.
21 दिनों के लॉकडाउन को आगे जारी रखना है या फिर कुछ रियायतों के साथ इसे हटा देना है, इस पर 11 अप्रैल को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सलाह के बाद फ़ैसला लिया जा सकता है.
देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 5000 के पार पहुंच चुके हैं. इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि इन बढ़ते आंकड़ों के साथ ही प्रधानमंत्री ने ये संकेत भी दिया है कि कुछ प्रतिबंध 14 अप्रैल के बाद भी बने रहेंगे.
14 अप्रैल को 21 दिन का लॉकडाउन पूरा हो रहा है.
विभिन्न राजनीतिक दलों और मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर एक ज़िंदगी को बचाना है. अख़बार प्रधानमंत्री के हवाले से लिखता है कि अभी तक ज़िलों से, विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा से और दूसरे देशों में अपनाए गए तरीकों से जो निष्कर्ष सामने आया है उससे यह कहीं ना कहीं स्पष्ट हो जाता है कि कोविड 19 को फैलने से रोकने का यही एकमात्र तरीक़ा है.
अख़बार लिखता है कि पिछले हफ़्ते प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉकडाउन के एक्ज़िट प्लान के लिए सुझाव मांगे थे.
पांच लाख रुपये तक के लंबित इनकम टैक्स का तुरंत भुगतान
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आयकरदाताओं को राहत देने के लिए सरकार की ओर से एक बड़ा फ़ैसला लिया गया है.
इसके तहत पांच लाख रुपये तक के टैक्स रिफंड को जारी करने का आदेश दिया गया है. इस ख़बर को टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने प्रकाशित किया है.
इसके साथ ही जीएसटी और कस्टम के टैक्स रिफ़ंड भी जारी करने का आदेश दिया है.
- कोरोना महामारी, देश-दुनिया सतर्क
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस का बढ़ता ख़तरा, कैसे करें बचाव
- कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना क्यों ज़रूरी है?
- कोरोना: मास्क और सेनेटाइज़र अचानक कहां चले गए?
- अंडे, चिकन खाने से फैलेगा कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद बचने की कितनी संभावना है
- कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा भारत?
- कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का अपमान क्यों
- कोरोना: माचिस की आग से 'स्टे होम' का संदेश
- कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?
- कोरोना वायरस: तीसरे चरण के संक्रमण से बचने के लिए कितना तैयार है भारत
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)