कोरोना वायरस: दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक किस हाल में हैं?

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- Author, ब्रजेश मिश्र
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक के दो डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. दोनों डॉक्टर पति-पत्नी हैं. हालांकि मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से यह सवाल उठने लगा कि मोहल्ला क्लीनिक कितने सुरक्षित हैं और कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए कितने एहतियात बरत रहे हैं.
दरअसल, मोहल्ला क्लीनिक के जिस डॉक्टर में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आया था उन्होंने सऊदी अरब से लौटी एक महिला का इलाज किया था.
विदेश से लौटी महिला से वायरस का संक्रमण डॉक्टर तक पहुंचा और फिर एक सप्ताह बाद उनकी पत्नी भी वायरस संक्रमण से पॉजिटिव पाई गईं. दोनों डॉक्टर पति-पत्नी अलग-अलग मोहल्ला क्लीनिक में काम करते हैं.
मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ऐसी ख़बरें आई हैं कि कई मोहल्ला क्लीनिक पर ताला लटक रहा है.
हालांकि 26 मार्च को अरविंद केजरीवाल ने इस बात का खंडन किया था कि डॉक्टर के कोरोना संक्रमित होने की वजह से मोहल्ला क्लीनिक फिलहाल बंद किए जाएंगे.
केजरीवाल ने कहा, ''यह दुख की बात है कि मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर, उनकी पत्नी और बेटी को कोरोना संक्रमित पाया गया है लेकिन एक ग़लतफ़हमी फैल रही है कि मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं. मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से लोगों को दूर-दूर बड़े अस्पतालों में जाना पड़ेगा. मोहल्ला क्लीनिक खुले रहेंगे. वहां मौजूद डॉक्टर और बाकी स्टाफ़ ज़रूरी एहतियात बरतेंगे जिससे डॉक्टर भी सुरक्षित रहें और मरीज़ों को भी दिक्क़त न हो.''

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दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को ध्यान में रखते हुए की थी.
दिल्ली सरकार का दावा है कि मोहल्ला क्लीनिक लगातार सैनिटाइज़ किए जा रहे हैं और जनस्वास्थ्य का खयाल रखा जा रहा है.
वहीं, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का आरोप है कि दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टरों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ज़्यादातर मोहल्ला क्लीनिक बंद पड़े हैं.
कपिल मिश्रा ने एक अप्रैल को एक ट्वीट में कहा, ''दिल्ली में मौजपुर और बाबरपुर के मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर्स को कोरोना हुआ. 2000 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, मोहल्ला क्लीनिकों का करोड़ों का विज्ञापन, तमाशा खड़ा किया. आज ज़रूरत पर मोहल्ला क्लीनिक बंद हैं. इलाज तो दूर, बीमारी फैला रहे हैं.''
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मोहल्ला क्लीनिक में क्या एहतियात बरते जा रहे हैं?
बीते सप्ताह एक डॉक्टर के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद शाहादरा के एसडीएम ने आदेश जारी किया था कि जो लोग 12 मार्च से 18 मार्च के बीच मौजपुर इलाके के मोहनपुरी स्थित मोहल्ला क्लीनिक में मौजूद थे या वहां से दवा ली है वो 15 दिनों तक सेल्फ़ क्वारंटाइन रहें.
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दिल्ली में आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. शैली कामरा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सभी मोहल्ला क्लीनिक में साफ़-सफ़ाई का विशेष ख़याल रखा जा रहा है.
वो कहती हैं, ''हमने बेहतर क्वालिटी के मास्क उपलब्ध कराए हैं. सैनिटाइज़र का इस्तेमाल किया जा रहा है. मरीज़ देखते समय पर्याप्त दूरी बरती जा रही है. इसके साथ ही जो लोग मोहल्ला क्लीनिक आ रहे हैं उन्हें भी उचित दूरी बनाकर खड़ा किया जा रहा है. खांसी, जुकाम और बुखार वाले मरीज़ों को ज़्यादा सावधानी बरतते हुए देखा जा रहा है.''
अस्पतालों में ओपीडी बंद होने की वजह से अधिकतर मरीज़ मोहल्ला क्लीनिक ही जा रहे हैं. इनमें से अधिकतर मरीज़ डायबिटीज और सामान्य बुखार, खांसी वाले हैं.
कितने मोहल्ला क्लीनिक चल रहे हैं?
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद साल 2015 में पहली बार मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की गई थी. आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 450 मोहल्ला क्लीनिक हैं. केजरीवाल सरकार ने 1000 मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने का लक्ष्य रखा है.
डॉ. शैली कामरा के मुताबिक, दिल्ली के फिलहाल करीब 260 मोहल्ला क्लीनिक खुले हुए हैं और इनमें से हर क्लीनिक में रोज़ाना करीब 150 मरीज़ आ रहे हैं.
वो कहती हैं, ''मोहल्ला क्लीनिक के कई डॉक्टर क्वारंटाइन में लगे हुए हैं. बहुत से डॉक्टर ड्यूटी के घंटे बढ़ने से थकान झेल रहे हैं लेकिन काम लगातार जारी है. मोहल्ला क्लीनिक में लोग डायबिटीज, खांसी, जुकाम की दवा लेने आते हैं. बच्चों को दवाइयां दी जा रही हैं. वो लोग भी आ रहे हैं जिन्हें सांस लेने में परेशानी है. तो हर तरह के मरीज़ आ रहे हैं.''
डॉ. शैली यह भी बताती हैं कि जिन मरीज़ों को थोड़ा भी शक़ होता है वो बड़े अस्पताल में कोरोना टेस्ट के लिए जा रहे हैं लेकिन मोहल्ला क्लीनिक में आने वाले लोगों की भी मदद की जा रही है. वो कहती हैं, ''जो लोग हल्के बुखार खांसी से परेशान हैं कि अगर उनको लगता है कि वो कोरोना के संदिग्ध हो सकते हैं तो हम उन्हें एहतियात बताते हैं और यह भी बताते हैं कि अगर लक्षण दिखते हैं तो किस अस्पताल जाएं.''

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कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन जारी है. 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की वजह से परिवहन और दूसरी तमाम सेवाएं बंद हैं. सिर्फ़ ज़रूरी सेवाएं ही चल रही हैं. हज़ारों लोग घर से काम कर रहे हैं और बहुत से लोगों का रोज़गार भी छिन गया है.
लॉकडाउन का असर मोहल्ला क्लीनिक पर भी पड़ा है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा बंद होने की वजह से बहुत से लोग मोहल्ला क्लीनिक तक पहुंच नहीं पा रहे हैं.
डॉ. शैली बताती हैं कि जिन लोगों के पास निजी वाहन हैं वही मोहल्ला क्लीनिक आ रहे हैं. जो लोग घरों में हैं और नहीं आ पा रहे वो इस बाद की भी गुजारिश कर रहे हैं कि अगर आने-जाने की सुविधा मिले तो वो काम पर आने के लिए तैयार हैं. फिलहाल हर मोहल्ला क्लीनिक में कम से कम दो स्टाफ़ तैनात हैं. आम तौर पर एक क्लीनिक के स्टाफ़ में चार लोग होते हैं.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को राज्य के डॉक्टरों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे-जैसे मरीज़ों की संख्या अगर बढ़ती हैं तो ज़रूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों को भी इलाज की सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है और ज़रूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को भी इलाज के लिए बुलाया जा सकता है.
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24 घंटे में बढ़े 91 नए मामले
शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि राजधानी में कोरोना वायरस के अब तक 384 मामले आ चुके हैं. बीते 24 घंटों में संक्रमण के 91 मामले बढ़े हैं.
केजरीवाल ने बताया कि 384 में से 58 मरीज़ विदेश से यात्रा लौटने वाले लोग हैं, जिनकी बीते दो महीने में ट्रैवेल हिस्ट्री रही है. इनमें से कुछ लोग दिल्ली के नहीं हैं लेकिन उन्हें यहां क्वारंटाइन किया गया है. इनके अलावा 259 मरीज़ मरकज़ से संबंधित हैं और जिन लोगों को किसी के संपर्क में आने से कोरोना फैला है उनकी संख्या 38 है.
दिल्ली में किसी के संपर्क में आने से कोरोना वायरस फैलने के मामले फिलहाल स्थिर हैं यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन फिलहाल नहीं हुआ है, यह माना जा रहा है. सीएम केजरीवाल ने बताया कि अब तक कुल पांच लोगों की मौत हुई है. इनमें से एक व्यक्ति को मरकज़ से निकाला गया था.

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स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोगों का टेस्ट
दिल्ली सरकार ने 25 मार्च को आदेश जारी किया था कि हेल्थ केयर में लगे कर्मचारी और डॉक्टर जो कोरोना संक्रमित मरीज़ों से सीधे संपर्क में रहते हैं उनके टेस्ट कराए जाएं.
साथ ही उन लोगों का भी टेस्ट किया जाए तो कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल इकट्ठा करते हैं.
इनके अलावा उन मरीज़ों का भी टेस्ट कराने के आदेश दिए गए थे जो दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में सांस लेने संबंधी बीमारी की वजह से भर्ती हैं. इसके लिए पांच अस्पताल भी तय किए गए हैं.


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