#ExitPolls : दिल्ली की सत्ता की रेस में आम आदमी पार्टी आगे, बीजेपी दूसरे नंबर पर

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे वैसे तो दो दिन बाद आने हैं लेकिन एग्ज़िट पोल्स के रुझानों पर यकीन करें तो ऐसा लगता है कि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सत्ता में वापसी करने जा रही है.
70 सदस्यों वाली दिल्ली विधानसभा में बहुमत के लिए 36 विधायकों की ज़रूरत पड़ेगी.
पर तकरीबन सभी समाचार चैनलों ने अपने एग्ज़िट पोल्स में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को निर्णायक बढ़त की स्थिति में दिखलाया है.
एग्ज़िट पोल्स में इस बात को लेकर आम राय है कि दिल्ली में विपक्ष की भूमिका निभा रही दोनों पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस सत्ता की रेस में फिसलती हुई दिख रही हैं.
वैसे मतदान के बाद आए ये एग्ज़िट पोल कुछ भी कहें पर असली और वास्तविक नतीजे मंगलवार को ही आएंगे.

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'आप' की स्थिति
एबीपी न्यूज़ और सी वोटर के एग़्जिट पोल के मुताबिक़ आम आदमी पार्टी को 49 से 63 सीटें तक मिल सकती हैं.
जबकि टाइम्स नाउ और इप्सॉस का सर्वे 'आप' को 47 सीटें दे रहा है. दूसरी तरफ़, टीवी9 भारतवर्ष और सिसेरो के सर्वे में 'आप' को 54 सीटें दी गई हैं.
रिपब्लिक टीवी और जन की बात के एग़्जिट पोल के अनुसार 'आप' को 48 से 61 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं.
इंडिया न्यूज़ और नेता के सर्वे अगर सच हुए तो आम आदमी पार्टी को 53 से 57 सीटें मिलने की संभावना है.
यहां तक कि सुदर्शन न्यूज़ ने भी अपने सर्वे में 'आप' को 41 से 45 सीटें दी हैं.
एग़्जिट पोल्स से रुझानों का औसत या पोल ऑफ़ एग़्जिट पोल्स के आंकड़े आम आदमी पार्टी को 52 सीटें दे रहे हैं.
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दिल्ली में विपक्ष की स्थिति
वैसे एग़्जिट पोल्स की मानें तो दिल्ली के चुनावी अखाड़े में बीजेपी दूसरे नंबर पर है और पिछले विधानसभा चुनावों के मुक़ाबले उसकी स्थिति में सुधार होने की संभावना है.
एबीपी न्यूज़ और सी वोटर के सर्वे में बीजेपी को 5 से 19 सीटें और कांग्रेस को 0 से 4 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है.
दूसरी तरफ़, टाइम्स नाउ और इप्सॉस का एग़्जिट पोल बीजेपी को 23 और कांग्रेस को 0 सीट दे रहा है.
रिपब्लिक टीवी और जन की बात के सर्वे में बीजेपी को 9 से 21 सीटें और कांग्रेस को 0 से 1 सीट मिलते हुए दिखाया गया है.
इंडिया न्यूज़ और नेता के सर्वे की मानें तो बीजेपी को 11 से 17 मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 0 से 2 सीटें.
टीवी9 भारतवर्ष और सिसेरो के सर्वे में बीजेपी को 15 सीटें तो कांग्रेस को 1 सीट मिलने की बात कही गई है.
बीजेपी की सबसे बेहतर स्थिति का अनुमान सुदर्शन न्यूज़ ने लगाया है. उसने बीजेपी को 24 से 28 सीटें तो कांग्रेस को 1 से 2 सीटे मिलने की संभावना जाहिर की है.
मौजूदा विधानसभा
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए शनिवार को वोट डाले गए.
वैसे तो चुनाव मैदान में 672 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे थे लेकिन आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबले की उम्मीद की गई थी.
साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था.
इस बार भी आप ने सत्ता में वापसी के लिए पूरी जोर लगाया. पिछले चुनावों में बीजेपी को तीन सीटें मिली थीं और कांग्रेस खाली हाथ रही थी.
केजरीवाल से पहले दिल्ली में लगातार 15 साल सत्ता में रही कांग्रेस का सत्ता से वनवास इस बार भी ख़त्म होता हुआ नहीं दिख रहा है.
वहीं, बीजेपी इन चुनावों में कड़ी टक्कर देने की कोशिश की और वो नतीज़ों के लिए मंगलवार तक का इंतज़ार करना चाहेगी.
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दिल्ली में दिसंबर 2013 में भी विधानसभा चुनाव हुए थे लेकिन उसमें किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया.
तब आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी जो बस 49 दिन ही चली थी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने ख़ुद ही सरकार गिरा दी और फिर से चुनाव में कूद गई.
इस चुनाव की बात करें तो ये नेताओं के विवादित भाषणों और इसमें उठाए गए मुद्दों के चलते भी खासा चर्चित रहा.
इन चुनावों में बिजली-पानी, शाहीन बाग, सीएए, शिक्षा और राष्ट्रवाद जैसे मसले हावी रहे हैं.
इसके अलावा कुछ नेताओं को बयानबाजी के लिए चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा और प्रचार पर प्रतिबंध भी लगाया है.
दिल्ली सरकार का कार्यकाल 22 फरवरी को ख़त्म होने वाला है.

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