रामचंद्र गुहा ने कहा- राहुल गांधी को चुनकर केरल ने विनाशकारी क़दम उठाया : प्रेस रिव्यू

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इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा है कि 'भारतीय राजनीति में परिश्रमी और आत्मनिर्भर नरेंद्र मोदी के सामने पांचवीं पीढ़ी के वंशज राहुल गांधी के लिए कोई मौक़ा नहीं है.'
विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की मुखर आलोचना करने वाले जाने वाले इतिहासकार ने केरल साहित्यिक समारोह के दूसरे दिन ये बातें कहीं.
अमर उजाला ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है. गुहा ने यह भी कहा कि 'वायनाड ने राहुल गांधी को नेता चुनकर विनाशकारी कदम उठाया है.' उन्होंने कहा, "अगर आप 2024 में भी राहुल गांधी को दोबारा चुनने की ग़लती करेंगे तो आप नरेंद्र मोदी को ही लाभ पहुंचाओगे."
गुहा ने कहा, ''मैं व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी के ख़िलाफ़ नहीं हूं लेकिन कांग्रेस अब निराशावादी पारिवारिक कंपनी में बदल गई है, जो भारत में हिंदुत्व और अंध-राष्ट्रवाद बढ़ने के कारणों में से एक है.''
गुहा ने कहा, ''मोदी का सबसे मज़बूत पक्ष यह है कि वो राहुल गांधी नहीं हैं. वह बेहद परिश्रमी हैं और उन्होंने कभी यूरोप में छुट्टियां नहीं मनाईं.''
'क़व्वाली नहीं चलेगी'
मशहूर कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में 'ऐसा बनना संवरना मुबारक तुम्हें' क़व्वाली पर डांस कर रही थीं कि अचानक संगीत रुक गया.
उन्हें लगा कि ऐसा शायद किसी तकनीकी गड़बड़ी से हुआ है लेकिन तभी आयोजन में मौजूद अधिकारियों ने आगे आकर कहा, "क़व्वाली नहीं चलेगी, स्टेज पर क़व्वाली नहीं होगी."

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ये वाकया बुधवार को उस कार्यक्रम में हुआ जिसे उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने आयोजित कराया था. मंजरी का आरोप है कि संगीत रुकने के बाद वो मंच पर ही थीं कि अगली प्रस्तुति का ऐलान कर दिया गया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मंजरी ने तुरंत माइक पर जाकर कहा, "अपने 25 साल के करियर में मैंने 35 देशों में परफ़ॉर्म किया है और कभी मुझे इस तरह बीच में नहीं रोका गया, कभी मंच से नहीं हटाया गया. मैं अपने डांस के जरिए गंगा-जमुनी तहज़ीब की बात करती रहूंगी.''
वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मंजरी की परफ़ॉर्मेंस क़व्वाली की वजह से नहीं बल्कि समय की कमी के कारण रोका गया.
मंजरी के मुताबिक़ उन्हें उनकी परफ़ॉर्मेस के लिए 45 मिनट का वक़्त दिया गया था और सब कुछ पहले से तय था. उन्होंने कहा, "मुझे बाद में अपने टेक्नीशियन से पता चला कि परफ़ॉर्मेंस ख़त्म होने में कुछ मिनट ही बाकी थे तभी एक अधिकारी आए और उन्होंने संगीत रोक दिया.''
जब ये सब हुआ तब उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर हृदय नारायण दीक्षित पहली कतार में बैठे हुए थे.
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अमेज़न ने किया 10 लाख नौकरियों का वादा
ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न के सीईओ जेफ़ बेज़ोस ने कहा है कि कंपनी साल 2025 तक भारत में 10 लाख नौकरियां लाना चाहती है.
हिंदुस्तान टाइम्सने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. बेज़ोस ने यह बात वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान के बाद कही है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में एक बिलियन डॉलर निवेश करके अमेज़न देश पर कोई अहसान नहीं कर रही है.
पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित 'रायसीन डायलॉग' में कहा, "अमेज़न अपने घाटे की भरपाई के लिए भारत में एक बिलियन डॉलर निवेश कर रही है. वो भारत पर कोई अहसान नहीं कर रही है.''
इधर, पीयूष गोयल ने भी अपने बयान पर सफ़ाई दे दी है. उन्होंने कहा, "मैं बस ये कहना चाहता था कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को नियमों का पालन करना चाहिए. उन्हें देश के छोटे व्यापारियों के लिए चीज़ें मुश्किल नहीं बनानी चाहिए.''
गोयल ने कहा कि सरकार हर तरह के निवेश का स्वागत करती है लेकिन अगर किसी ने क़ानून का उल्लंघन किया तो उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई होगी.
केरल: संक्रांति के दिन बीफ़ वाले ट्वीट से विवाद
केरल के पर्यटन विभाग ने मकर संक्राति के दिन एक ऐसा ट्वीट किया था जिससे अब सोशल मीडिया में विवाद हो रहा है.
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केरल टूरिज़्म के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "ख़ुशबूदार मसालों, नारियल के टुकड़ों, करी पत्ते के साथ धीमी आंच पर भुने गए बीफ़ के नर्म टुकड़े; मसालों की धरती केरल से शानदार डिश, बीफ़ उलरतियातु की रेसिपी.'
इस ट्वीट के साथ बीफ़ के डिश की तस्वीर भी पोस्ट की गई थी.
जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के अनुसार सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने सफ़ाई दी और कहा कि उनका मक़सद किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था.
हालांकि ट्विटर हैंडल से इस तस्वीर और पोस्ट को हटाया नहीं गया है.
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