तुर्की-भारत में तनाव बढ़ा, पीएम मोदी का दौरा रद्द- प्रेस रिव्यू

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द हिन्दू में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तुर्की दौरा रद्द कर दिया गया है. इस रिपोर्ट के अनुसार हाल के दिनों में कश्मीर पर तुर्की के रुख़ तो देखते हुए भारत ने ये फ़ैसला किया है.
पिछले महीने 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा उठाया था.
द हिन्दू के अनुसार मोदी के तुर्की दौरे की बात इसी साल जून महीने में पीएम मोदी और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के बीच हुई मुलाक़ात में हुई थी. अख़बार के अनुसार इस साल के अंत तक पीएम मोदी तुर्की जाने वाले थे.
दोनों देशों के संबंधों में आई कड़वाहट के लिए तुर्की का कश्मीर और एफ़एटीएफ़ में पाकिस्तान का समर्थन मुख्य वजहें हैं. जब तुर्की ने उत्तरी सीरिया में कुर्दों पर हमले शुरू किए तो भारत ने भी इसके लिए तुर्की की आलोचना की और कहा कि संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए.
द हिन्दू के अनुसार इसके साथ ही भारत ने तुर्की के अनादोलु शिपयार्ड से भारत में नेवी सपोर्ट शिप बनाने की डील को भी रद्द कर दिया है. भारत ने ये क़दम कश्मीर और एफ़एटीएफ़ पर तुर्की के पाकिस्तान के साथ खड़े होने के जवाब में उठाए हैं.
अख़बार ने भारत के विदेश मंत्रालय से पूछा कि क्या पीएम मोदी का तुर्की दौरा रद्द कर दिया गया है तो मंत्रालय ने कहा कि ऐसा कोई दौरा नहीं होने वाला था.

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हालांकि भारत में तुर्की के राजदूत साकिर ओज़कान ने द हिन्दू से कहा, ''हमारी सरकार को उम्मीद थी कि पीएम मोदी अंकारा आएंगे. यह केवल उम्मीद ही नहीं थी बल्कि हाल ही में इस पर बात भी हुई थी. हमलोग अब कोई दूसरी तारीख़ का इंतज़ार कर रहे हैं. आने वाले महीनों में पीएम मोदी के वक़्त के हिसाब से कोई नई तारीख़ तय होने का इंतज़ार है. भारत सरकार ने यह फ़ैसला लिया है लेकिन निश्चित तौर पर इसे लेकर चर्चा हुई थी.''
द हिन्दू से सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि तुर्की के अनादोलु शिपयार्ड से भारत ने 2.3 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है. कहा जा रहा है कि इसे कैंसल करने का एक कारण यह भी हो सकता है कि अनादोलु शिपयार्ड पाकिस्तानी नेवी के लिए भी काम कर रही थी. इसके साथ ही तुर्की ने यह भी कहा था कि फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) में वो पाकिस्तान का साथ देगा.
अनादोलु शिपयार्ड के टेंडर कैंसल किए जाने पर द हिन्दू ने नई दिल्ली में तुर्की के राजदूत से पूछा तो उन्होंने कहा, ''यह एक व्यावसायिक मुद्दा है. मैं नहीं जानता हूं कि इसमें क्या हुआ है. पीएम मोदी ने जब भी राष्ट्रपति अर्दोवान से बात की है तो उन्होंने मेक इन इंडिया को लेकर चर्चा की है. उम्मीद है कि आने वाले वक़्त में सब ठीक हो जाएगा.''
तुर्की के राजदूत ने ये भी कहा कि कश्मीर पर चीन ने भी भारत की आलोचना की थी लेकिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा हुआ.

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रतुल पुरी ने एक रात में 11 लाख डॉलर उड़ाए: ईडी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी ने अमरीका के एक नाइट क्लब में सिर्फ़ एक रात में 11 लाख डॉलर खर्च किए. मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने अपने आरोप पत्र में यह कहा है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक़ चार्जशीट में पुरी के अलावा उनके सहयोगियों और मोजर बेयर इंडिया (प्राइवेट) लिमिटेड का भी नाम है, जहां वो कार्यकारी निदेशक थे.
एजेंसी का ये भी दावा है कि नवंबर 2011 से अक्टूबर 2016 के बीच पुरी का निजी खर्च 4.5 मीलियन डॉलर तक रहा.
आरोपपत्र में अनुमान लगाया गया है पुरी ने क़रीब आठ हज़ार करोड़ रुपए की कथित मनी लॉन्ड्रिंग की. ईडी ने कहा है कि काले धन को सफेद करने के लिए 'शेल कंपनियां' बनाई गईं.

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कमलेश तिवारी हत्याकांड
हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के 24 घंटे बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और गुजरात के आतंकवाद-रोधी दस्ते की संयुक्त टीम ने मामले को सुलझा लेने का दावा किया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक़ पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने हत्या के पीछे सूरत के एक कट्टरपंथी इस्लामी समूह का हाथ होने की बात कही है. पुलिस का मानना है कि ये भारत में 'ईश निंदा' की वजह से हुई हत्या का पहला मामला हो सकता है.
दरअसल, हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष और अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने 2015 में पर्चे बंटवाए थे जिसमें पैग़म्बर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक बातें थीं. पकड़े गए लोगों में सूरत के एक मौलवी और बिजनौर के दो मौलवी शामिल हैं.

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श्रद्धालु जत्थे के साथ करतारपुर जाएंगे मनमोहन
जनसत्ता के मुताबिक उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री को पत्र भेजकर इत्तला दी है कि भारत की ओर से उद्घाटन समारोह के बाद जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल होकर पहुंचेंगे.
भारत की ओर से आठ नवंबर को और पाकिस्तान की तरफ नौ नवंबर को उद्घाटन समारोह रखे गए हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पाकिस्तान के समारोह में नहीं जाएंगे.
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