मेक्सिको के जंगलों में भारतीय कामगारों की आपबीती: प्रेस रिव्यू

बिलखते भारतीय कामगार

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इमेज कैप्शन, शुक्रवार को मेक्सिको सरकार ने इन लोगों को वापस भारत भेज दिया

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने मेक्सिको से भारत डिपोर्ट किए गए लोगों की आपबीती छापी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे वो मानव तस्करों, बीमारी और प्यास से लड़ते हुए पनामा के जंगलों के मुश्किल रास्तों से होते हुए मेक्सिको पहुंचे थे. उनके मुताबिक मेक्सिको तक के इस सफर में उन्हें महीनों लग गए.

लेकिन शुक्रवार को मेक्सिको सरकार ने इन लोगों को वापस भारत भेज दिया. इन लोगों में पंजाब और हरियाणा के 300 से ज़्यादा युवा प्रवासी शामिल थे.

इन लोगों ने पहले वीज़ा एजेंट्स से संपर्क किया, जिन्होंने प्रति व्यक्ति 15 से 20 लाख रुपये मांगे.

लेकिन किसान परिवारों के ये बेरोज़गार लड़के परिवारों को पीछे छोड़कर दूसरे रास्ते से अमरीका निकल पड़े.

इन लोगों ने कुछ यूट्यूब वीडियो देखे और ऐसे लोगों के बारे में सुना, जो सफलतापूर्वक अमरीका पहुंच गए थे.

26 साल के सेवक सिंह ने बताया, "मैंने यूट्यूब पर यात्रा के वीडियो देखे थे. उसे देखकर नहीं लगा कि ये सफर इतना भयानक होगा. मुझे नहीं पता था कि हमें एक जंगल से होकर जाना होगा. जहां न खाना मिलेगा और न ही पानी."

युवकों ने बताया कि प्यास बुझाने के लिए उन्होंने कमीज़ों से पसीना निचोड़कर पीना पड़ा था.

प्रेस रिव्यू

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अगले मुख्य न्यायाधीश हो सकते हैं एसए बोबडे

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शुक्रवार को केंद्र को एक पत्र भेजकर वरिष्ठतम न्यायाधीश एसए बोबडे को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश की.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक न्यायमूर्ति गोगोई ने विधि एवं न्याय मंत्रालय को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति बोबडे को अगला प्रधान न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है.

चीफ़ जस्टिस गोगोई ने 3 अक्तूबर 2018 को देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की थी.

वे 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे. अगले मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल 23 अप्रैल 2021 तक होगा.

चिदंबरम व अन्य के खिलाफ आरोपपत्र

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चिदंबरम के ख़िलाफ़ आरोपपत्र

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के ख़िलाफ़ दिल्ली की एक विशेष अदालत में शुक्रवार को एक आरोपपत्र दायर किया.

जनसत्ता के मुताबिक इसमें पीटर मुखर्जी, कार्ति चिदंबरम, चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्कर रमण, नीति आयोग की पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्यम मंत्रालय में पूर्व सचिव अनूप के पूजारी, प्रबोध सक्सेना, रबिंद्र प्रसाद, आइएनएक्स मीडिया, एएससीएल और चेस मैनेजमेंट सर्विसेज़ को भी अभियुक्त बनाया है.

अंतिम रिपोर्ट में अभियुक्त से सरकारी गवाह बनी इंद्राणी मुखर्जी का भी नाम है.

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार इस मामले पर 21 अक्टूबर को विचार करेंगे.

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रविदास मंदिर के लिए सरकार ज़मीन देगी

केंद्र सरकार दक्षिण दिल्ली में रविदास मंदिर बनाने के लिए 200 वर्ग मीटर भूमि कुछ शर्तों के साथ देने को तैयार है.

हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के मुताबिक अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ज़मीन देने को तैयार है.

दिल्ली के तुकलकाबाद में अगस्त में इसी जगह संत रविदास का मंदिर अदालत के आदेश पर ढहा दिया गया था, अब उसी जगह पर मंदिर फिर से बनाया जाएगा. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी दी है.

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