कश्मीर: मोबाइल सेवा बहाल होने के बाद कहीं ख़ुशी, कहीं झल्लाहट

मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे

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    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए

भारत प्रशासित कश्मीर में दोपहर 12 बजे 70 दिनों के बाद मोबाइल सेवाएं बहाल हुई हैं.

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को 5 अगस्त, 2019 को हटाए जाने के बाद से ही घाटी में कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थीं, जिनमें मोबाइल सेवाएं भी शामिल थीं.

बीते शनिवार को सरकार ने ऐलान किया था कि कश्मीर घाटी के सभी हिस्सों से पोस्टपेड मोबाइल सेवाओं पर लबी पाबंदी को सोमवार से हटा दिया जाएगा.

सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "कश्मीर क्षेत्र के सभी 10 जिलों में पोस्टपेड मोबाइल सेवाओं को सोमवार दोपहर 12 बजे बहाल कर दिया जाएगा." उनके मुताबिक़. 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल काम करना शुरू करेंगे.

बडगाम के रहने वाले सज्जाद अहमद ने 70 दिनों के बाद श्रीनगर से अपने घर पर फ़ोन किया और माता-पिता से बात की.

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उन्होंने बीबीसी को बताया, "मैं यहां श्रीनगर में काम करता हूं. वैसे बडगाम का रहने वाला हूं. पिछले 70 दिनों में मेरी पहली बार अपने घरवालों से बात हुई. मेरी बहन ने फ़ोन उठाया. मैं भी उत्साहित था और घरवाले भी. वे परेशान थे क्योंकि संचार बंद होने के कारण हमारी आपस में बात नहीं हो पाई थी. नौकरी के कारण मैं घर भी नहीं जा पाया था. पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के कारण भी असुविधा हुई."

जब यह पूछा गया कि ये 70 दिन बिना फ़ोन के कैसे बीते, तो सज्जाद ने कहा, "मैं लफ़्जों में इसे बयां नहीं कर सकता. जब आप किसी चीज़ के आदी हों और अचानक वह हट जाए तो आप सोच सकते हैं कि क्या हाल होगा. ऐसा ही फ़ोन के साथ हुआ. अब घरवालों से बात करके मेरे दिलो-दिमाग़ को राहत मिली है. घर पर सिर्फ़ लैंडलाइन है."

इंटरनेट न होने से निराशा

लद्दाख से संबंध रखने वाले डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन ने सोमवार दोपहर 12.15 बजे 70 दिनों के बाद अपने परिजनों से बात की. वह घरवालों से बात करके ख़ुश थे.

डॉक्टर ज़ाकिर

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उन्होंने बीबीसी से कहा, "कनेक्टिविटी न होने से बड़ी मुश्किल थी. मैंने 70 दिन बाद घर फ़ोन किया. हालांकि मैंने लैंडलाइन पर दो बार बात की थी मगर मोबाइल से फ़ोन करने को लेकर मैं काफ़ी एक्साइटेड था. मेरी आवाज़ सुनकर परिवार वाले बड़े ख़ुश हुए. पहले अम्मी ने फ़ोन उठाया, फिर अब्बू से बात की. जब संपर्क का साधन न हो तो कई मुश्किलें आती हैं. जब लंबे समय बाद आप घरवालों से बात करते हैं तो ख़ुशी मिलती है,. उसे बयां नहीं किया जा सकता."

मंज़ूर अहमद का जियो पोस्टपेड कनेक्शन भी काम करने लगा है. वह अब ख़ुश तो हैं मगर निराशा है कि इंटरनेट अभी भी नहीं चल रहा.

वह कहते हैं, "जहां तक मेरे कारोबार की बात है, मेरी प्राथमिकता है इंटरनेट. मैं पर्यटन उद्योग से जुड़ा हुआ हूं. सरकार ने पोस्टपेड सेवाओं को शुरू करने का तो ऐलान कर दिया है मगर बिना इंटरनेट इनका बिल कैसे भरेंगे. पोस्टपेड कनेक्शन का बिल भी आता है, कैसे इसे रीचार्ज करेंगे."

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मंज़ूर अहमद

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ख़ुशी के आंसू

5 अगस्त को 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख.

इसके बाद से ही संचार साधनों पर पाबंदी लगा दी गई थी, कर्फ़्यू लगा दिया गया और स्कूल, कॉलेज व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए थे. इससे पहले ही मुस्लिम बहुल कश्मीर में सरकार ने अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी थी.

लैंडलाइन सेवा तो एक महीना पहले बहाल कर दी गई थी मगर घाटी में मोबाइल सेवाओं पर पाबंदी लगी हुई थी.

20 साल की आशिया फ़ोन पर बात कर रही थीं. बाद में जब हमने उनसे बात की उन्होंने बताया कि वह दूर रह रहे किसी रिश्तेदार से बात कर रही थीं. बात करते समय उनकी आंखों से आंसू ढुलक आए थे.

उन्होंने कहा, "मैं आज अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करके बहुत ख़ुश हूं. पहले मेरी घरवालों से बात हुई. कश्मीरी ही आपको बता सकते हैं कि 70 दिनों तक कैसे वे रहे. जब हम दूर रहे किसी रिश्तेदार से बात करते हैं तो हमारी आंखें नम हो जाती हैं. बस इतना ही बता सकते हैं."

डल झील

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मोबाइल पैक एक्सपायर

बहुत सारे ऐसे लोगों से भी हमारी बात हुई जिनके मोबाइल फ़ोन सेवा बिल वगैरह न भरने या रीचार्ज न करवा पाने के कारण ठप हो गई है.

जियो की 'प्री ऑन पोस्ट' सेवा के ग्राहक मुश्ताक़ अहमद बडगाम से आते हैं. वह कह रहे हैं कि रीचार्ज न हो पाने के कारण वह फ़ोन नहीं कर पा रहे हैं.

प्री ऑन पोस्ट एक रीचार्ज की सुविधा है जिसके तहत जियो के पोस्टपेड उपभोक्ता अपने पोस्टपेड नंबरों पर प्रीपेड रीचार्ज वाली सुविधा इस्तेमाल कर सकते हैं.

मुश्ताक़ ने कहा, "सुनिए, जब मैं कॉल करने की कोशिश कर रहा हूं तो मेरा मोबाइल क्या बोल रहा है. ये बोल रहा है कि कस्टमर केयर से बात करो. जब कस्टमर केयर से बात की तो वो कह रहे हैं कि रीचार्ज एक्यपायर हो गया है. इंटरनेट तो काम नहीं कर रहा, फिर कैसे किसी से बात कर पाएंगे? 12 बजे से कोशिश कर रहा हूं और अब 1 बज गया इसी सब में."

जियो के एक अन्य ग्राहक फ़ारूक़ अहमद की शिकायत भी यही है कि पिछले एक घंटे में वह एक भी कॉल नहीं कर पाए.

वह कहते हैं, "मेरा मोबाइल काम नहीं कर रहा. मैंने कस्टमर केयर से भी बात की मगर कोई फ़ायदा नहीं. हमारा एक मरीज़ अस्पताल मे भर्ती है. हम परिवार वालों को बताना चाहते थे कि ठीक हैं मगर फ़ोन काम ही नहीं कर रहा."

नेटवर्क तलाशता एक शख़्स

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इमेज कैप्शन, कई लोगों के मोबाइल फ़ोन नेटवर्क नहीं पकड़ रहे.

हताशा

सलमान के पास भी जियो का प्री ऑन पोस्ट कनेक्शन है और उन्हें भी रीचार्ज करने में दिक्कत आ रही है. वह कहते हैं, "मैं थोड़ा निराश हूं कि फ़ोन नहीं कर पा रहा. मेरे सभी दोस्त कश्मीर से बाहर हैं. उनसे बात करना चाहता हूं. देखते हैं क्या होता है."

गांदरबल के रहने वाले एक बीएसएनएल पोस्टपेड के ग्राहक ग़ुलाम नबी भी कॉल न कर पाने से झल्लाए हुए थे. उन्होंने कहा, "मेरा मोबाइल नो सर्विस दिखा रहा है. कई नंबर घुमाए मगर कोई फ़ायदा नहीं. कुछ ज़रूरी कॉल करने थे मगर नो सर्विस आ रहा है लगातार. पहले मोबाइल ठीक काम कर रहा था मगर सेवाएं बंद होने के बाद शुरू हुईं तो पता नहीं क्या हुआ."

बिलाल अहमद नाराज़ हैं. उन उनके चेहरे पर ख़ुशी है न कोई उत्साह. वह कहते हैं कि बिना फ़ोन रहने की तो अब आदत हो गई है.

वह कहते है, "बेशक मोबाइल फ़ोन शुरू हो गए हैं मगर न तो मैं कोई कॉल कर पा रहा हूं न कोई रिसीव कर पा रहा हूं. पता नहीं बिल पेंडिंग है या नहीं. चेक करूंगा इसे. लेकिन जहां तक एक्साइटमेंट की बात है, मुझे तो कोई उत्साह नहीं है. सभी संचार के साधन बंद थे तो हमें इसकी आदत हो गई. मैं चाहता हूं कि ये बंद ही रहे. सरकार अपनी नीति के तहत ऐसा कर रही है. कुछ दिन बाद फिर बंद कर देगी."

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