अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर से सम्बन्धित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू: पांच बड़ी ख़बरें

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाशीध जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से जुड़े सभी मामले जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ के पास भेजे हैं और यही पीठ इस सम्बन्ध में दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
जस्टिस गोगोई ने कहा था कि उनकी अध्यक्षता वाली बेंच अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में पहले से व्यस्त है और इसलिए जम्मू-कश्मीर मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती.
जस्टिस रमण की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं.
इस बेंच के सामने प्रेस की आज़ादी, संचार सुविधाओं पर रोक, लॉकडाउन की वैधता और आने-जाने पर पाबंदियों से जुड़ी याचिकाएं भेजी गई हैं.

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मध्यस्थता नहीं चाहता 'रामलला विराजमान'
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में 'रामलला विराजमान' के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो मामले के सौहार्दपूर्ण हल के लिए मध्यस्थता की प्रक्रिया में हिस्सा लेने के इच्छुक नहीं हैं.
'रामलला विराजमान' की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन ने मीडिया में आई कुछ ख़बरों का ज़िक्र करते हुए कहा कि वो इस मामले में मध्यस्थता नहीं जानते और पीठ से एक न्यायिक फ़ैसला चाहते हैं.
सोमवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम वादियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता निज़ाम पाशा ने हिंदू पक्षकारों की इन दलीलों का विरोध किया कि शरीया और क़ुरान के क़ानून के अनुसार बाबरी मस्जिद (का ढांचा) वैध नहीं थी और बाबर एक ग़ुनाहगार था.
इस पर न्यायमूर्ति भूषण ने पूछा कि क्या बादशाह पर क़ुरान में कही चीज़ें चालू नहीं होतीं?
इस बीच मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरा करने पर अपनी प्रतिबद्धता दुहराई है और कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वो शनिवार को भी सुनवाई के लिए बैठेंगे.

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गुजरात में बस पलटी
गुजरात के बनासकांठा जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में 21 श्रद्धालुओं की मौत हो गई.
आधिकारिक सूचना के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए लोग नवरात्र के मौके पर यहां के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में दर्शन करके लौट रहे थे.
इसी दौरान बरसात के कारण यात्रियों से भरी बस त्रिशूलिया घाट के पास अनियंत्रित होकर पलट गई. प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घटना पर शोक जताया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, ये हादसा सोमवार शाम में हुआ. हादसे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ज़िला कलेक्टर से बातचीत कर घायलों को तुरंत सहायता देने की बात कही है.
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चीफ जस्टिस ने नवलखा केस से ख़ुद को अलग लिया
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार करने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की याचिका पर सुनवाई से सोमवार को खुद को अलग कर लिया.
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मामले को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें, जिसमें मैं शामिल न रहूं. इस मामले को प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नज़ीर की पीठ के समक्ष पेश किया गया था.
महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में कैविएट दायर कर अनुरोध किया कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसकी बात सुनी जाए.
दरअसल, 13 सितंबर को बाम्बे हाईकोर्ट ने 2017 में कोरेगांव-भीमा हिंसा और कथित तौर पर माओवादी संपर्कों के लिए नवलखा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया था.

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अफ़गानिस्तान: अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने किया जीत का दावा
अफगानिस्तान में चुनाव परिणाम आने से पहले ही मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी पर अपनी जीत का दावा किया है.
उनके इस दावे से गृहयुद्ध के शिकार देश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है. अफ़ग़ानिस्तान में शनिवार को मतदान हुआ था.
अब्दुल्ला ने दावा किया है कि उन्हें ही सबसे अधिक वोट मिले हैं और इस वजह से दूसरे दौर में जाने का सवाल ही नहीं उठता.
उन्होंने कहा, "हमारे पास वोटों की संख्या अधिक है. पिछले एक और दो दिनों में हमने अलग-अलग प्रांतों में वोटों का आकलन किया और हमारे पास जो निष्कर्ष आए हैं उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि हम ही चुनावों में जीत रहे हैं. अगर धोखाधड़ी से डाले गए वोटों को नहीं गिना जाए तो हमारे पास वोटों की संख्या और अधिक हो जाएगी. मुझे लगता है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा चुनाव कराने की नौबत नहीं आएगी और हम सरकार बनाएंगे.''
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