चिदंबरम 19 सितंबर तक अब रहेंगे तिहाड़ में

चिदंबरम, Aircel-Maxis case, Anticipatory bail, P Chidambaram, Karti Chidambaram, Chidambaram-INX Media Case Today, Live News Updates

इमेज स्रोत, Getty Images

आईएनएक्स मीडिया मामले में अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है.

चिदंबरम की जमानत की अर्जी को ख़ारिज करते हुए सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज अजय कुमार कुहार ने ये आदेश दिया. इसका मतलब ये हुआ कि अब चिदंबरम को तिहाड़ जाना होगा.

ट्रायल कोर्ट के समक्ष चिदंबरम ने एक याचिका दाखिल कर मांग की कि न्यायिक हिरासत में रहते हुए जेल अधिकारियों को उनकी सुरक्षा के निर्देश दिए जाएं.

साथ ही उनकी मांग थी कि उन्हें एक अलग सेल में रखा जाए जहां वेस्टर्न टॉयलेट और बेड की सुविधा हो.

विशेष अदालत ने कहा है कि पी. चिदंबरम को अलग सेल में रखा जाए, उन्हें जेड सिक्योरिटी प्राप्त है, इसलिए जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हों.

इसके बाद चिदंबरम को बुधवार की देर शाम तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

पी. चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ़्तार किया था और जिसके बाद अब तक वो 15 दिन हिरासत में बिता चुके हैं.

चिदंबरम को तिहाड़ भेजे जाने के फ़ैसले के बाद उनके समर्थकों ने तिहाड़ के बाहर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किए.

प्रदर्शकों ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि "मोदी सरकार ने चिदंबरम के ख़िलाफ़ झूठे केस बनाए हैं, यह मोदी सरकार का राजनीतिक बदला है."

चिदंबरम, Aircel-Maxis case, Anticipatory bail, P Chidambaram, Karti Chidambaram, Chidambaram-INX Media Case Today, Live News Updates, Tihar

इमेज स्रोत, ANI

एयरसेल मैक्सिस मामला

इससे पहले, एयरसेल मैक्सिस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी.

विशेष जज ओपी सैनी ने चिदंबरम को राहत देते हुए उन्हें मामलों की जांच में सहयोग देने का निर्देश दिया.

कोर्ट ने कहा कि गिरफ़्तारी की स्थिति में उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जा सकता है.

इससे पहले बुधवार को ही पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

हिरासत में पूछताछ की मिली अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ की अनुमति दे दी है.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच ने यह आदेश दिया है. चिदंबरम ने ईडी की गिरफ़्तारी से बचने की लिए याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम उस याचिका को भी ख़ारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अग्रिम ज़मानत नहीं देने के दिल्ली हाई कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शुरुआत में अग्रिम ज़मानत देने से जांच प्रक्रिया बाधित होती है और यह मामला अग्रिम ज़मानत देने लायक नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध के मामले अलग होते हैं और इसे अलग तरीक़े से देखना चाहिए.

चिदंबरम

इमेज स्रोत, AFP

आईएनएक्स मीडिया मामला

305 करोड़ रुपये के विदेशी फ़ंड लेने के लिए फ़ॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफ़आईपीबी) की मंज़ूरी में कई तरह की अनियमितताएं बरतने को लेकर मीडिया कंपनी आईएनएक्स मीडिया के ख़िलाफ़ 15 मई, 2017 को सीबीआई ने एक एफ़आईआर दर्ज की थी.

जब साल 2007 के दौरान कंपनी को निवेश की स्वीकृति दी गई थी उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे.

चिदंबरम तब जांच एजेंसियों के रडार पर आए जब आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी से ईडी ने पूछताछ की.

ईडी ने इस संबंध में 2018 में मनी लांड्रिंग का एक मामला भी दर्ज किया था.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने अपने आरोप पत्र में लिखा है, "इंद्राणी मुखर्जी ने जांच अधिकारियों को बताया कि चिदंबरम ने एफ़आईपीबी मंज़ूरी के बदले अपने बेटे कार्ति चिदंबरम को विदेशी धन के मामले में मदद करने की बात कही थी."

कार्ति चिदंबरम

इमेज स्रोत, KARTI P CHIDAMBARAM FACEBOOK

इमेज कैप्शन, कार्ति चिदंबरम

'कार्ति चिदंबरम ने पैसों की मांग की थी'

सीबीआई ने पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को फ़रवरी 2018 में चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ़्तार कर लिया था.

उनके ख़िलाफ़ ये आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के ख़िलाफ़ संभावित जांच को रुकवाने के लिए 10 लाख डॉलर की मांग की थी. बाद में कार्ति चिदंबरम को कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी.

सीबीआई का कहना है कि आईएनएक्स मीडिया की पूर्व डायरेक्टर इंद्राणी मुखर्जी ने उनसे पूछताछ में कहा कि कार्ति ने पैसों की मांग की थी.

जांच एजेंसी के मुताबिक़ ये सौदा दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में तय हुआ था.

इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में हैं.

इंद्राणी मुखर्जी

इमेज स्रोत, FCEBOOK PAGE OF INDRANI MUKHERJEE

इमेज कैप्शन, इंद्राणी मुखर्जी

एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी है नाम

केंद्रीय जांच एजेंसी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल मैक्सिस सौदे में भी चिदंबरम की भूमिका की जांच कर रही है.

साल 2006 में मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ने एयरसेल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी. इस मामले में रज़ामंदी देने को लेकर चिदंबरम पर अनियमितताएं बरतने का आरोप है.

वो 2006 में हुए इस सौदे के वक़्त पहली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे. 2जी से जुड़े इस केस में चिदंबरम और उनके परिवार पर हवाला मामले में केस दर्ज है.

आरोप है कि विदेशी निवेश को स्वीकृति देने की वित्त मंत्री की सीमा महज़ 600 करोड़ है फिर भी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस डील को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की इजाज़त के बिना पास कर दिया गया.

लेकिन पी चिदंबरम ने हमेशा अपने और अपने बेटे के ख़िलाफ़ सभी इल्ज़ामों को ख़ारिज किया है. उनके अनुसार उनके ख़िलाफ़ इल्ज़ाम राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)