ईद के दिन घाटी के हालात और कैसे पढ़ी गई नमाज़?

श्रीनगर में नमाज़ पढ़ते लोग

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इमेज कैप्शन, ईद के मौक़े पर श्रीनगर में नमाज़ पढ़ते लोग

जम्मू कश्मीर प्रशासन और पुलिस ने दावा किया है कि घाटी में ईद शांति और राहत के माहौल में मनाई गई.

पुलिस के मुताबिक 'कानून व्यवस्था के एक-दो मामलों को छोड़कर घाटी में स्थिति सामान्य रही.'

वहीं, भारत प्रशासित कश्मीर में मौजूद बीबीसी संवाददाता आमिर पीरज़ादा के मुताबिक ईद के मौके पर श्रीनगर समेत घाटी के दूसरे ज़िलों में आवाजाही समेत दूसरी पाबंदियां बनी रहीं.

श्रीनगर में जामा मस्जिद और हज़रतबल दरगाह जैसी बड़ी मस्जिदों में नमाज़ नहीं पढ़ी गई. श्रीनगर में ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए निगरानी रखी गई और सौरा से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की रिपोर्टें मिलीं.

केंद्र सरकार के जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने के फ़ैसले के बाद से घाटी में तनाव बना हुआ है. सरकार की ओर से इंटरनेट पर पाबंदी समेत कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.

केंद्र के फ़ैसले के बाद कई जगह धारा 144 लगाई गई और कर्फ्यू भी लगाना पड़ा.

जम्मू कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (योजना आयोग) रोहित कंसल ने सोमवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि राज्य में ईद बेहद शांति और राहत के माहौल में मनाई गई.

उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन ने मौलवियों और लोगों के साथ बातचीत और मंडिया लगवाने समेत कई कदम उठाए थे.

कंसल ने दावा किया कि सरकार की नीति 'यथा संभव राहत मुहैया कराने की है और जितना हो सके उतने प्रतिबंध हटाने की है.लेकिन शरारती तत्वों को शांति बाधित नहीं करने दी जाएगी.'

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कंसल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणि ने बताया कि घाटी में ईद की नमाज़ शांति से हुई.

इस दौरान क़ानून व्यवस्था से जुड़े कुछ छोटे मामले सामने आए थे, जिन्हें सही तरीके से सुलझा लिया गया.

उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों को शुक्रिया भी कहा.

सुरक्षाकर्मी

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कैसे थे घाटी में हालात?

बीबीसी संवाददाता आमिर पीरज़ादा ने बताया कि कश्मीर में लॉक डाउन है और ये ईद भी इसी लॉक डाउन में गुज़री. उन्होंने बताया कि हर तरफ सुरक्षाबलों की तैनाती थी.

आमिर ने बताया कि श्रीनगर में जामा मस्जिद और हज़रतबल दरगाह जैसी बड़ी-बड़ी मस्जिदों में नमाज़ नहीं पढ़ी गई.

आमिर के अनुसार लोगों से कहा गया था कि वो अपने मोहल्लों-गलियों में छोटी-छोटी मस्जिदों में जाकर नमाज़ पढ़ें. उन्होंने बताया, ''लोगों पर बंदिशें थी, उन्हें सड़कों पर नहीं आने दिया गया.''

इस बीच ऐसी ख़बरें भी आई कि सौरा में लोग फिर से प्रदर्शन करने बाहर निकले, ये एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था.

आमिर के अनुसार श्रीनगर शहर में चारों ओर हेलिकॉप्टर और ड्रोन के ज़रिए नज़र रखी गई थी.

जम्मू में ईद की नमाज़ पढ़ते लोग

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प्रतिबंधों में मिलेगी ढील ?

उधर, रोहित कंसल ने दावा किया कि सरकार की नीति प्रतिबंधों में ढील देने की है.

उन्होंने कहा, "हम स्थिति को बेहद सावधानी से देख रहे हैं. सरकार की नीति यथा संभव राहत मुहैया कराने की है और जितना हो सके उतने प्रतिबंध हटाने की है. आपने शनिवार को प्रतिबंधों में ढील देखी. रविवार को और भी ज़्यादा ढील दी गई."

कंसल ने आगे कहा, "अगर आप शाम को बाज़ार का चक्कर लगाएं तो आप पाएंगे कि ट्रैफिक चल रहा है. लोगों को एक दूसरे को ईद की बधाई देने और मुलाकात करने की सहूलियत दी गई है लेकिन हम किसी भी शरारती तत्व को किसी भी कीमत पर शांति को बाधित करने नहीं देंगे. इसके लिए अगर कुछ प्रतिबंध लगाने की ज़रूरत हुई तो स्थानीय स्तर पर समीक्षा के बाद वो लगाए जाएंगे."

उन्होंने ये भी बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं भी सामान्य हैं.

आईजी पाणि ने लोगों से कहा कि वो सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की ओर से चलाए जा रहे 'दुर्भावनापूर्ण अभियान' से दूर रहें.

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहा हैं. इसका ज़ोरदार तरीके से खंडन किया गया है. हम नागिरकों से अनुरोध करते हैं कि वो शरारती तत्वों की ओर से चलाए जा रहे इस तरह के दुर्भावनापूर्ण अभियान को कोई तवज्जो न दें. हमने ये मामला सर्विस (सोशल मीडिया) देने वालों के सामने भी उठाया है जिससे वो क़ानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकें."

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