उन्नाव रेप पीड़िता की मां बोलीं- हमें भी मार देंगे तो क्या हुआ?

- Author, दिव्या आर्य
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
"कब तक डरेंगे? मार देंगे तो मार दें. जब इतने लोगों को मार दिया तो हम लोगों को भी मार देंगे...तो क्या हुआ?"
उन्नाव मामले में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रही पीड़ित की मां के इन शब्दों में हताशा साफ़ देखी जा सकती थी.
बीबीसी ने लखनऊ के उस अस्पताल में पीड़िता की मां से मुलाक़ात की, जहां उनकी बेटी आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखी गई हैं.
जब पीड़िता की हालत के बारे में पूछा गया तो उनकी मां ने कहा कि वह तीन दिन से उन्हें नहीं देख पाई हैं.
उन्होंने कहा, "परसों से नहीं देख पाई हूं बेटी को. वो कहते हैं अभी जाओ, अभी नहीं दिखाएंगे."
पीड़िता की मां ने बताया कि जब तीन दिन पहले उन्होंने बेटी को देखा था तो उसमें कोई सुधार नहीं था.
वह बताती हैं, "आंखें नहीं खोली थीं उसने. बात भी नहीं करती. तो क्या पता ठीक होगी या नहीं. भगवान जाने."
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'न्याय की उम्मीद नहीं'
पीड़िता की मां से पूछा गया कि इतना सब कुछ हो जाने के बाद ऐसा तो नहीं लगता कि इस मामले में शिकायत ही नहीं करनी चाहिए थी.
इसके जवाब में उन्होंने कहा, "अगर हम इनसे लड़ाई नहीं लड़ेंगे तब भी ये हमें परेशान करेंगे. लड़ाई बहुत भारी है."
नाउम्मीदी जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि न्याय मिलेगा.

घर के हालात को लेकर चिंता जताते हुए वह कहती हैं, "घर में कोई नहीं है, बस छोटे-छोटे बच्चे हैं. खर्चा संभालने वाला कोई नहीं बचा है, वे कहां जाएंगे."
उन्नाव मामले में पीड़िता ने परेशान होकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की थी.
इस बारे में पीड़िता की मां ने बताया, "बेटी कहने लगी कि चलो हिम्मत करते हैं और पूरा परिवार आत्महत्या कर लेता है. जब कोई कमाने-खिलाने वाला नहीं बचा है तो क्या करेंगे."
"मैंने कहा कि जब तुम मर जाओगी तो हम क्या करेंगे, हम भी साथ में मर जाएंगे."

'गिरफ़्तारी से भी नहीं मिली थी राहत'
पीड़िता की मां बताती हैं कि इस मामले में अभियुक्त बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर की गिरफ़्तारी के बाद भी उनके परिवार की मुश्किलें आसान नहीं हुई थीं.
वह कहती हैं कि उनका तो पूरा परिवार ख़त्म हो गया मगर विधायक को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा.
ग़ौरतलब है कि बीजेपी विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी.
विधायक इस समय जेल में हैं और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को ग़लत बताते हैं.
पीड़िता की मां ने बीबीसी से कहा, "मेरे पति की मौत हो गई. वे वापस नीचे नहीं आएंगे. उन्हें (विधायक को) बीवी-बच्चे, परिवार, नेतागिरी सब कुछ मिल जाएगा. हमें तो कुछ नहीं मिल पाएगा."
वह बताती हैं कि हमेशा उन्हें डर के साये में रहना पड़ता है.
एक दम निराशा भरे स्वर में उन्होंने कहा, "मगर हम कहते हैं कि चलो मार देंगे तो मार देंगे. ऐसा नहीं है कि हम बाहर नहीं जाएंगे, पानी नहीं लाएंगे. सब काम करेंगे. कब तक पड़े रहेंगे?"
उन्नाव रेप केस में अब तक क्या-क्या हुआ?
4 जून 2017: पीड़िता ने विधायक कुलदीप सेंगर के घर रेप का आरोप लगाया.
11 जून 2017: पीड़िता लापता हुई, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़
22 जून 2017: पीड़िता की कोर्ट में पेशी, बयान दर्ज़
04 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता आर्म्स एक्ट में गिरफ़्तार
09 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत
11 अप्रैल 2018: यूपी सरकार ने केस सीबीआई को सौंपा
13 अप्रैल 2018: विधायक गिरफ़्तार, सीबीआई ने की पूछताछ
11 जुलाई 2018: सेंगर अभियुक्त करार, सीबीआई की पहली चार्जशीट
28 जुलाई 2019: पीड़िता की कार को ट्रक ने टक्कर मारी
31 जुलाई, 2019: सीबीआई को सौंपी गई जांच
1 अगस्त, 2019: सभी केस दिल्ली ट्रांसफ़र
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