झारखंड में 'मॉब लिंचिंग' का मामला, अस्पताल में मुस्लिम युवक की मौत

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- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
'वह 17 जून की रात थी. मेरे शौहर जमशेदपुर से गाँव वापस लौट रहे थे, तभी घातकीडीह गाँव में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. चोरी का आरोप लगाकर रात भर उन्हें बिजली के पोल से बाँधकर रखा. उनसे ख़ूब मारपीट की गई और जय श्री राम व जय हनुमान बोलने के लिए कहा. नहीं बोलने पर मेरे शौहर को बहुत पीटा. सुबह होने पर उन्हें सरायकेला थाने की पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की जगह मेरे शौहर को ही चोरी के आरोप में जेल भेज दिया. उन्हें अंदरूनी चोटें भी थीं. इससे कल उनका इंतक़ाल हो गया.'
शाइस्ता परवीन यह कहते हुए दहाड़ मारकर रोने लगती हैं. कुछ ही महीने पहले उनका निकाह कदमडीहा गांव के तबरेज़ अंसारी से हुआ था. यह गाँव झारखंड के सरायकेला ज़िले के खरसांवा थाना क्षेत्र का हिस्सा है.
शाइस्ता ने बीबीसी से कहा, "मैंने पुलिस से इसकी लिखित शिकायत की है. उन्हें मेरी रिपोर्ट दर्ज कर मुझे इंसाफ़ दिलाना चाहिए. तबरेज़ सिर्फ 24 साल के थे. उनका क़त्ल किया गया है. इस मामले में पुलिस और जेल प्रशासन ने लापरवाही की है. इसकी उच्चस्तरीय जाँच होनी चाहिए."

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सरायकेला थाना के प्रभारी अविनाश कुमार ने मीडिया से कहा कि धातकीडीह गांव के लोगों ने तबरेज़ अंसारी को चोरी के आरोप में पकड़ा था.
थाना प्रभारी ने कहा, "ग्रामीणों ने तबरेज़ को धातकीडीह के कमल महतो की छत से कूदते हुए देखा था. उनके साथ दो और लोग थे, जो भाग गए."
"तबरेज़ को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. इसके बाद गाँव वालों ने उन्हें चोर बता कर हमारे हवाले किया. उनके ख़िलाफ़ चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी. हम इलाज कराने के बाद उन्हें कोर्ट ले गए. जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में सरायकेला जेल भेज दिया गया. इसमें पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है."
इधर, तबरेज़ की मौत के बाद सरायकेला सदर अस्पताल में तब हंगामा हो गया, जब जेल अधिकारी पोस्टमार्टम के लिए लाश लेकर पहुँचे.
कुछ देर हुए हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाया. तब तबरेज़ की लाश को जमशेदपुर भेजा गया.

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तबरेज की लिंचिंग का वीडियो
इस बीच तबरेज़ अंसारी की पिटाई के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें ग्रामीणों का समूह उन्हें पोल से बाँधकर पीट रहा है.
उससे नाम पूछे जाने के बाद उससे जय श्री राम और जय हनुमान के नारे लगवाए जा रहे हैं.
लिंचिंग के इस वीडियो में कुछ महिलाएँ भी दिख रही हैं. कुछ जागरूक लोगों ने ये वीडियो सरायकेला खरसांवा के एसपी को भी उपलब्ध कराया है.
मॉब लिंचिंग को लेकर झारखंड हमेशा से सुर्ख़ियों में रहा है. झारखंड जनाधिकार मोर्चा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मौजूदा भाजपा शासन में कम से कम 12 लोग यहाँ भीड़ द्वारा मारे गए.

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इनमें 10 मुसलमान हैं और 2 आदिवासी. अधिकतर मामलों में धार्मिक वैमनस्यता की बातें उभरीं और आरोपियों का संबंध भाजपा या विश्व हिंदू परिषद और उसके सहायक संगठनों से निकला.
रामगढ़ में हुई अलीमुद्दीन अंसारी की लिंचिंग के सजायाफ्ता अभियुक्तों को हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने पर उनका माला पहनाकर स्वागत करने के कारण नरेंद्र मोदी सरकार के तत्कालीन मंत्री जयंत सिन्हा की काफ़ी आलोचना हुई थी.
इसके बावजूद बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्होंने लिंचिंग के अभियुक्तों को केस लड़ने के लिए आर्थिक मदद भी दी थी.
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