झारखंड: मॉब लिंचिंग में 11 ‘गौरक्षक’ दोषी करार

इमेज स्रोत, Ravi Prakash/BBC
- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
झारखंड की रामगढ़ कोर्ट ने कथित तौर पर गाय का मांस ले जा रहे एक युवक की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) के मामले में 11 कथित गौ-रक्षकों को हत्या का दोषी करार दिया है.
इनमें से तीन लोगों के ख़िलाफ़ इस हत्या की साज़िश रचने का भी दोष सिद्ध हुआ है.
दोषी पाए गए लोगों में भारतीय जनता पार्टी की रामगढ़ ज़िला इकाई के मीडिया प्रभारी नित्यानंद महतो भी शामिल हैं. बाकी के अभियुक्त गौ रक्षा समिति से जुड़े हुए हैं.
कोर्ट अब 21 मार्च को इनकी सज़ा के बिंदुओं पर विचार करेगा. इस मामले की सुनवाई रामगढ़ के ज़िला व सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश की अदालत में चल रही थी. हाईकोर्ट के आदेश पर इस मुक़दमे की सुनवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया था.
देश में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां कोर्ट ने गौ-रक्षकों को हत्या का दोषी माना है.

इमेज स्रोत, Ravi Prakash/BBC
सरकार की तरफ़ से कोर्ट में इस मामले की पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक सुशील कुमार शुक्ल ने बीबीसी को बताया, ''इस मामले में कम से कम आजीवन कारावास और अधिकतम फांसी की सज़ा का प्रावधान है. हमलोग अदालत से फांसी की सज़ा देने की अपील करेंगे, क्योंकि यह रेयरेस्ट ऑफ़ द रेयर केस है.''
रांची से करीब 40 किलोमीटर दूर रामगढ़ में अलीमुद्दीन की हत्या पिछले साल 29 जून को कर दी गई थी. तब पुलिस ने अपनी जांच में माना था कि गौ-रक्षकों के एक दल ने अलीमुद्दीन का 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बाजाटांड़ इलाके में भीड़ देखकर उसके द्वारा गौमांस ढोए जाने का हल्ला किया.
इसके बाद भीड़ में शामिल लोगों ने सरेआम पीट-पीटकर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया. लोगों ने उसकी गाड़ी भी फूंक दी थी.

इमेज स्रोत, Ravi Prakash/BBC
अलीमुद्दीन अंसारी गिद्दी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही थी.
हालांकि उनकी पत्नी मरियम खातून ने कहा था कि अलीमुद्दीन पेशे से ड्राईवर थे. उनकी हत्या के मामले में कुल 12 लोगों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी. एक अभियुक्त जुवेनाइल था, लिहाज़ा उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट को ट्रांसफ़र कर दिया गया था.

इमेज स्रोत, Manoj
इस चर्चित मामले की सुनवाई के दौरान एक चश्मदीद की पत्नी की मौत सड़क दुर्घटना में रहस्यमय तरीके से हो गयी थी. वह मृतक अलीमुद्दीन की भाभी थीं. उन्हें एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने कुचल दिया था.
बहरहाल, अभियुक्तों के वकील का कहना है कि वह इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ऊंची अदालत में जाने की सोच रहे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












