श्रीलंका धमाकेः बेंगलुरु से छुट्टी मनाने कोलंबो पहुंचे ही थे और मारे गए

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- Author, इमरान कुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
श्रीलंका में रविवार को हुए धमाकों में कर्नाटक के भी आठ लोगों की मौत हुई है, जिनमें सत्ताधारी जनता दल सेकुलर के भी पांच कार्यकर्ता शामिल हैं.
मृतकों के परिवारों ने बताया कि ये लोग कोलंबो में एक होटल में नाश्ता करने गए थे जब वहाँ धमाका हुआ.
जेडीएस के ये कार्यकर्ता दक्षिण कर्नाटक में 18 अप्रैल को हुए मतदान के बाद छुट्टियां मनाने श्रीलंका गए थे.
हमले में मारे गए कार्यकर्ता शिवन्ना की बहन के पति एस शिवकुमार ने बीबीसी हिंदी से कहा, "वो सुबह आठ बजे के आसपास होटल पहुंचे थे, जहां से वो सीधे नाश्ते के टेबल पर गए और मारे गए."
कोलंबो गई टीम के अन्य दो कार्यकर्ताओं के परिवारों और सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पुष्टि की है कि एस आर नागराज और वी तुलसीराम की भी मौत हुई है.
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मौत की पुष्टि
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर जेडीएस कार्यकर्ता केजी हनुमंतराय और एम रंगप्पा के मारे जाने की पुष्टि की.
इसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दो अन्य पार्टी कार्यकर्ता, केएम लक्ष्मीनारायण और लक्ष्मण गौड़ रमेश की मौत की पुष्टि की.
लेकिन तब तक शिवकुमार को कोलंबो के अस्पताल के अधिकारियों ने फोन कर बताया कि उनके परिजन की मौत हो गई है. उन्होंने कहा, "मैं आज शाम की फ्लाइट से कोलंबो रवाना हो रहा हूं."
शिवकुमार ने कहा, "वो कोलंबो के लिए बेंगलुरु से तड़के सुबह (21 अप्रैल) निकले थे. जब उनकी टेबल के बगल में धमाका हुआ, तो हनुमंतराय और रंगप्पा एक टेबल पर थे और अन्य दूसरे टेबल पर बैठे थे."
नेलामंगला से जेडीएस विधायक डॉ. के श्रीनिवास मूर्ति ने कहा, "हम उन दोनों के बारे में कुछ भी पता नहीं लगा पा रहे हैं. वे दोनों अस्पताल में भी नहीं हैं."

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बुरी स्थिति में शव
जिस होटल में जेडीएस कार्यकर्ता ब्लास्ट में मारे गए, उसके दूसरे हिस्से में 60 साल की रज़ीना खादर कुक्कड़ी की भी मौत हो गई. वो नाश्ता करने के बाद अपने भाई का इंतज़ार कर रही थीं, जो उन्हें वापस लेने आ रहा था.
वो कोलंबो अपने इंजीनियर पति अब्दुल खादर कुक्कड़ी के साथ गई थीं, जो दुबई चले गए थे. रज़ीना होटल में अपने भाई का इंतज़ार कर रही थीं जो उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने वाले थे जहाँ से वो बेंगलुरु की फ़्लाइट लेने वाली थीं.
मेंगलुरू में रहने वाले रज़ीना के परिवार के सदस्य उस्मान कुक्कड़ी ने बीबीसी हिंदी से कहा, "वो (अब्दुल) सुबह की फ्लाइट से गई थी और जब धमाका हुआ तो उस वक़्त उसने अपना नाश्ता ख़त्म ही किया था. हमलोग सदमे में हैं. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया है. अमरीका से उनके बच्चों के आने तक उनके शव को रखा नहीं जा सकता था क्योंकि वह बहुत बुरी स्थिति में था."
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किस्मत से बचे फ़िल्म निर्माता
कन्नड़ फ़िल्म निर्माता सीआर मनोहर की जान किस्मत से बची है. कोलंबो के जिस शांगरी-ला होटल में धमाका हुआ, वहां उनका एक कमरा बुक था.
अपनी फ़िल्म की शूटिंग के लिए श्रीलंका में लोकेशन तय करने पहुंचे मनोहर ने कहा, "हमलोग एक दूसरा बड़ा सुईट चाहते थे जो पास के ताज समुद्रा होटल में उपलब्ध था और हम पिछली रात ही वहां चले गए थे."
उन्होंने कहा, "मैं देर से उठा और आवाज़ सुनी लेकिन महसूस नहीं हुआ कि क्या हुआ. जल्द ही एक होटल अटेंडेंट कमरे में आया और नाश्ते के लिए नीचे नहीं आने को कहा और कहा कि इसे कमरे में ही परोसा जाएगा. ज़ाहिर सी बात है कि वो डरे हुए थे और वो कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे."
मनोहर कहते हैं, "मेरे परिवार ने मुझ पर बहुत दबाव डाला और मैंने कोलंबो से पहली फ्लाइट ली और चेन्नई चला आया क्योंकि बेंगलुरु के लिए कोई डायरेक्ट फ्लाइट नहीं थी."
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