क्या अमेठी में राहुल गांधी की सुरक्षा को सचमुच ख़तरा था?

इमेज स्रोत, congress twitter video grab
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी में पर्चा भरने के दौरान सुरक्षा में चूक का मामला सामने आने के बाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है.
सोशल मीडिया सहित कई समाचार वेबसाइटों में कांग्रेस पार्टी के हवाले से एक चिट्ठी दिखाई जा रही है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेठी से पर्चा भरने के बाद राहुल गांधी जब पत्रकारों से बात कर रहे थे तभी कम से कम सात बार उनके सिर के पास लेज़र लाइट देखी गई.
मीडिया में जारी ख़बरों के अनुसार कांग्रेस पार्टी ने यह चिट्ठी गृह मंत्रालय को लिखी थी.
इस चिट्ठी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं का हवाला देते हुए लिखा गया है कि राहुल गांधी की जान को ख़तरा है और ऐसे में उनकी पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
चिट्ठी के अंत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला के हस्ताक्षर भी हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
कांग्रेस ने चिट्ठी को नकारा
राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक और उनके माथे पर हरे रंग की लेज़र का वीडियो सामने आने के बाद कई तरह की बातें सामने आने लगी.
मगर कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया है और कहा है कि उन्होंने गृह मंत्रालय कोई चिट्ठी नहीं लिखी है.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, ''एक बात आप पक्के तौर पर समझ लीजिए कि कांग्रेस ने गृह मंत्रालय को किसी तरह की चिट्ठी नहीं लिखी है. गृह मंत्रालय ने भी इस मामले में बहुत ही संतुलित, व्यापक और स्पष्ट उत्तर दिया है.''
इसके बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने पत्रकारों को गृह मंत्रालय का उत्तर पढ़कर भी सुनाया.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
गृह मंत्रालय का उत्तर
गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी की सुरक्षा से जुड़ा कोई पत्र नहीं मिला है.
गृह मंत्रालय के अनुसार उन्होंने अलग-अलग रिपोर्टों के आधार पर इस मामले का संज्ञान लिया कि अमेठी में राहुल गांधी पर हरे रंग की लेज़र देखी गई.
गृह मंत्रालय ने एसपीजी के डायरेक्टर से इसका पता लगाने का निर्देश दिया. एसपीजी के डायरेक्टर ने राहुल गांधी के उस वीडियो की जांच की और पाया कि वह हरी लाइट कांग्रेस के ही फ़ोटोग्राफर के मोबाइल फ़ोन की थी जो राहुल गांधी का वीडियो बना रहे थे.
इसके बाद एसपीजी के डायरेक्टर ने गृह मंत्रालय को बताया कि उन्होंने राहुल गांधी की सुरक्षा देखने वाले निजी स्टाफ को भी यह सूचना भेज दी है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस ने किसी भी तरह की चिट्ठी या राहुल गांधी की सुरक्षा चूक होने की बात से इंकार करती है खासतौर पर चुनाव के माहौल में जिन लोगों को एसपीजी सुरक्षा प्रदान है उनकी सुरक्षा में चूक पर वे संदेह नहीं करते.
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात में कोई शक़ नहीं है कि एसपीजी और गृह मंत्रालय अपनी ज़िम्मेदारी के प्रति सचेत है. चाहे वह देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा हो, कांग्रेस प्रमुख की सुरक्षा हो या देश की किसी भी अन्य पार्टी प्रमुख की सुरक्षा हो.

इमेज स्रोत, SAMEERATMAJ MISHRA/BBC
बुधवार को अमेठी में किया था रोड शो
राहुल गांधी ने बुधवार को अमेठी से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. पर्चा दखिल करने से पहले राहुल गांधी ने रोड शो किया.
रोड शो में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, बहनोई रॉबर्ट वाड्रा और उनके दोनों बच्चे भी शामिल थे.
इस रोड शो में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर मौजूद थे. अमेठी में राहुल गांधी का मुक़ाबला भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से है. राहुल ने केरल के वायनाड से भी नामांकन भरा है.
ये भी पढ़ेंः
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














